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31 अगस्त के बाद निरस्त होगे मेडिकल स्टोरो के लाइसेंस
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:34 AM IST
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सीतापुर। दवा कारोबार करने वाले व्यापारियों पर अब शिकंजा कसा जाएगा। पुराने ढर्रे के लाइसेंस से दवाखाना चला रहे व्यापारियों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। इससे बचने के लिए 31 अगस्त से पहले उनको लाइंसेंस के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस प्रक्रिया में उनको लाइसेंस की सभी जानकारी अपलोड करनी है। इस अवधि तक ऑनलाइन पंजीकरण न कराने वाले व्यापारियों के लाइसेंस स्वत: निरस्त हो जाएंगे। इसके बाद अगर कोई कारोबार करता मिला तो उस पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिले में 1600 फुटकर दवा विक्रेता व 300 थोक व्यापारी हैं। इन लोगों ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से लाइसेंस ले रखा है। इन लोगों ने पहले की तरह मैनुअल तरीके से लाइसेंस ले रखा है। इसकी आड़ में बहुत से व्यापारी अवधि निकल जाने के बाद भी कारोबार कर रहे हैं। अब शासन ने ऐसे व्यापारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।
इनकी रेगुलर मॉनीटरिंग करने के लिए सभी को ऑनलाइन लाइसेंस प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्देश के तहत व्यापारियों को 31 अगस्त से पहले अपने लाइसेंस का ऑनलाइन कराना होगा। इस प्रक्रिया में सभी लाइसेंसधारक आएंगे। इस अवधि के बाद ऑनलाइन न कराने वाले व्यापारियों के लाइसेंस निरस्त हो जाएंगे। अगर व्यापारी को अपना लाइसेंस बचाना है तो उन्हें यह प्रक्रिया अपनानी होगी। इससे सीधे तौर पर डीआई दवा कारोबारियों पर ऑफिस से ही बैठकर निगरानी कर सकेंगे।
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दवा कारोबारियों को अब फॉर्मासिस्ट को आधारकार्ड से लिंक करना होगा। ऑनलाइन तरीके से जानकारी भरने पर दवा कारोबारी को एक तो अपनी पूरी डिटेल भरनी होगी। साथ ही फॉर्मासिस्ट का आधारकार्ड भी भरना होगा। बिना फॉर्मासिस्ट का आधारकार्ड नंबर भरे भी लाइसेंस निरस्त हो जाएगा।
करा लें पंजीकरण
सभी दवा कारोबारी 31 अगस्त से पहले अपने लाइसेंस ऑनलाइन करा लें। फॉर्मासिस्ट की भी डिटेल पूर्ण कर लें। वरन् लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
नवीन कुमार, जिला औषधि निरीक्षक
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जिले में 1600 फुटकर दवा विक्रेता व 300 थोक व्यापारी हैं। इन लोगों ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग से लाइसेंस ले रखा है। इन लोगों ने पहले की तरह मैनुअल तरीके से लाइसेंस ले रखा है। इसकी आड़ में बहुत से व्यापारी अवधि निकल जाने के बाद भी कारोबार कर रहे हैं। अब शासन ने ऐसे व्यापारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है।
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इनकी रेगुलर मॉनीटरिंग करने के लिए सभी को ऑनलाइन लाइसेंस प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्देश के तहत व्यापारियों को 31 अगस्त से पहले अपने लाइसेंस का ऑनलाइन कराना होगा। इस प्रक्रिया में सभी लाइसेंसधारक आएंगे। इस अवधि के बाद ऑनलाइन न कराने वाले व्यापारियों के लाइसेंस निरस्त हो जाएंगे। अगर व्यापारी को अपना लाइसेंस बचाना है तो उन्हें यह प्रक्रिया अपनानी होगी। इससे सीधे तौर पर डीआई दवा कारोबारियों पर ऑफिस से ही बैठकर निगरानी कर सकेंगे।
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दवा कारोबारियों को अब फॉर्मासिस्ट को आधारकार्ड से लिंक करना होगा। ऑनलाइन तरीके से जानकारी भरने पर दवा कारोबारी को एक तो अपनी पूरी डिटेल भरनी होगी। साथ ही फॉर्मासिस्ट का आधारकार्ड भी भरना होगा। बिना फॉर्मासिस्ट का आधारकार्ड नंबर भरे भी लाइसेंस निरस्त हो जाएगा।
करा लें पंजीकरण
सभी दवा कारोबारी 31 अगस्त से पहले अपने लाइसेंस ऑनलाइन करा लें। फॉर्मासिस्ट की भी डिटेल पूर्ण कर लें। वरन् लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
नवीन कुमार, जिला औषधि निरीक्षक