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नहर कटने से 50 बीघा फसल जलमग्न
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लहरपुर (सीतापुर)। किसानों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। कहीं बेमौसम बारिश तो कहीं ओलावृष्टि किसानों की लगातार कमर तोड़ रही है। लहरपुर में नहर व सिंचाई विभाग के जिम्मेदरों की लापरवाही से किसानों की 50 बीघा गेहूं की फसल डूब गई है, इससे उनका बड़ा नुकसान हुआ है।
क्षेत्र के ग्राम मोहिद्दीनपुर नहर पुल के दक्षिण लहरपुर माइनर की पश्चिम पटरी लगभग डेढ़ मीटर फट जाने से किसानों की लाही और गेहूं की फसल पानी में डूब गई। क्षेत्र के किसान पंकज, राम प्रसाद, सुधीर, अशोक यादव, रामचंद्र, रफीक आदि के खेतों में पानी भर गया है। अभी तक नहर में पानी नहीं था और किसान सिंचाई के लिए परेशान थे।
दो दिन पूर्व ही नहर में पानी आया था। मंगलवार रात सर्वेश के खेत में नहर फट गई। जिससे सर्वेश की खेत में मिट्टी भर जाने से उनकी गेहूं की फसल नष्ट हो गई। किसानों ने आरोप लगाया है कि नहर की सफाई करके ठेकेदार द्वारा कचरा नहर में ही डाल दिया गया था। पानी आने पर गुलरी पुरवा पुल में कचरा फंस जाने से आगे पानी न जाने के कारण दबाव से नहर की पटरी फट गई और किसानों की खड़ी फसल पानी में डूब गई।
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अवर अभियंता शिव प्रताप ने बताया कि नहर कटने से पानी खेतों में भर गया है। पानी कम करके उसे रोक दिया गया है। गुरुवार तक तक नहर पटरी की मरम्मत कराकर पानी छोड़ा जाएगा।
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क्षेत्र के ग्राम मोहिद्दीनपुर नहर पुल के दक्षिण लहरपुर माइनर की पश्चिम पटरी लगभग डेढ़ मीटर फट जाने से किसानों की लाही और गेहूं की फसल पानी में डूब गई। क्षेत्र के किसान पंकज, राम प्रसाद, सुधीर, अशोक यादव, रामचंद्र, रफीक आदि के खेतों में पानी भर गया है। अभी तक नहर में पानी नहीं था और किसान सिंचाई के लिए परेशान थे।
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दो दिन पूर्व ही नहर में पानी आया था। मंगलवार रात सर्वेश के खेत में नहर फट गई। जिससे सर्वेश की खेत में मिट्टी भर जाने से उनकी गेहूं की फसल नष्ट हो गई। किसानों ने आरोप लगाया है कि नहर की सफाई करके ठेकेदार द्वारा कचरा नहर में ही डाल दिया गया था। पानी आने पर गुलरी पुरवा पुल में कचरा फंस जाने से आगे पानी न जाने के कारण दबाव से नहर की पटरी फट गई और किसानों की खड़ी फसल पानी में डूब गई।
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अवर अभियंता शिव प्रताप ने बताया कि नहर कटने से पानी खेतों में भर गया है। पानी कम करके उसे रोक दिया गया है। गुरुवार तक तक नहर पटरी की मरम्मत कराकर पानी छोड़ा जाएगा।