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स्थान बदल तेंदुए ने उड़ाई जिम्मेदार की नींद

Thu, 25 Apr 2019 12:20 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Apr 2019 12:20 AM IST
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स्थान बदल तेंदुए ने उड़ाई जिम्मेदार की नींद
अब तक तीन बार बदला जा चुका पिंजड़ा, पर नहीं मिल रही लोकेशन
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सरैंया (सीतापुर)। सदरपुर क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता से ग्रामीण हलकान है, वहीं तेंदुआ लगातार अपना स्थान बदलकर वन विभाग को छकाए हुए हैं। शायद यही वजह है कि जिम्मेदार उसकी उपस्थिति का पता नहीं लगा पा रहे है। बार-बार पिंजड़ा बदल रहे हैं। अब तक वन विभाग पिंजड़ा लगाने का तीन बार स्थान बदल चुका है मगर उसकी सही लोकेशन का पता लगाने में नाकाम रहा। इससे पूरे क्षेत्र में दहशत है।

वन विभाग ने आसपास के दर्जनों गांवों में अलर्ट जारी कर ग्रामीणों से समूह में खेतों और बाजार जाने तथा बच्चों को अकेले स्कूल व खेतों पर न भेजने की सलाह दी है। डरे सहमे ग्रामीण हाथों में लाठी-डंडे लेकर जहां बच्चों की रखवाली कर रहे हैं, वहीं मवेशियों और परिवार को बचाने के लिए दिन-रात जाग-जागकर ग्रामीण परेशान हैं।
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वन विभाग बेढ़ौरा में तेंदुए की आमद से इंकार कर रहा है, वहीं बेनी माधवपुर के आसपास मिले पगचिन्ह तेंदुए के होने की तस्दीक कर रहे हैं। शारदा सहायक नदी के किनारे जंगल व सड़क के आसपास घंटों दहाड़ने वाले तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं।
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सप्ताहभर से तेंदुआ पकड़ने के लिए लगाया गया वन विभाग का पिंजड़ा भी उसका चारा बंधा होने के बाद भी खाली पड़ा है। वन विभाग लगातार क्षेत्र में कांबिंग करने के साथ लोगों को असहाय होकर बचाव के लिए हिदायत दे रहा है। क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी से लोगों में भारी दहशत है।

पहली बार में बेनीमाधवपुर गांव में जब तेंदुए ने बछड़े को अपना निवाला बनाया तो वन विभाग हरकत में आ गया। वन विभाग द्वारा घटना के दूसरे दिन ही गांव से बाहर रामनरेश मौर्य के खेत के पास पिंजड़ा लगा दिया गया। दो दिन तक पिंजड़ा वहां लगा रहा।

इसके बावजूद जब तेंदुए के उधर जाने की कोई तस्दीक नहीं हुई तो पिंजरा वहां से हटाकर शारदा नहर के किनारे सरैंया महिपति सिंह के निकट लगा बकरी बांध दी गई। तीन दिन तक पिंजड़ा वहीं रखा रहा। पर वहां भी तेंदुआ नहीं पहुंचा। ऐसे में वन विभाग ने पिंजड़ा के एकबार फिर हटाकर अनुमान लगाकर बेनी माधवपुर गांव के सामने लगवा दिया।

इस मौके पर रेंजर बसंत सिंह, वन दरोगा जितेंद्र सिंह, अरविंद सिंह, वन आरक्षी सुशील सिंह, नंदलाल व चौकीदार बलगर मौजूद रहे। रेजर बसंत सिंह ने बताया कि मंगलवार रात रात बेढ़ौरा गांव में दो महिलाएं शौच के लिए गई थीं। इसी बीच झाड़ियों में किसी जंगली जानवर की हलचल सुनाई दी।


झाड़ियों में सरसराहट की आवाज सुनकर महिलाएं भाग खड़ी हुईं। गांव पहुंचकर महिलाओं ने जब परिवारीजनों को मामले की जानकारी दी तो बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जा पहुंचे और देर रात तक लाठी-डंडे लेकर कांबिंग करते रहे।
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