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जहरखुरानी गिरोह ने तीन बस यात्रियों को बनाया शिकार
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:05 AM IST
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सीतापुर-बिसवां मार्ग के किनारे दो यात्री मिले बेहोश, एक लापता
सीतापुर। रोडवेज बस में सफर कर रहे तीन यात्रियों को सोमवार की रात जहरखुरानों ने बेहोश करके लूट लिया है। इनमें दो यात्री मंगलवार की सुबह मानपुर थाना क्षेत्र में सड़क किनारे बेहोश पड़े मिले, जबकि एक यात्री अभी तक लापता है। परिवारीजनों को संदेह है कि शायद वह कहीं अन्य स्थान पर पड़ा होगा, जिसकी तलाश जारी है।
तीनों यात्री दिल्ली से बस में सवार होकर घर के लिए निकले थे। मानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पकरिया निवासी प्रमोद का पुत्र दिलीप (19), हरगांव के बरियाडीह निवासी वेदनाथ का पुत्र शालू (21) व मानपुर के ग्राम बन्नी बाजदार निवासी रामपाल का पुत्र सुभाष (19) काम करने के लिए दिल्ली गए थे।
बताया गया है कि तीनों दिल्ली की एक फैक्ट्री में काम करते थे। सोमवार की रात तीनों युवक एक बस में सवार होकर घर के लिए निकल पड़े। बताते हैं कि जिस बस में तीनों युवक सवार थे, उसमें जहरखुरानी गिरोह के बदमाश पहले से ही सवार थे।
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सफर के दौरान ही जहरखुरानों ने तीनों युवकों को किसी तरह से नशीला पदार्थ खिला दिया। जिसकी वजह से तीनों यात्री बेहोश हो गए। उनके बेहोश होते ही जहरखुरान उनके पास मौजूद करीब 30 हजार की नकदी, मोबाइल फोन आदि सामान लूटकर चलते बने।
इधर बस जब मानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सरैंया के निकट से गुजरी तो चालक व परिचालक दिलीफ व शालू को सीतापुर-बिसवां मार्ग के किनारे उतारकर चलते बने। मंगलवार की सुबह क्षेत्र के बाशिंदों ने दिलीप व शालू को सड़क किनारे बेहाल पड़ा देखा।
इसके बाद परिवारीजनों ने दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इन युवकों के साथ सफर कर रहे सुभाष का पता नहीं चल रहा है। इन युवकों के मिलने के बाद परिवारीजन सुभाष की तलाश में निकल पड़े थे। समाचार लिखे जाने तक उसका पता नहीं चल सका था।
बरेली के बाद तीनों का फोन हो गया ‘नॉट रीचेबल’
परिवारीजनों की माने तो दिलीप, शालू व सुभाष से दिल्ली से निकलते वक्त कॉल करके अपने-अपने परिवारीजनों को घर लौटने की बात बताई थी। बताते हैं कि रास्ते में कई बार इन युवकों ने अपने-अपने परिवारीजनों से बात की और यहां तक बताया कि वे बरेली के करीब पहुंच रहे हैं।
इसके बाद तीनों के ही फोन नंबर ‘नॉट रीचेबल’ बताने लगे। फोन पर बात न होने से परिवारीजनों को संदेह हो गया था कि उनके बच्चों के साथ कोई अनहोनी घटना हो गई है। यही वजह रही कि परिवारीजन युवकों की तलाश में निकल पड़े। उन्हें दिलीप व शालू तो मिल गए, लेकिन सुभाष की तलाश जारी है।
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सीतापुर। रोडवेज बस में सफर कर रहे तीन यात्रियों को सोमवार की रात जहरखुरानों ने बेहोश करके लूट लिया है। इनमें दो यात्री मंगलवार की सुबह मानपुर थाना क्षेत्र में सड़क किनारे बेहोश पड़े मिले, जबकि एक यात्री अभी तक लापता है। परिवारीजनों को संदेह है कि शायद वह कहीं अन्य स्थान पर पड़ा होगा, जिसकी तलाश जारी है।
तीनों यात्री दिल्ली से बस में सवार होकर घर के लिए निकले थे। मानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पकरिया निवासी प्रमोद का पुत्र दिलीप (19), हरगांव के बरियाडीह निवासी वेदनाथ का पुत्र शालू (21) व मानपुर के ग्राम बन्नी बाजदार निवासी रामपाल का पुत्र सुभाष (19) काम करने के लिए दिल्ली गए थे।
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बताया गया है कि तीनों दिल्ली की एक फैक्ट्री में काम करते थे। सोमवार की रात तीनों युवक एक बस में सवार होकर घर के लिए निकल पड़े। बताते हैं कि जिस बस में तीनों युवक सवार थे, उसमें जहरखुरानी गिरोह के बदमाश पहले से ही सवार थे।
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सफर के दौरान ही जहरखुरानों ने तीनों युवकों को किसी तरह से नशीला पदार्थ खिला दिया। जिसकी वजह से तीनों यात्री बेहोश हो गए। उनके बेहोश होते ही जहरखुरान उनके पास मौजूद करीब 30 हजार की नकदी, मोबाइल फोन आदि सामान लूटकर चलते बने।
इधर बस जब मानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सरैंया के निकट से गुजरी तो चालक व परिचालक दिलीफ व शालू को सीतापुर-बिसवां मार्ग के किनारे उतारकर चलते बने। मंगलवार की सुबह क्षेत्र के बाशिंदों ने दिलीप व शालू को सड़क किनारे बेहाल पड़ा देखा।
इसके बाद परिवारीजनों ने दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इन युवकों के साथ सफर कर रहे सुभाष का पता नहीं चल रहा है। इन युवकों के मिलने के बाद परिवारीजन सुभाष की तलाश में निकल पड़े थे। समाचार लिखे जाने तक उसका पता नहीं चल सका था।
बरेली के बाद तीनों का फोन हो गया ‘नॉट रीचेबल’
परिवारीजनों की माने तो दिलीप, शालू व सुभाष से दिल्ली से निकलते वक्त कॉल करके अपने-अपने परिवारीजनों को घर लौटने की बात बताई थी। बताते हैं कि रास्ते में कई बार इन युवकों ने अपने-अपने परिवारीजनों से बात की और यहां तक बताया कि वे बरेली के करीब पहुंच रहे हैं।
इसके बाद तीनों के ही फोन नंबर ‘नॉट रीचेबल’ बताने लगे। फोन पर बात न होने से परिवारीजनों को संदेह हो गया था कि उनके बच्चों के साथ कोई अनहोनी घटना हो गई है। यही वजह रही कि परिवारीजन युवकों की तलाश में निकल पड़े। उन्हें दिलीप व शालू तो मिल गए, लेकिन सुभाष की तलाश जारी है।