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तरीनपुर में 35 फीट रावण का चूर हुआ अहंकार
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सीतापुर। जिले में विजय दशमी पर्व का उल्लास हर तरफ नजर आ रहा है। शहर के तरीनपुर की 128 साल पुरानी रामलीला में सोमवार को ही 35 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। जहांगीराबाद व औलियापुर में भी सोमवार को रावण का पुतला दहन किया गया। कमलापुर व मछरेहटा में मंगलवार को रावण दहन किया जाएगा।
शहर के मोहल्ला तरीनपुर में अंग्रेजों के जमाने से रामलीला हो रही है। 128 वर्ष पुरानी रामलीला की परंपरा इस बार भी बखूबी निभाई गई। मथुरा से आई रामलीला कमेटी ने मनमोहक रूप से राम-रावण संवाद रखा। भगवान श्रीराम का रूप धरे कलाकार ने सोमवार को रावण रूपी कलाकार से युद्ध किया।
भगवान श्रीराम ने रावण की नाभि में निशाना साधते हुए तीर छोड़ा। तीर लगते ही भीषण गर्जना के साथ रावण धराशायी हो गया। रावण के वध के साथ ही पूरा मेला मैदान जय श्रीराम के जयघोष के साथ गूंज उठा। इसी बीच मैदान में खड़े रावण के पुतले को भगवान श्रीराम ने जलते हुुए तीर से आग लगा दी।
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तेज आतिशबाजी के साथ रावण का पुतला जल उठा। रामलीला मेला मैदान पर दर्शक रामलीला मंचन देख रोमांचित हो गए। यहां पर 35 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया था। जहांगीराबाद प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में सोमवार की सायं 5 बजे रावण दहन किया गया। यह मेला 11 दिनों तक चलता है।
मंगलवार को यहां भरत मिलाप व राजगद्दी के साथ 400 निराश्रितों को कंबल वितरित किया जाएगा। पिसावां क्षेत्र के औलियापुर में भी सोमवार को रावण दहन कर दिया गया। कमलापुर में मंगलवार को रावण दहन होगा। यहां कसमंडा स्टेट द्वारा दशहरा मेले का आयोजन किया जाता है। इस बार 30 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया है।
सदर बाजार में 51 फीट ऊंचा बना रावण का पुतला
शहर के सदर बाजार में 51 फीट ऊंचा रावण बनाया जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि पुतले में 2100 गोले लगाए गए हैं। यहां पर रावण दहन 10 अक्तूबर को किया जाएगा। रावण दहन की तैयारियां चल रही हैं।
शहर के सदर बाजार में बुधवार की सायं पांच बजे राम बारात एवं शोभा यात्रा सदर से प्रारंभ होकर शिवपुरी, आवास-विकास आदि मोहल्लों में भ्रमण करते हुए पुन: सदर वापस आएगी।
खैराबाद का दशहरा सबसे प्राचीन
जिले के खैराबाद में होने वाला दशहरा मेला सबसे प्राचीन है। आयोजक समिति के संजय श्रीवास्तव, रामेन्द्र व ओमप्रकाश ने बताया कि यह मेला 150 साल पहले ठाकुर बलदेव सहाय, चौधरी रामनरायन आदि ने शुरू किया था। उस परंपरा को आज तक निभाया जा रहा है।
कमलापुर में कसमंडा स्टेट की ओर से आयोजित किए जाने वाला दशहरा मेला लगभग 130 साल पुराना है। कसमंडा स्टेट के मैनेजर मधुकृष्ण पांडेय ने बताया राजघराने द्वारा वर्ष 1894 में राधा-कृष्ण ट्रस्ट की स्थापना हुई थी। रामलीला और दशहरा मेला उससे पहले से होता आ रहा है।
विभिन्न स्थानों पर रावण दहन का समय
शहर के सदर बाजार में 10 अक्तूबर की रात 10 बजे रावण दहन होगा। कमलापुर में आठ अक्तूबर की शाम चार बजे, मछरेहटा में मंगलवार की सायं पांच बजे रावण दहन होगा। पिसावां में मंगलवार की रात दो बजे रावण दहन होगा। लहरपुर में 10 अक्तूबर की शाम छह बजे रावण दहन होगा। सिधौली, सरैंया में 13 अक्तूबर की सायं पांच बजे रावण दहन किया जाएगा।
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शहर के मोहल्ला तरीनपुर में अंग्रेजों के जमाने से रामलीला हो रही है। 128 वर्ष पुरानी रामलीला की परंपरा इस बार भी बखूबी निभाई गई। मथुरा से आई रामलीला कमेटी ने मनमोहक रूप से राम-रावण संवाद रखा। भगवान श्रीराम का रूप धरे कलाकार ने सोमवार को रावण रूपी कलाकार से युद्ध किया।
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भगवान श्रीराम ने रावण की नाभि में निशाना साधते हुए तीर छोड़ा। तीर लगते ही भीषण गर्जना के साथ रावण धराशायी हो गया। रावण के वध के साथ ही पूरा मेला मैदान जय श्रीराम के जयघोष के साथ गूंज उठा। इसी बीच मैदान में खड़े रावण के पुतले को भगवान श्रीराम ने जलते हुुए तीर से आग लगा दी।
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तेज आतिशबाजी के साथ रावण का पुतला जल उठा। रामलीला मेला मैदान पर दर्शक रामलीला मंचन देख रोमांचित हो गए। यहां पर 35 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया था। जहांगीराबाद प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में सोमवार की सायं 5 बजे रावण दहन किया गया। यह मेला 11 दिनों तक चलता है।
मंगलवार को यहां भरत मिलाप व राजगद्दी के साथ 400 निराश्रितों को कंबल वितरित किया जाएगा। पिसावां क्षेत्र के औलियापुर में भी सोमवार को रावण दहन कर दिया गया। कमलापुर में मंगलवार को रावण दहन होगा। यहां कसमंडा स्टेट द्वारा दशहरा मेले का आयोजन किया जाता है। इस बार 30 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया है।
सदर बाजार में 51 फीट ऊंचा बना रावण का पुतला
शहर के सदर बाजार में 51 फीट ऊंचा रावण बनाया जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि पुतले में 2100 गोले लगाए गए हैं। यहां पर रावण दहन 10 अक्तूबर को किया जाएगा। रावण दहन की तैयारियां चल रही हैं।
शहर के सदर बाजार में बुधवार की सायं पांच बजे राम बारात एवं शोभा यात्रा सदर से प्रारंभ होकर शिवपुरी, आवास-विकास आदि मोहल्लों में भ्रमण करते हुए पुन: सदर वापस आएगी।
खैराबाद का दशहरा सबसे प्राचीन
जिले के खैराबाद में होने वाला दशहरा मेला सबसे प्राचीन है। आयोजक समिति के संजय श्रीवास्तव, रामेन्द्र व ओमप्रकाश ने बताया कि यह मेला 150 साल पहले ठाकुर बलदेव सहाय, चौधरी रामनरायन आदि ने शुरू किया था। उस परंपरा को आज तक निभाया जा रहा है।
कमलापुर में कसमंडा स्टेट की ओर से आयोजित किए जाने वाला दशहरा मेला लगभग 130 साल पुराना है। कसमंडा स्टेट के मैनेजर मधुकृष्ण पांडेय ने बताया राजघराने द्वारा वर्ष 1894 में राधा-कृष्ण ट्रस्ट की स्थापना हुई थी। रामलीला और दशहरा मेला उससे पहले से होता आ रहा है।
विभिन्न स्थानों पर रावण दहन का समय
शहर के सदर बाजार में 10 अक्तूबर की रात 10 बजे रावण दहन होगा। कमलापुर में आठ अक्तूबर की शाम चार बजे, मछरेहटा में मंगलवार की सायं पांच बजे रावण दहन होगा। पिसावां में मंगलवार की रात दो बजे रावण दहन होगा। लहरपुर में 10 अक्तूबर की शाम छह बजे रावण दहन होगा। सिधौली, सरैंया में 13 अक्तूबर की सायं पांच बजे रावण दहन किया जाएगा।