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आतिशबाजी से आसमान में बिखरी सतरंगी छटा
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मिश्रिख (सीतापुर)। फाल्गुन की अमावस्या से चल रहा होली परिक्रमा मेला बुधवार को दधीचि कुंड में बुड़की स्नान, आरती व विधिविधान से पूजन-अर्चन के साथ संपन्न हो गया। इस दौरान आतिशबाजी से आसमान में सतरंगी छटा बिखर गई। अब यह धार्मिक मेला सामाजिक मेले में परिवर्तित होकर लगभग एक माह तक चलता रहेगा।
महर्षि दधीचि की स्मृति में चल रहा होली परिक्रमा मेला और पंचकोसी परिक्रमा का बुधवार को होलिका दहन के साथ समापन हो गया। पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने दधीचि कुंड में डुबकी लगाकर स्नान किया। आश्रम के महंत देवानंद गिरि एवं मेलाधिकारी व एसडीएम राजीव पांडेय ने तीर्थ पुरोहित राहुल शर्मा के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के सा आरती के साथ पूजा-पाठ किया।
इसके बाद हर साल की तरह परंपरानुसार आतिशबाजी का आयोजन किया गया। आतिशबाजी से आसमान तरह-तरह की रोशनी से जगमगा उठा तो होली के समय दीपावली का नजारा दिखाई देने लगा। इस धार्मिक होली परिक्रमा मेला में देश के कोने-कोने से लाखों संत-महंत व श्रद्धालु मोक्ष की कामना लेकर भाग लेने आए थे। यह श्रद्धालु पूर्णिमा तिथि पर बुड़की स्नान कर अपने अपने घर वापस लौट गए। यह धार्मिक मेला अब सामाजिक मेले में परिवर्तित होकर एक माह तक चलेगा।
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महर्षि दधीचि की स्मृति में चल रहा होली परिक्रमा मेला और पंचकोसी परिक्रमा का बुधवार को होलिका दहन के साथ समापन हो गया। पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने दधीचि कुंड में डुबकी लगाकर स्नान किया। आश्रम के महंत देवानंद गिरि एवं मेलाधिकारी व एसडीएम राजीव पांडेय ने तीर्थ पुरोहित राहुल शर्मा के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के सा आरती के साथ पूजा-पाठ किया।
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इसके बाद हर साल की तरह परंपरानुसार आतिशबाजी का आयोजन किया गया। आतिशबाजी से आसमान तरह-तरह की रोशनी से जगमगा उठा तो होली के समय दीपावली का नजारा दिखाई देने लगा। इस धार्मिक होली परिक्रमा मेला में देश के कोने-कोने से लाखों संत-महंत व श्रद्धालु मोक्ष की कामना लेकर भाग लेने आए थे। यह श्रद्धालु पूर्णिमा तिथि पर बुड़की स्नान कर अपने अपने घर वापस लौट गए। यह धार्मिक मेला अब सामाजिक मेले में परिवर्तित होकर एक माह तक चलेगा।
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