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चौका नदी के किनारे मृत मिला मगरमच्छ
Updated Wed, 30 May 2018 11:00 PM IST
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वन विभाग ने बीमारी से मौत होना बताया, शरीर में पानी भी कम मिला
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह चौका नदी के किनारे एक मगरमच्छ मृत मिला। वन अधिकारियों का कहना है कि मगरमच्छ की मौत बीमारी के चलते हुई है। उसके शरीर में संक्रमण फैल गया था। इससे वह न तो शिकार कर पा रहा था और न ही पानी पी पा रहा था। पोस्टमार्टम कराने के बाद वन विभाग ने मगरमच्छ के शव को दफना दिया।
थाना क्षेत्र के ग्राम दूलामऊ निवासी कुछ ग्रामीण बुधवार को गांव के निकट से होकर गुजरी चौका नदी में मछलियों का शिकार करने गए थे। इसी दौरान उन्होंने नदी किनारे रेत पर एक मगरमच्छ पड़ा देखा। ग्रामीणों ने जब उसके शरीर में कोई हरकत नहीं देखी, तो सूचना वन विभाग को दी।
वन अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मगरमच्छ को पानी में वापस पहुंचाने का इंतजाम करने लगे। इसी बीच एक वनकर्मी ने बताया कि मगरमच्छ तो मर चुका है। इस पर वन अधिकारियों ने उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।
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पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मगरमच्छ के शरीर में संक्रमण हो गया था। जिसकी वजह से वह न तो अपना शिकार कर पा रहा था और न ही पानी पी पा रहा था। इस संबंध में रेंजर रमेशचंद्र यादव ने बताया कि मगरमच्छ की मौत बीमारी के चलते हुई है।
पांच फीट लंबा था
वन अधिकारियों का कहना है कि मृत पाया गया मगरमच्छ मादा था और उसकी लंबाई करी पांच फीट थी। उसकी उम्र एक वर्ष के करीब बताई जा रही है।
...तो पिछली बारिश में बहकर आया था
जिस चौका नदी में मगरमच्छ मृत पाया गया है। इन दिनों उस नदी का अधिकांश भाग सूखा पड़ा है। जबकि कुछ हिस्से में पानी मौजूद है। ऐसे में सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर यह मगरमच्छ वहां पर पहुंचा कैसे। हालांकि वन अधिकारियों का कहना है कि पिछली बरसात में शायद यह मगरमच्छ बहकर रामपुर मथुरा क्षेत्र में पहुंच गया। जिसके बाद जब पानी कम पड़ा। तब वह लौटकर वापस नहीं जा सका।
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रामपुर मथुरा (सीतापुर)। थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह चौका नदी के किनारे एक मगरमच्छ मृत मिला। वन अधिकारियों का कहना है कि मगरमच्छ की मौत बीमारी के चलते हुई है। उसके शरीर में संक्रमण फैल गया था। इससे वह न तो शिकार कर पा रहा था और न ही पानी पी पा रहा था। पोस्टमार्टम कराने के बाद वन विभाग ने मगरमच्छ के शव को दफना दिया।
थाना क्षेत्र के ग्राम दूलामऊ निवासी कुछ ग्रामीण बुधवार को गांव के निकट से होकर गुजरी चौका नदी में मछलियों का शिकार करने गए थे। इसी दौरान उन्होंने नदी किनारे रेत पर एक मगरमच्छ पड़ा देखा। ग्रामीणों ने जब उसके शरीर में कोई हरकत नहीं देखी, तो सूचना वन विभाग को दी।
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वन अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मगरमच्छ को पानी में वापस पहुंचाने का इंतजाम करने लगे। इसी बीच एक वनकर्मी ने बताया कि मगरमच्छ तो मर चुका है। इस पर वन अधिकारियों ने उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया।
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पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मगरमच्छ के शरीर में संक्रमण हो गया था। जिसकी वजह से वह न तो अपना शिकार कर पा रहा था और न ही पानी पी पा रहा था। इस संबंध में रेंजर रमेशचंद्र यादव ने बताया कि मगरमच्छ की मौत बीमारी के चलते हुई है।
पांच फीट लंबा था
वन अधिकारियों का कहना है कि मृत पाया गया मगरमच्छ मादा था और उसकी लंबाई करी पांच फीट थी। उसकी उम्र एक वर्ष के करीब बताई जा रही है।
...तो पिछली बारिश में बहकर आया था
जिस चौका नदी में मगरमच्छ मृत पाया गया है। इन दिनों उस नदी का अधिकांश भाग सूखा पड़ा है। जबकि कुछ हिस्से में पानी मौजूद है। ऐसे में सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर यह मगरमच्छ वहां पर पहुंचा कैसे। हालांकि वन अधिकारियों का कहना है कि पिछली बरसात में शायद यह मगरमच्छ बहकर रामपुर मथुरा क्षेत्र में पहुंच गया। जिसके बाद जब पानी कम पड़ा। तब वह लौटकर वापस नहीं जा सका।