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हालात बेकाबू, 28 गांव बाढ़ के पानी से घिरे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jul 2017 11:06 PM IST
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कटान कर रही नदी।
- फोटो : अमर उजाला
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बारिश व बैराजों से छोड़ जा रहे पानी से घाघरा नदी उफना रही है। रेउसा के 28 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। वहीं करीब 50 बीघा जमीन नदी में समा गई है। रेउसा के दुर्गापुरवा में नदी के कटान में दस बीघा खेती योग्य भूमि बह गई है।
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साथ ही फौजदार पुरवा का संपर्क मार्ग भी चपेट में आ गया है। हालात बेकाबू है। कटान से लहरपुर क्षेत्र में सोंसरी के निकट बनाए गए स्टड नदी में समा गए हैं। उधर, बैराजों से ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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बनबसा बैराज, घाघरा बैराज व शारदा बैराज से छोड़े गए पानी की वजह से रेउसा इलाके में घाघरा नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। गुरुवार रात घाघरा ने तटीय क्षेत्र के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया।
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दुर्गापुरवा व गोड़ियन पुरवा के निकट नदी कटान कर रही है। रजितराम, राम लखन व देशराज व किशोरी लाल की 10 बीघा मेंथा की फसल नदी में बह गई है। दुर्गापुरवा, कोनी के निकट नाले लबालब हैं।
खेत बाढ़ के पानी में डूबते जा रहे हैं। 50 बीघा खेती बाढ़ की चपेट में आ गई है। नदी का पानी आबादी की तरफ बढ़ने से लोग डरे हुए हैं। वहीं फौजदार पुरवा जाने वाला संपर्क मार्ग बाढ़ की चपेट में आ गया है।
क्षेत्र के दर्जिन रेती, कटैला पुरवा, रामलालपुरवा, जैतहिया, ठेकेदारपुरवा,पासिनपुरवा समेत 28 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। भयभीत लोगों ने घरेलू सामान समेटना शुरू कर दिया है। टापू पर बसे पचीसा, रेती पुरवा व बदहाली पुरवा गांवों का अन्य गांवों से संपर्क कट गया है।
वहीं प्रशासन की कार्रवाई महज कागजों तक ही सीमित है। उधर, लहरपुर में शारदा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। सोंसरी गांव के निकट स्टड पानी में डूब गए हैं। तटीय इलाके में नदी का पानी किनारों से महज 3 फीट नीचे ही बह रहा है।
क्षेत्र के सोंसरी, रतौली, सेमरिया, मूड़ी खेरा, काठकोला, खालेपुरवा, बुढनापुर, मोगलपुर आदि 41 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इन गांवों से शारदा नदी की दूरी महज 300 मीटर से 500 मीटर के अंदर है।