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Sitapur News: बारिश से बिछा 28 एकड़ धान, 2.5 एकड़ गन्ना
Mon, 28 Sep 2026 11:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 28 Sep 2026 11:56 PM IST
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सीतापुर। कृषि विज्ञान केंद्र कटिया के फार्म में तीन दिन तक तेज हवा के साथ लगातार हुई बारिश से भारी नुकसान हुआ है। तेज हवा के कारण खेत में खड़ी फसल जमीन पर गिर गई और कई प्रदर्शन इकाइयां क्षतिग्रस्त हो गईं। केंद्र के जिम्मेदारों ने बताया कि करीब 28 एकड़ में खड़ी धान की फसल व 2.5 एकड़ में लगा गन्ना हवा के थपेड़ों से जमीन पर बिछ गया।
फसल के इस तरह गिरने से न केवल उसकी बढ़वार रुक जाएगी वरन उत्पादन घटने के साथ कटाई में भी परेशानी आएगी। इसके अलावा करीब एक एकड़ में लगी सनई के बीज की फसल भी बारिश से पूरी तरह चौपट हो गई है।
आंधी से केंद्र में किसानों को दिखाने के लिए लगाई गई कई इकाइयों को भी नुकसान पहुंचा है। नर्सरी इकाई, श्री अन्न की प्रदर्शन इकाई और सब्जियों की मचान पर लगी इकाई पूरी तरह टूट गई है। इनमें लगे पौधे और बांस-बल्ली का स्ट्रक्चर भी बिखर गया है। पौधशाला के साथ पशुपालन, बकरी पालन और खरगोश पालन इकाइयों को भी क्षति पहुंची है। कितना नुकसान हुआ है, इसका हिसाब लगाया जा रहा है।
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कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. दया शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि तेज आंधी से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। 28 एकड़ धान और 2.5 एकड़ गन्ना गिरने से पैदावार पर असर पड़ेगा, जबकि सनई की एक एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शन इकाइयां किसानों को नई तकनीक सिखाने के लिए बनाई गई थीं। इनके टूटने से आगे होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी असर पड़ेगा। वैज्ञानिकों की टीम नुकसान का आकलन कर रही है। मौसम में अचानक हो रहा बदलाव खेती के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है।
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फसल के इस तरह गिरने से न केवल उसकी बढ़वार रुक जाएगी वरन उत्पादन घटने के साथ कटाई में भी परेशानी आएगी। इसके अलावा करीब एक एकड़ में लगी सनई के बीज की फसल भी बारिश से पूरी तरह चौपट हो गई है।
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आंधी से केंद्र में किसानों को दिखाने के लिए लगाई गई कई इकाइयों को भी नुकसान पहुंचा है। नर्सरी इकाई, श्री अन्न की प्रदर्शन इकाई और सब्जियों की मचान पर लगी इकाई पूरी तरह टूट गई है। इनमें लगे पौधे और बांस-बल्ली का स्ट्रक्चर भी बिखर गया है। पौधशाला के साथ पशुपालन, बकरी पालन और खरगोश पालन इकाइयों को भी क्षति पहुंची है। कितना नुकसान हुआ है, इसका हिसाब लगाया जा रहा है।
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कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. दया शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि तेज आंधी से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। 28 एकड़ धान और 2.5 एकड़ गन्ना गिरने से पैदावार पर असर पड़ेगा, जबकि सनई की एक एकड़ फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शन इकाइयां किसानों को नई तकनीक सिखाने के लिए बनाई गई थीं। इनके टूटने से आगे होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी असर पड़ेगा। वैज्ञानिकों की टीम नुकसान का आकलन कर रही है। मौसम में अचानक हो रहा बदलाव खेती के लिए बड़ी चुनौती बन रहा है।