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24 हजार बच्चों का नहीं हो सका नामांकन
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सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग के तमाम प्रयास के बावजूद स्कूल चलो अभियान का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। विभाग को 1.24 लाख नौनिहालों के दाखिले का लक्ष्य मिला था। करीब 24 हजार नौनिहालों को विद्यालयों में दाखिला नहीं दिलाया जा सका। लक्ष्य पूरा करने में शिक्षकों की तरफ से लापरवाही बरती गई। इस पर बीएसए ने शिक्षकों को नोटिस जारी किया है।
एक अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र 2022-23 की शुरुआत हो गई है। इस दौरान स्कूल चलो अभियान की शुरुआत शहर के मैथोडिस्ट मिशन स्कूल से की गई थी। राज्यमंत्री सुरेश राही व राकेश राठौर गुरू ने अभियान की सफलता के लिए शिक्षकों को जिम्मेदारी दी थी। शासन की तरफ से इस बार जिले को 1.24 लाख नौनिहालों को स्कूल में दाखिला दिलाए जाने का लक्ष्य दिया गया था। यह लक्ष्य 30 अप्रैल तक पूरा करने का समय तय किया गया था। इस दौरान शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करेंगे।
ड्राप आउट बच्चे व नौनिहालों का परिषदीय विद्यालयों में दाखिला दिलाएंगे। उनको बेहतर तरीके से पठन पाठन कराकर उनको सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। इस लक्ष्य को हासिल करने में तमाम शिक्षकों ने दिलचस्पी भी दिखाई। इनकी मेहनत की वजह से करीब एक लाख नये नौनिहालों का 30 अप्रैल तक स्कूलों में दाखिला दिलाया गया। करीब 24 हजार नए नौनिहाल इस लक्ष्य से कोसों दूर रह गए हैं। अब इस लक्ष्य को पूरा करने में बेसिक शिक्षा विभाग को जोर लगाना पड़ रहा है। इस दौरान लक्ष्य को पूरा न करने पर बीएसए ने तमाम शिक्षकों को नोटिस दिया है।
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डीबीटी के लिए तेज हुई तैयारी
पिछले शैक्षिक सत्र से नौनिहालों को ड्रेस, जूता मोजा, स्वेटर के लिए एक ही बार सीधे धनराशि दी जा रही है। एक नौनिहाल को 1100 रुपये मिल रहे है। इसके लिए अभिभावकों का खाता बैंक में होना चाहिए। इस बार यह लाभ देने के लिए विभाग की तरफ से तेजी से तैयारियां शुरू हो गई है। नए नौनिहालों का दाखिला लेकर उनकी पोर्टल पर जानकारी फीड की जा रही है। आधार नंबर भी लगाया जा रहा है। जिससे जब डीबीटी का लाभ मिलने का मौका आए तो कोई भी नौनिहाल इस लाभ से वंचित न रह जाए।
नई किताबों का कर रहे है इंतजार
परिषदीय विद्यालयों के शैक्षिक सत्र की शुरुआत हुए एक माह से अधिक हो गया है। अभी तक नौनिहाल पुरानी किताबों के सहारे ही पढ़ाई कर रहे हैं। नई किताबें न मिलने की वजह से उनको पढ़ाई में दिक्कतें आ रही है। इस दौरान बच्चे शिक्षकों से रोजाना किताबें मिलने की जानकारी करते रहते है। शिक्षक भी कोई सही जवाब नहीं दे पा रहे है। शिक्षकों का मानना है कि नई किताबें बच्चों को जुलाई से पहले मिलना मुश्किल है। 20 मई के बाद स्कूल बंद हो जाएंगे। उसके बाद जब बच्चे जुलाई में आएंगे तभी वह इनका लाभ हासिल कर सकेंगे।
हो रहे नए दाखिले
स्कूल चलो अभियान का करीब 85 फीसदी लक्ष्य पूरा हो गया है। इस समय भी नए दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही यह भी पूरा हो जाएगा।
अजीत कुमार, बीएसए
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एक अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र 2022-23 की शुरुआत हो गई है। इस दौरान स्कूल चलो अभियान की शुरुआत शहर के मैथोडिस्ट मिशन स्कूल से की गई थी। राज्यमंत्री सुरेश राही व राकेश राठौर गुरू ने अभियान की सफलता के लिए शिक्षकों को जिम्मेदारी दी थी। शासन की तरफ से इस बार जिले को 1.24 लाख नौनिहालों को स्कूल में दाखिला दिलाए जाने का लक्ष्य दिया गया था। यह लक्ष्य 30 अप्रैल तक पूरा करने का समय तय किया गया था। इस दौरान शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करेंगे।
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ड्राप आउट बच्चे व नौनिहालों का परिषदीय विद्यालयों में दाखिला दिलाएंगे। उनको बेहतर तरीके से पठन पाठन कराकर उनको सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे। इस लक्ष्य को हासिल करने में तमाम शिक्षकों ने दिलचस्पी भी दिखाई। इनकी मेहनत की वजह से करीब एक लाख नये नौनिहालों का 30 अप्रैल तक स्कूलों में दाखिला दिलाया गया। करीब 24 हजार नए नौनिहाल इस लक्ष्य से कोसों दूर रह गए हैं। अब इस लक्ष्य को पूरा करने में बेसिक शिक्षा विभाग को जोर लगाना पड़ रहा है। इस दौरान लक्ष्य को पूरा न करने पर बीएसए ने तमाम शिक्षकों को नोटिस दिया है।
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डीबीटी के लिए तेज हुई तैयारी
पिछले शैक्षिक सत्र से नौनिहालों को ड्रेस, जूता मोजा, स्वेटर के लिए एक ही बार सीधे धनराशि दी जा रही है। एक नौनिहाल को 1100 रुपये मिल रहे है। इसके लिए अभिभावकों का खाता बैंक में होना चाहिए। इस बार यह लाभ देने के लिए विभाग की तरफ से तेजी से तैयारियां शुरू हो गई है। नए नौनिहालों का दाखिला लेकर उनकी पोर्टल पर जानकारी फीड की जा रही है। आधार नंबर भी लगाया जा रहा है। जिससे जब डीबीटी का लाभ मिलने का मौका आए तो कोई भी नौनिहाल इस लाभ से वंचित न रह जाए।
नई किताबों का कर रहे है इंतजार
परिषदीय विद्यालयों के शैक्षिक सत्र की शुरुआत हुए एक माह से अधिक हो गया है। अभी तक नौनिहाल पुरानी किताबों के सहारे ही पढ़ाई कर रहे हैं। नई किताबें न मिलने की वजह से उनको पढ़ाई में दिक्कतें आ रही है। इस दौरान बच्चे शिक्षकों से रोजाना किताबें मिलने की जानकारी करते रहते है। शिक्षक भी कोई सही जवाब नहीं दे पा रहे है। शिक्षकों का मानना है कि नई किताबें बच्चों को जुलाई से पहले मिलना मुश्किल है। 20 मई के बाद स्कूल बंद हो जाएंगे। उसके बाद जब बच्चे जुलाई में आएंगे तभी वह इनका लाभ हासिल कर सकेंगे।
हो रहे नए दाखिले
स्कूल चलो अभियान का करीब 85 फीसदी लक्ष्य पूरा हो गया है। इस समय भी नए दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही यह भी पूरा हो जाएगा।
अजीत कुमार, बीएसए