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हाथ नहीं आ रहा तेंदुआ, पकडने को फिर लगाया गया पिंजरा

Mon, 22 Apr 2019 12:32 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Apr 2019 12:32 AM IST
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हाथ नहीं आ रहा तेंदुआ, पकडने को फिर लगाया गया पिंजरा
सदरपुर इलाके में तेंदुए की आमद से ग्रामीणों में दहशत
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महमूदाबाद/सरैंया (सीतापुर)। सदरपुर क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों की नींद हराम है। वन विभाग की टीम ने रविवार को शारद नहर के किनारे संरैया महिपत सिंह के पास पिंजड़ा लगाकर तेंदुए को फंसाने के जाल बुना है। साथ ही क्षेत्र के बेनीमाधवपुर व बढौरा गांव का भी दौरा किया।

एसडीओ रुस्तम परवेज, रेंजर बसंत सिंह, वन दारोगा जितेंद्र कुमार आदि की टीम ने रविवार को सदरपुर इलाके के बेनी माधवपुर व बेढौरा गांव में पहुंचकर तेंदुए द्वारा मवेशियों के शिकार किये जाने वाले स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम द्वारा अन्य कई स्थानों का भी जायजा लेकर तेंदुए की गतिविधियों का आकलन किया।
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इसके बाद टीम ने संरैया महिपत सिंह के सामने शारदा सहायक नहर की उत्तरी पटरी पर झाड़ियों के किनारे पिंजड़ा लगा दिया। इस स्थान पर मवेशियों के निरंतर पानी पीने जाते रहने के चलते नहर में उतरने के लिए कट वाला स्थान बना है।
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वन विभाग को उम्मीद है कि तेंदुआ अपनी भूख मिटाने के लिए शिकार कहीं भी करे, लेकिन वह पानी पीने के लिए 24 घंटे में एक बार नहर को जरूर आएगा। इसी अनुमान में वन विभाग द्वारा यहां पिंजड़ा लगाया गया है। रेंजर बसंत सिंह ने बताया कि तेंदुए की क्षेत्र में आमद की तस्दीक हो चुकी है। उसे पकड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं।

साथ ही आसपास के गांव के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। सप्ताह भर में तेंदुआ बेनीमाधवपुर व बेढौरा में दो मवेशियों को अपना शिकार बनाकर क्षेत्र में दहशत का पर्याय बना हुआ है। तेंदुए के खौफ से लोग रात को खेतों में जाने के लिए समूह बना कर निकलते हैं। अपने बच्चों को स्कूल भेजने व लेने के लिए भी लोग समूह में जाते हैं।


वनरोज के हमले से दो बुजुर्ग घायल
थानगांव। क्षेत्र के रामीपुर गोड़वा मजरा राधेपुरवा निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग बुद्धा व 60 वर्षीय रामसरन रबिवार की सुबह गांव के निवासी पुष्पेंद्र के दरवाजे पर बैठे थे। तभी अचानक किसी तरफ से भागता हुआ एक वनरोज आया और दोनों ग्रामीणों को कुचलता हुआ निकल गया। कुछ देर बाद यही वनरोज गांव के रामदास, रमेश के घर में घुस गया। वनरोज के हमले से घायल का ग्रामीणों ने प्राइवेट डॉक्टर से उपचार करवाया।
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