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अमान्य विद्यालयों की कुंडली दबाए बैठे है बीईओ

Wed, 18 Jul 2018 12:05 AM IST
Updated Wed, 18 Jul 2018 12:05 AM IST
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अमान्य विद्यालयों की कुंडली दबाए बैठे है बीईओ
बीएसए के कई निर्देश के बावजूद नहीं दी सूची, महोली में घटना होने के बावजूद नहीं रहे चेत
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सीतापुर। जिले में चल रहे अमान्य विद्यालयों पर बीईओ की सरपरस्ती बनी हुई है। इनकी देखरेख में गैर कानूनी तरीके से स्कूलों का धंधा फलफूल रहा है। बीईओ पर बीएसए के आदेश भी मायने नहीं रखे हैं। बीएसए के कई बार निर्देश के बावजूद अमान्य विद्यालयों की न तो कोई सूची सौंपी है न ही इसके बारे में अब तक हुई कार्रवाई से अवगत कराया है।

इससे एक तो विभाग शासन को सूची नहीं दे पा रहा है और न ही इन पर प्रभावी तरीके से लगाम लगा पा रहा है। इससे यह विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक, जिले में करीब एक हजार मान्यता प्राप्त विद्यालय है।
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एक साल पहले अमान्य विद्यालयों के खिलाफ चले अभियान में करीब दो सौ विद्यालय बिना मान्यता के चलते मिले थे। इस पर बीएसए ने इनके खिलाफ बीईओ को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। लेकिन उसके बाद इन विद्यालयों पर क्या कार्रवाई हुई विभाग को भी नहीं पता है।
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किसी भी बीईओ ने इनके बारे में कोई सूचना भी नहीं दी है। इसके बाद चालू शैक्षिक सत्र में बीएसए तीन बार बीईओ से अमान्य विद्यालय की सूची मांग चुके हैं। लेकिन अभी तक बीईओ ने सूची नहीं दी है। जबकि शासन से लगातार सूचनाएं मांगी जा रही है।

इससे इन विद्यालयों पर लगाम नहीं लग पा रही है। सूत्रों का कहना है कि यह अमान्य विद्यालय बिना बीईओ की सांठगांठ के नहीं चल सकते है। इसीलिए इनके खिलाफ न तो कोई कार्रवाई करते हैं न ही इनकी सूचना विभाग को देते हैं।

बीईओ की ही शह से यह विद्यालय धड़ल्ले से चल रहे हैं। अगर चालू शैक्षिक सत्र में इनके खिलाफ हुई कार्रवाई को देखा जाए तो केवल महोली में एक विद्यालय के खिलाफ एफआईआर हुई है। वह भी इसलिए क्योंकि वहां पर घटना घटित हो गई थी।

कई राजनेता व प्रभावशाली लोगों के हैं यह स्कूल
जिले में कई ऐसे अमान्य विद्यालय चल रहे हैं जिनके बारे में विभाग भी जानता है कि उनके खिलाफ जांच की गई। जिसमें इनकी पोल खुल गई। लेकिन राजनेताओं ने विभाग पर ही दबाव बनाकर कार्रवाई टाल दी है।

इन विद्यालयों को राजनेताओं का पूरा संरक्षण मिल रहा है। कार्रवाई से बचने के लिए यह विद्यालय मान्यता की फाइल जमा कर देते हैं। जब अधिकारी जाते हैं तो वह फाइल पेंडिंग होने की बात कहकर बच जाते है।

महोली घटना के बाद भी नहीं लिया सबक
कुछ दिन पहले ही महोली इलाके में एक अमान्य विद्यालय की टिनशेड गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। इस पर बीएसए ने विद्यालय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए बीईओ स्वदीप कनौजिया को वहां से हटा दिया था। इसके बावजूद बीईओ सबक नहीं ले रहे हैं। वह अपने इलाके में धड़ल्ले से अमान्य विद्यालय चला रहे हैं।

कक्षा पांच की मान्यता, आठ की कक्षाएं
अमान्य विद्यालय मान्यता की आड़ में भी खेल करते हैं। कई विद्यालय ऐसे हैं जिनकी मान्यता कक्षा पांच की है लेकिन वहां पर कक्षाएं आठ तक चला रहे हैं। इसकी खुलासा कई बार अधिकारियों के औचक मुआयने में हो चुका है।

अभी सकरन विकासखंड में विद्यालय में करंट उतरने से एक की मौत हो गई थी। इस विद्यालय की मान्यता पांच तक है लेकिन यहां पर कक्षाएं इससे ऊपर की चल रही है। यह सब बीईओ जानते हैं फिर भी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।


वर्जन
नहीं चलने दिया जाएगा विद्यालय
अमान्य विद्यालय किसी भी सूरत में नहीं चलने दिए जाएंगे। बीईओ से सूची मांगी गई है लेकिन वे लापरवाही बरत रहे हैं। अगर जल्द सूची नहीं आई तो इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-अजय कुमार, बीएसए
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