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बिना मान्यता के संचालित मिले 174 मदरसे
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सीतापुर। शासन के निर्देश पर किए गए सर्वे में जिले में 174 मदरसे बिना मान्यता के चलते मिले हैं। यह मदरसे आवामी चंदे से संचालित हो रहे थे। कुछ मदरसे दशकों से संचालित होते मिले हैं। अल्पसंख्यक विभाग ने इन मदरसों की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
जिले में संचालित गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का शासन ने 12 बिंदुओं पर सर्वे करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत तीन सदस्यीय समिति की ओर से सर्वे किया गया। समिति में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, बीएसए और संबंधित तहसील के एसडीएम सदस्य हैं। सर्वे में गैर मान्यता प्राप्त 174 मदरसों की रिपोर्ट तैयार की गई। इन मदरसों में दीनी तालीम दी जा रही है। कुछ मदरसों में अंग्रेजी सहित अन्य विषय भी पढ़ाए जा रहे हैं।
सर्वे में मदरसे दारुल उलूम नदवा और दारुल उलूम देवबंद से भी संबद्ध पाए गए है। जिले के आखिरी छोर पर महमूदाबाद तहसील में सर्वाधिक मदरसे संचालित हो रहे हैं। सदर और बिसवां तहसील दूसरे नंबर पर है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अफसर नरेश कुमार यादव ने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त 174 मदरसों का सर्वे किया गया है। इनकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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जिले में संचालित गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का शासन ने 12 बिंदुओं पर सर्वे करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत तीन सदस्यीय समिति की ओर से सर्वे किया गया। समिति में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, बीएसए और संबंधित तहसील के एसडीएम सदस्य हैं। सर्वे में गैर मान्यता प्राप्त 174 मदरसों की रिपोर्ट तैयार की गई। इन मदरसों में दीनी तालीम दी जा रही है। कुछ मदरसों में अंग्रेजी सहित अन्य विषय भी पढ़ाए जा रहे हैं।
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सर्वे में मदरसे दारुल उलूम नदवा और दारुल उलूम देवबंद से भी संबद्ध पाए गए है। जिले के आखिरी छोर पर महमूदाबाद तहसील में सर्वाधिक मदरसे संचालित हो रहे हैं। सदर और बिसवां तहसील दूसरे नंबर पर है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अफसर नरेश कुमार यादव ने बताया कि गैर मान्यता प्राप्त 174 मदरसों का सर्वे किया गया है। इनकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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