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जल्द मिलेगी सिटी स्कैन की सुविधा
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:18 AM IST
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जिला अस्पताल में जल्द लगेगी सीटी स्कैन मशीन
सीतापुर। जिले के मरीजों को अब सीटी स्कैन कराने के लिए लखनऊ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें यह सुविधा जिला अस्पताल में ही मिल सकेगी।
इसके लिए शासन ने जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाने के निर्देश दिए हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने अमल भी शुरू कर दिया है। जल्द अस्पताल में लोगों को सीटी स्कैन की सुविधा सुलभ हो जाएगी।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए 238 बेड का जिला अस्पताल है। जबकि 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 61 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं।
अस्पतालों का हाल यह है कि प्रतिदिन 6 हजार के आसपास मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल तक पहुंचते हैं।
प्रतिदिन आठ सड़क हादसे होते हैं। इनमें अधिकांश मरीजों को हेड इंजरी की शिकायत होती है। डॉक्टर सीटी स्कैन कराने की सलाह देते हैं।
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध न होने पर मरीजों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया जाता है। प्रतिदिन 4 से 5 मरीज सीटी स्कैन के लिए लखनऊ रेफर होते हैं।
इलाज में देरी से कई मरीजों की जान पर बन आती है। जिले में प्राइवेट संस्थानों में जो सीटी स्कैन मशीनें लगी हुईं हैं, उनका चार्ज इतना है, कि गरीब मरीज चाहकर भी सिटी स्कैन नहीं करा पाते हैं।
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अब शासन ने जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की मशीन लगाने की मंजूरी दे दी है। अस्पताल प्रशासन सीटी स्कैन की मशीन लगाने के लिए जगह भी दुरुस्त कर रहा है।
सब कुछ ठीक रहा तो जनवरी 2018 में जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा मिलने लगेगी। इससे मरीजों को अब लखनऊ तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
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सीतापुर। जिले के मरीजों को अब सीटी स्कैन कराने के लिए लखनऊ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें यह सुविधा जिला अस्पताल में ही मिल सकेगी।
इसके लिए शासन ने जिला अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाने के निर्देश दिए हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने अमल भी शुरू कर दिया है। जल्द अस्पताल में लोगों को सीटी स्कैन की सुविधा सुलभ हो जाएगी।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए 238 बेड का जिला अस्पताल है। जबकि 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 61 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं।
अस्पतालों का हाल यह है कि प्रतिदिन 6 हजार के आसपास मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पताल तक पहुंचते हैं।
प्रतिदिन आठ सड़क हादसे होते हैं। इनमें अधिकांश मरीजों को हेड इंजरी की शिकायत होती है। डॉक्टर सीटी स्कैन कराने की सलाह देते हैं।
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध न होने पर मरीजों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया जाता है। प्रतिदिन 4 से 5 मरीज सीटी स्कैन के लिए लखनऊ रेफर होते हैं।
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इलाज में देरी से कई मरीजों की जान पर बन आती है। जिले में प्राइवेट संस्थानों में जो सीटी स्कैन मशीनें लगी हुईं हैं, उनका चार्ज इतना है, कि गरीब मरीज चाहकर भी सिटी स्कैन नहीं करा पाते हैं।
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अब शासन ने जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की मशीन लगाने की मंजूरी दे दी है। अस्पताल प्रशासन सीटी स्कैन की मशीन लगाने के लिए जगह भी दुरुस्त कर रहा है।
सब कुछ ठीक रहा तो जनवरी 2018 में जिला अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा मिलने लगेगी। इससे मरीजों को अब लखनऊ तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।