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अपनी नीदें खराब कर पिता ने साकार किए बच्चों के सपने

Sat, 17 Jun 2017 10:19 PM IST
Updated Sat, 17 Jun 2017 10:19 PM IST
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अपनी नीदें खराब कर पिता ने साकार किए बच्चों के सपने
खुद संघर्ष कर बच्चों के सपनों को कर दिया साकार
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- किसानी कर तो किसी ने छोटी नौकरी कर बेटों को बनाया आईएएस
सीतापुर। उनकी जिंदगी संघर्ष से भरी रही, बावजूद इसके अपने बच्चों के लिए सुनहरे भविष्य के सपने संजोए। खुद खेत में हाड़ तोड़ मेहनत की, रातों की नींद हराम की, अपने खाने, रहने व अन्य जरूरतों में कटौती की, लेकिन बच्चों का भविष्य संवारने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। नतीजा उनके बच्चे आईएएस व पीसीएस जैसी परीक्षा पास कर अधिकारी बन गए। बच्चों के कामयाब होने पर उनके पिता अपने क्षेत्र में अन्य परिवारों के लिए आदर्श बने हुए हैं। जिले के कुछ ऐसे ही परिवारों से ‘अमर उजाला’ ने बात कर उनकी मेहनत का हाल जाना। ऐसे में हर परिवार के मुखिया ने बस एक ही बात कही, कि अगर मेहनत व लगन हो, तो बच्चों का भविष्य क्यों नहीं सुधारा जा सकता है। जरूरत है तो बच्चों के भविष्य पर ध्यान देने की।
खेतों में बोए तरक्की के सपने
खैराबाद क्षेत्र के बघौना निवासी कौशल अवस्थी पेशे से किसान हैं। कहते हैं कि उन्होंने अपने पुत्र शिवसहाय अवस्थी को आईएएस अधिकारी बनाने के लिए खेतों में तरक्की के सपने बोए थे। जब-जब खेत में हल चलाया और बीज बोए तो यह उम्मीद थी कि अच्छी फसल हो ताकि बच्चे को अच्छी शिक्षा दी जा सके। शिव सहाय अवस्थी की पढ़ाई के लिए खेतों में की गई मेहनत से आई आमदनी ही काम आई। नतीजा वर्ष 2011 में शिव सहाय अवस्थी ने सिविल सेवा की परीक्षा पास की। बताते हैं कि इन दिनों मेरा पुत्र डीएम रामपुर है। वह परिवार का बेहद ख्याल रखता है। अपने दूसरे पुत्र केदार नाथ अवस्थी को भी अधिकारी बनाने के प्रयास जारी हैं।
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एक आईएएस अधिकारी तो दूसरे को बनाया तहसीलदार
महमूदाबाद क्षेत्र के ग्राम शेखपुर बिलौली निवासी शिवशंकर लाल वर्मा के दो पुत्र हैं। शिवशंकर खुद तो हाईस्कूल तक ही पढ़े हैं, जिसके बाद खेती किसानी में जुट गए। उनके दो पुत्र मनोज कुमार वर्मा व अशोक कुमार वर्मा हैं। इनका भविष्य संवारने के लिए शिवशंकर लाल वर्मा ने अपनी रात की नींद व दिन सकून खो दिया। खेतों में हल चला कर बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दिया। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी तमाम जरूरतों को भूल गए। घर के खर्च में कटौती करके बच्चों की पढ़ाई पूरी की। नतीजा मनोज कुमार वर्मा ने 2008 में आईएएस की परीक्षा पास की। आज वे बिहार में रेलवे अधिकारी हैं। वहीं दूसरे पुत्र अशोक कुमार वर्मा पीसीएस की परीक्षा पास कर तहसीलदार बने हैं। शिवशंकर लाल कहते हैं कि ईश्वर ने उनकी मेहनत साकार की है।
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने पुत्र को बनाया काबिल
महोली के बड़ागांव निवासी सालिगराम यादव महोली क्षेत्र के एक कालेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। उन्होंने अपने बच्चों को अधिकारी बनाने के सपने संजोए। परिवार में रामनरेश, राम प्रकाश, वीरपाल व अजयपाल चार पुत्र हैं। इनमें अजय पाल ने पढने की रुचि दिखाई। जिसकी वजह से पिता ने उसे अफसर बनाने के लिए अपने खर्चे में कटौती करने लगे। नतीजा अजयपाल ने लोअर पीसीएस की परीक्षा पास की। आज अजय पाल सीबीसीआईडी में क्लास वन का अफसर है।
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