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अपूर्ण शौचालयों में रखा जा रहा घरेलू सामान
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पुराने शौचालयों की रंगाई-पुताई करा राशि का किया गबन
मिश्रिख (सीतापुर)। ब्लॉक क्षेत्र की अधिकांश ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत मानकविहीन शौचालय निर्मित हुए हैं। आधे-अधूरे शौचालयों होने से लाभार्थी उनमें घरेलू सामान रख रहे हैं। यही नहीं पुराने शौचालयों की रंगाई पुताई कराकर जमकर धांधली की गई है।
विकासखंड मिश्रिख की ग्राम पंचायत बेलहैया समग्र ग्राम होने के कारण लगभग 65 प्रतिशत लाभार्थियों के स्वच्छ शौचालय पहले से ही निर्मित हैं। यहां ग्राम प्रधान द्वारा पुराने शौचालयों की रंगाई पुताई कराकर जिओ टैग करा दिया गया है। यहां पर तैनात रोजगार सेवक विक्रम एवं उनके भाई अरविंद, रहीस तीनों लोगों के शौचालयों की राशि आहरित हो चुकी है।
लेकिन मौके पर सिर्फ एक ही शौचालय निर्मित कराया गया है। यहां के दुजई, अरुण, अंकित, ऊदन, ओमप्रकाश, रामचंद्र आदि दर्जनों लाभार्थियों के पुराने शौचालयों की रंगाई पुताई कराकर सरकारी राशि का गोलमाल किया गया है। सरन का शौचालय अभी तक अर्धनिर्मित है।
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ग्राम पंचायत साहब नगर में लगभग 50 प्रतिशत लाभार्थियों के शौचालय अभी तक निर्मित ही नहीं कराए गए हैं। निर्मित शौचालय आधे से अधिक अधूरे पड़े हैं। सुरेश, सुनील, रामचंद्र, प्रमोद सहित दर्जनों लाभार्थियों के शौचालयों में सीट और दरवाजा अभी तक नहीं लगा है।
नीलम देवी, संध्या, विशंभर, शिवभगवान, कीर्ति प्रसाद सहित अन्य लाभार्थियों के शौचालय अभी तक निर्मित ही नहीं कराए गए हैं। जिससे सभी लोग खुले में शौच जाने पर मजबूर हैं। ग्राम पंचायत संजराबाद में परसुराम, रामविलास, मंजेश, टन्नू, बड़कन्ने, मैना समेत 50 प्रतिशत लाभार्थियों के शौचालय अभी तक निर्मित ही नहीं कराए गए हैं।
रामसेवक का सरकारी आवास तो बना है पर उनका शौचालय निर्मित नहीं कराया गया है। यहां के लगभग 50 प्रतिशत लाभार्थी खुले में शौच जाने पर मजबूर हो रहे हैं। ग्राम पंचायत लश्करपुर में विशुनू, सूबेदार के शौचालय की बाउंड्री बनी है। अभी तक छत और सीट नहीं लगाई गई है।
कमलेश का शौचालय तो निर्मित है, लेकिन शौचालय के अंदर सीट नहीं लगी है। गुल्हन को दो शौचालय दिए गए हैं। पर एक ही शौचालय निर्मित कराया गया है। इन सभी शौचालयों में दो टैंक की जगह सिर्फ एक ही टैंक बनवाया गया है। ग्राम पंचायत बहुती में आसाराम, सुखपाल के शौचालय की बाउंड्री निर्मित है। अभी तक छत नहीं पड़ी है।
रामसहाय, छोटेलाल, रामरतन, हरिपाल, प्रेम आदि लाभार्थियों के शौचालय अभी तक निर्मित ही नहीं हुए हैं। निर्मित शौचालय स्वयं ग्राम प्रधान द्वारा बनवाए गए हैं। दो टैंक की जगह सिर्फ एक टैंक बनवाकर मानक विहीन निर्माण कार्य कराया गया हैं। इस प्रकार प्रधान एवं पंचायत सचिवों की मनमानी कार्यशैलीे के कारण अधोमानक शौचालय बनवाकर बड़े पैमाने पर राशि का दुुरुपयोग किया गया है।
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मिश्रिख (सीतापुर)। ब्लॉक क्षेत्र की अधिकांश ग्राम पंचायतों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत मानकविहीन शौचालय निर्मित हुए हैं। आधे-अधूरे शौचालयों होने से लाभार्थी उनमें घरेलू सामान रख रहे हैं। यही नहीं पुराने शौचालयों की रंगाई पुताई कराकर जमकर धांधली की गई है।
विकासखंड मिश्रिख की ग्राम पंचायत बेलहैया समग्र ग्राम होने के कारण लगभग 65 प्रतिशत लाभार्थियों के स्वच्छ शौचालय पहले से ही निर्मित हैं। यहां ग्राम प्रधान द्वारा पुराने शौचालयों की रंगाई पुताई कराकर जिओ टैग करा दिया गया है। यहां पर तैनात रोजगार सेवक विक्रम एवं उनके भाई अरविंद, रहीस तीनों लोगों के शौचालयों की राशि आहरित हो चुकी है।
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लेकिन मौके पर सिर्फ एक ही शौचालय निर्मित कराया गया है। यहां के दुजई, अरुण, अंकित, ऊदन, ओमप्रकाश, रामचंद्र आदि दर्जनों लाभार्थियों के पुराने शौचालयों की रंगाई पुताई कराकर सरकारी राशि का गोलमाल किया गया है। सरन का शौचालय अभी तक अर्धनिर्मित है।
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ग्राम पंचायत साहब नगर में लगभग 50 प्रतिशत लाभार्थियों के शौचालय अभी तक निर्मित ही नहीं कराए गए हैं। निर्मित शौचालय आधे से अधिक अधूरे पड़े हैं। सुरेश, सुनील, रामचंद्र, प्रमोद सहित दर्जनों लाभार्थियों के शौचालयों में सीट और दरवाजा अभी तक नहीं लगा है।
नीलम देवी, संध्या, विशंभर, शिवभगवान, कीर्ति प्रसाद सहित अन्य लाभार्थियों के शौचालय अभी तक निर्मित ही नहीं कराए गए हैं। जिससे सभी लोग खुले में शौच जाने पर मजबूर हैं। ग्राम पंचायत संजराबाद में परसुराम, रामविलास, मंजेश, टन्नू, बड़कन्ने, मैना समेत 50 प्रतिशत लाभार्थियों के शौचालय अभी तक निर्मित ही नहीं कराए गए हैं।
रामसेवक का सरकारी आवास तो बना है पर उनका शौचालय निर्मित नहीं कराया गया है। यहां के लगभग 50 प्रतिशत लाभार्थी खुले में शौच जाने पर मजबूर हो रहे हैं। ग्राम पंचायत लश्करपुर में विशुनू, सूबेदार के शौचालय की बाउंड्री बनी है। अभी तक छत और सीट नहीं लगाई गई है।
कमलेश का शौचालय तो निर्मित है, लेकिन शौचालय के अंदर सीट नहीं लगी है। गुल्हन को दो शौचालय दिए गए हैं। पर एक ही शौचालय निर्मित कराया गया है। इन सभी शौचालयों में दो टैंक की जगह सिर्फ एक ही टैंक बनवाया गया है। ग्राम पंचायत बहुती में आसाराम, सुखपाल के शौचालय की बाउंड्री निर्मित है। अभी तक छत नहीं पड़ी है।
रामसहाय, छोटेलाल, रामरतन, हरिपाल, प्रेम आदि लाभार्थियों के शौचालय अभी तक निर्मित ही नहीं हुए हैं। निर्मित शौचालय स्वयं ग्राम प्रधान द्वारा बनवाए गए हैं। दो टैंक की जगह सिर्फ एक टैंक बनवाकर मानक विहीन निर्माण कार्य कराया गया हैं। इस प्रकार प्रधान एवं पंचायत सचिवों की मनमानी कार्यशैलीे के कारण अधोमानक शौचालय बनवाकर बड़े पैमाने पर राशि का दुुरुपयोग किया गया है।