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जंगली जानवर ने बच्ची को बनाया निवाला
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जहांगीराबाद (सीतापुर)। सदरपुर थाना क्षेत्र के आमगौरिया गांव में शनिवार देर रात लघुशंका के लिए घर से बाहर निकली मासूम पर किसी जंगली जानवर ने हमला कर दिया और पड़ोस के खेत में लेकर उसे अपना निवाला बना लिया।
सुबह नींद खुलने पर परिवारीजनों ने उसे तलाशा तो पास के खेत में उसका क्षतविक्षत शव पाया। जानकारी पाकर एकत्रित ग्रामीणों ने खेत में कांबिंग की मगर जानवर का पता नहीं चला। सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। उधर, परिवारीजनों ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
आमगौरिया गांव निवासी कुतुबुद्दीन गांव के बाहर खेत में सरकारी आवास बनवा कर उसमें रहता है। रोज की तरह शनिवार को भी कुतबुद्दीन अपने परिवार सहित घर में सो रहा था। कुतुबुद्दीन के अनुसार देर रात उनकी पांच वर्षीय पुत्री मानिया बिना बताए लघुशंका के लिए घर से बाहर निकली थी। वह जैसे ही घर से बाहर निकली पहले से मौजूद किसी बड़े जंगली जानवर ने उस पर हमला बोल दिया और उठाकर खेतों की ओर भाग गया।
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परिवार के लोग जब तक जागकर उसे ढूंढते उससे पहले ही पड़ोस खेत में ले जाकर आदमखोर जानवर उस मासूम बच्ची को नोचकर खा गया। परिवारीजन का शोर सुनकर भारी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। साथ ही खेतों में कांबिंग भी की, लेकिन आदमखोर नहीं मिला।
ग्रामीणों ने बताया कि इस क्षेत्र में इससे पहले भी इस प्रकार की कई अन्य घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन आज तक कोई जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि ने कोई भी उपाय नहीं किया। खबर लिखे जाने तक पुलिस या वन विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा था। जिस कारण परिजनों ने भयंकर गर्मी को ध्यान में रखकर बालिका के क्षतविक्षत शव का अंतिम संस्कार कर दिया। जंगली जानवर के हमले से ग्रामीण डरे हुए हैं।
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सुबह नींद खुलने पर परिवारीजनों ने उसे तलाशा तो पास के खेत में उसका क्षतविक्षत शव पाया। जानकारी पाकर एकत्रित ग्रामीणों ने खेत में कांबिंग की मगर जानवर का पता नहीं चला। सूचना के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी। उधर, परिवारीजनों ने उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।
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आमगौरिया गांव निवासी कुतुबुद्दीन गांव के बाहर खेत में सरकारी आवास बनवा कर उसमें रहता है। रोज की तरह शनिवार को भी कुतबुद्दीन अपने परिवार सहित घर में सो रहा था। कुतुबुद्दीन के अनुसार देर रात उनकी पांच वर्षीय पुत्री मानिया बिना बताए लघुशंका के लिए घर से बाहर निकली थी। वह जैसे ही घर से बाहर निकली पहले से मौजूद किसी बड़े जंगली जानवर ने उस पर हमला बोल दिया और उठाकर खेतों की ओर भाग गया।
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परिवार के लोग जब तक जागकर उसे ढूंढते उससे पहले ही पड़ोस खेत में ले जाकर आदमखोर जानवर उस मासूम बच्ची को नोचकर खा गया। परिवारीजन का शोर सुनकर भारी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। साथ ही खेतों में कांबिंग भी की, लेकिन आदमखोर नहीं मिला।
ग्रामीणों ने बताया कि इस क्षेत्र में इससे पहले भी इस प्रकार की कई अन्य घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन आज तक कोई जिम्मेदार अधिकारी, कर्मचारी या जनप्रतिनिधि ने कोई भी उपाय नहीं किया। खबर लिखे जाने तक पुलिस या वन विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा था। जिस कारण परिजनों ने भयंकर गर्मी को ध्यान में रखकर बालिका के क्षतविक्षत शव का अंतिम संस्कार कर दिया। जंगली जानवर के हमले से ग्रामीण डरे हुए हैं।