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पति की गैर इरादत हत्या में पत्नी दोषी
Updated Tue, 22 Aug 2017 11:03 PM IST
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गैर इरादतन हत्या में पत्नी दोषी
सीतापुर। आपसी लड़ाई में पति पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा देने वाली महिला को अदालत ने गैर इरादतन हत्या का आरोपी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा द्वारा दिए गए इस निर्णय की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता अफान हसन सिद्दीकी द्वारा की गई।
मालूम हो, कि हरगांव थानाक्षेत्र के ग्राम मदारपुर की रहने वाली कमला देवी ने इस आशय की एक रिपोर्ट हरगांव थाने में दर्ज कराई थी। वादिनी के मुताबिक घटना वाले दिन वह शौच के लिए गई थी, घर वापस आने पर उसने अपने पुत्र पप्पू को जली हुई हालत में पाया।
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घर पर पोती खुश्बू ने रो-रोकर बताया कि लड़ाई के बाद मम्मी ने मिट्टी का तेल डालकर पापा को आग लगा दी। पप्पू को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय सीतापुर लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जिसके बाद वादिनी ने 8 अगस्त 2011 को अपनी बहू लता के विरुद्ध थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया। जिस पर विवेचना करते हुए पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने लता को घटना के लिए दोषी करार दिया गया। न्यायालय ने 10 वर्ष के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा के साथ अपने निर्णय में यह भी व्यवस्था दी, कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में आरोपी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा।
जबकि अर्थदंड जमा करने पर उसमें से 8 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देते हुए शेष बची धनराशि राजकीय कोष में जमा कराई जाए।
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सीतापुर। आपसी लड़ाई में पति पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा देने वाली महिला को अदालत ने गैर इरादतन हत्या का आरोपी पाते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अपर सत्र न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा द्वारा दिए गए इस निर्णय की अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता अफान हसन सिद्दीकी द्वारा की गई।
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मालूम हो, कि हरगांव थानाक्षेत्र के ग्राम मदारपुर की रहने वाली कमला देवी ने इस आशय की एक रिपोर्ट हरगांव थाने में दर्ज कराई थी। वादिनी के मुताबिक घटना वाले दिन वह शौच के लिए गई थी, घर वापस आने पर उसने अपने पुत्र पप्पू को जली हुई हालत में पाया।
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घर पर पोती खुश्बू ने रो-रोकर बताया कि लड़ाई के बाद मम्मी ने मिट्टी का तेल डालकर पापा को आग लगा दी। पप्पू को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय सीतापुर लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
जिसके बाद वादिनी ने 8 अगस्त 2011 को अपनी बहू लता के विरुद्ध थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया। जिस पर विवेचना करते हुए पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने लता को घटना के लिए दोषी करार दिया गया। न्यायालय ने 10 वर्ष के कठोर कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा के साथ अपने निर्णय में यह भी व्यवस्था दी, कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में आरोपी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा।
जबकि अर्थदंड जमा करने पर उसमें से 8 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देते हुए शेष बची धनराशि राजकीय कोष में जमा कराई जाए।