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गोमती नदी में डूबा कांवडिय़ा, नाराज लोगों ने किया प्रदर्शन
Updated Sun, 05 Aug 2018 11:04 PM IST
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नैमिषारण्य (सीतापुर)। नैमिषारण्य तीर्थनगरी में रविवार की शाम जल भरने गया एक कांवड़िया देव देवेश्वर के पास गोमती नदी में डूब गया। उसके डूबने के बाद तत्काल मदद न मिलने से कांवड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सीतापुर-हरदोई मार्ग जाम कर दिया। साथ ही वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। समाचार लिखे जाने तक पुलिस भीड़ को शांत कराने का प्रयास कर रही थी।
मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के नवेदिया गांव निवासी अटल शुक्ला (18) रविवार को जल भरने के लिए मोहल्ले के अन्य कांवड़ियों के साथ गोमती नदी में जल भरने गया था। बताते हैं कि वह देव देवेश्वर के निकट गोमती नदी में जल भर रहा था। इसी बीच पैर फिसलने से अटल शुक्ला नदी में गिर गया। बहाव तेज होने के कारण वह नदी की लहरों में समा गया।
घाट पर मौजूद लोग शोर मचाते रहे, लेकिन कोई उसकी मदद नहीं कर सका। करीब आधा घंटे बाद तक जब पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, तो अन्य कांवड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सीतापुर-हरदोई मार्ग पर जाम लगा दिया। साथ ही वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। समाचार लिखे जाने तक एक रोडवेज बस के शीशे तोड़ डाले गए थे।
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बवाल बढ़ने के बावजूद मौके पर पुलिस व प्रशासन का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा था। वहां हंगामा जारी था और अटल शुक्ला का शव निकाला नहीं जा सका था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अगर सुरक्षा के उपाय होते और तट पर गोताखोर तैनात होते, तो कांवड़िए की जान बचाई जा सकती थी। एसडीएम मिश्रिख राजीव पांडेय ने बताया कि वे मौके पर पहुंच रहे हैं। डूबने वाला युवक कांवड़िया नहीं है। वह क्षेत्र के एक गांव का निवासी है, जो नहाते समय डूब गया।
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मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के नवेदिया गांव निवासी अटल शुक्ला (18) रविवार को जल भरने के लिए मोहल्ले के अन्य कांवड़ियों के साथ गोमती नदी में जल भरने गया था। बताते हैं कि वह देव देवेश्वर के निकट गोमती नदी में जल भर रहा था। इसी बीच पैर फिसलने से अटल शुक्ला नदी में गिर गया। बहाव तेज होने के कारण वह नदी की लहरों में समा गया।
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घाट पर मौजूद लोग शोर मचाते रहे, लेकिन कोई उसकी मदद नहीं कर सका। करीब आधा घंटे बाद तक जब पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, तो अन्य कांवड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सीतापुर-हरदोई मार्ग पर जाम लगा दिया। साथ ही वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। समाचार लिखे जाने तक एक रोडवेज बस के शीशे तोड़ डाले गए थे।
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बवाल बढ़ने के बावजूद मौके पर पुलिस व प्रशासन का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा था। वहां हंगामा जारी था और अटल शुक्ला का शव निकाला नहीं जा सका था। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अगर सुरक्षा के उपाय होते और तट पर गोताखोर तैनात होते, तो कांवड़िए की जान बचाई जा सकती थी। एसडीएम मिश्रिख राजीव पांडेय ने बताया कि वे मौके पर पहुंच रहे हैं। डूबने वाला युवक कांवड़िया नहीं है। वह क्षेत्र के एक गांव का निवासी है, जो नहाते समय डूब गया।