{"_id":"5b5cb77d4f1c1b51748b792c","slug":"11532802941-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावन के पहले दिन झूम कर बरसे मेघ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन के पहले दिन झूम कर बरसे मेघ
Updated Sun, 29 Jul 2018 12:05 AM IST
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सीतापुर। सावन के पहले दिन शनिवार को मेघ झूमकर बरसे। शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक अच्छी बरसात होने से जनमानस को गर्मी से राहत मिली तो उनके चेहरे खिल उठे। वहीं, किसान भी इस बारिश से बेहद खुश हैं। बारिश का क्रम सुबह से शुरू होकर रुक-रुककर दोपहर तक चलता रहा। हालांकि दोपहर बाद बारिश थमने से धूप निकल आई। जिससे लोगों को थोड़ा उमस का अहसास हुआ।
पिछले कई दिनों से धूप-छांव का खेल जारी था। बीच-बीच में फुहारें भी पड़ रही थीं। बादल छाने पर गर्मी से कुछ राहत महसूस कर लोग बारिश होने का कयास लगाते थे। देखा जाए तो बीते पखवारे में दो-तीन बार बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश हुई, लेकिन थोड़ी सी बारिश गर्मी से राहत के बजाय उमस से लोगों की परेशानियां और बढ़ा दे रही थी।
पर्याप्त बारिश न होने से हर कोई परेशान था। इस बीच तीखी धूप निकलने से गर्मी के साथ ही उमस भी सताने लगती थी। शुक्रवार की देर रात अचानक आसमान में बादल चमकने के साथ गड़गड़ाहट शुरू हुई। बादलों की गरज के साथ तेज हवा के बीच झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से मौसम ठंडा हो गया और गर्मी से परेशान लोगों को कुछ राहत मिली।
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राहत के बीच लोग इस बात से परेशान रहे कि अगर कुछ ही देर बारिश हुई तो उमस में और इजाफा हो जाएगा। लेकिन बारिश का दौर शनिवार को भी जारी रहा। सावन के पहले दिन सुबह करीब आठ बजे से 9:15 बजे तक मेघ झूमकर बरसे। फिर रुक-रुककर धीमी और तेज बारिश दोपहर तक होती रही। बारिश होने से मौसम पूरी तरह से ठंडा हो गया।
बदली छाने से लोग आगे भी बारिश होने का कयास लगाते रहे। आम जनमानस के साथ बारिश से किसानों के चेहरे भी खुशी से खिल गए। धान की रोपाई के लिए तमाम किसानों ने खेतों की तरफ रुख कर लिया। वहीं, दोपहर करीब दो बजे के बाद आसमान साफ होने से धूप निकल आई। जिससे थोड़ी उमस बढ़ गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
शहर में सड़कों पर जलभराव बना मुसीबत
शहर में यूं तो ग्रामीण इलाकों के मुकाबले कम बारिश हुई। लेकिन इस बारिश ने शहर की जलनिकासी की पोल खोल दी। शहर के मोहल्ला खूबपुर, विकास नगर, भार्गव कॉलोनी, शिवम कॉलोनी, आवास विकास, विश्राम नगर, मुंशीगंज, पूर्णागिरि नगर, नई बस्ती आदि में सड़कों पर जलभराव हो गया। जिससे राहगीरों को आवागमन में दिक्कतें उठानी पड़ी।
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पिछले कई दिनों से धूप-छांव का खेल जारी था। बीच-बीच में फुहारें भी पड़ रही थीं। बादल छाने पर गर्मी से कुछ राहत महसूस कर लोग बारिश होने का कयास लगाते थे। देखा जाए तो बीते पखवारे में दो-तीन बार बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश हुई, लेकिन थोड़ी सी बारिश गर्मी से राहत के बजाय उमस से लोगों की परेशानियां और बढ़ा दे रही थी।
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पर्याप्त बारिश न होने से हर कोई परेशान था। इस बीच तीखी धूप निकलने से गर्मी के साथ ही उमस भी सताने लगती थी। शुक्रवार की देर रात अचानक आसमान में बादल चमकने के साथ गड़गड़ाहट शुरू हुई। बादलों की गरज के साथ तेज हवा के बीच झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से मौसम ठंडा हो गया और गर्मी से परेशान लोगों को कुछ राहत मिली।
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राहत के बीच लोग इस बात से परेशान रहे कि अगर कुछ ही देर बारिश हुई तो उमस में और इजाफा हो जाएगा। लेकिन बारिश का दौर शनिवार को भी जारी रहा। सावन के पहले दिन सुबह करीब आठ बजे से 9:15 बजे तक मेघ झूमकर बरसे। फिर रुक-रुककर धीमी और तेज बारिश दोपहर तक होती रही। बारिश होने से मौसम पूरी तरह से ठंडा हो गया।
बदली छाने से लोग आगे भी बारिश होने का कयास लगाते रहे। आम जनमानस के साथ बारिश से किसानों के चेहरे भी खुशी से खिल गए। धान की रोपाई के लिए तमाम किसानों ने खेतों की तरफ रुख कर लिया। वहीं, दोपहर करीब दो बजे के बाद आसमान साफ होने से धूप निकल आई। जिससे थोड़ी उमस बढ़ गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
शहर में सड़कों पर जलभराव बना मुसीबत
शहर में यूं तो ग्रामीण इलाकों के मुकाबले कम बारिश हुई। लेकिन इस बारिश ने शहर की जलनिकासी की पोल खोल दी। शहर के मोहल्ला खूबपुर, विकास नगर, भार्गव कॉलोनी, शिवम कॉलोनी, आवास विकास, विश्राम नगर, मुंशीगंज, पूर्णागिरि नगर, नई बस्ती आदि में सड़कों पर जलभराव हो गया। जिससे राहगीरों को आवागमन में दिक्कतें उठानी पड़ी।