फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   स्व कर प्रणाली से निर्धारित होगा हाउस टैक्स

स्व कर प्रणाली से निर्धारित होगा हाउस टैक्स

Tue, 11 Dec 2018 12:34 AM IST
Updated Tue, 11 Dec 2018 12:34 AM IST
विज्ञापन
स्व कर प्रणाली से निर्धारित होगा हाउस टैक्स
हर भवन के होंगे अलग-अलग रेट, इसके दायरे में आएंगे 24 हजार मकान स्वामी
विज्ञापन

सीतापुर। नगर पालिका ने अपनी आय बढ़ाने के लिए नगर क्षेत्र में स्व कर प्रणाली लागू होगी। अब नगरवासियों को इस प्रणाली के तहत ही हाउस टैक्स देना होगा। यह कर कितना होगा, इसके निर्धारण को नीति तैयार की जाएगी। यह फैसला सोमवार को नगर पालिका की बोर्ड बैठक में लिया गया।

नगर पालिका परिसर में आयोजित बोर्ड बैठक में ईओ सुरेद्र प्रताप ने बताया कि पालिका की आय बहुत कम है। सालाना 70-80 लाख की आय होती है। इस आय से विकास कराना संभव नहीं हैं। हम लोग दूसरे मद की प्रत्याशा में रहते है। इसलिए विकास कार्य कराना है तो आय बढ़ाना जरुरी है।
विज्ञापन


अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल व ईओ ने स्व कर प्रणाली का प्रस्ताव रखा। जिस पर कुछ सभासदों ने आपत्ति भी जताई। सभासदों का कहना है कि रेट का निर्धारण अधिक नहीं होना चाहिए। पहले सभासदों को रेट की जानकारी दी जाए। ईओ ने बताया कि इसके रेट आपसी बातचीत के बाद ही तय होंगे। पहले इस प्रणाली को लागू कर दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद सभी ने स्व कर प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया। इसके कितने रेट होंगे, यह बाद में तय किया जाएगा। अगली बोर्ड मीटिंग में रेट का निर्धारण होगा। इसके अलावा अन्य भी कई प्रस्ताव पास किए गए। इसके दायरे में 24 हजार मकान स्वामी आएंगे। यह लोग नगर पालिका को प्रतिवर्ष हाउस टैक्स दे रहे हैं।

क्या है स्व कर प्रणाली
स्व कर प्रणाली में मोहल्ला व कमरों के हिसाब से टैक्स तय कर दिया जाएगा। इसके बाद मकान मालिक एक फॉर्मेट पर यह लिखकर देंगे कि घर में इतने कमरे व खुला लॉन बना हुआ है। इस फॉर्मेट के आधार पर टैक्स कर दिया जाएगा।

अभी तक नगर पालिका के इंस्पेक्टर जाकर मकान का सर्वे करते हैं फिर रेट तय करते हैं। इस प्रणाली में मकान मालिक खुद ही टैक्स तय कराएंगे। इसके अलावा इसमें मकान, कॉमर्शियल जमीन व गरीब लोगों के लिए अलग-अलग रेट होगा। अगर एक ही सड़क पर गरीब व अस्पताल हैं तो दोनों का टैक्स भी अलग होगा।

अमृत योजना के तहत होगा पार्कों का कायाकल्प
अमृत योजना के तहत शहर के पार्कों का कायाकल्प किया जाएगा। लालबाग पार्क के सौंदर्यीकरण की डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है। अब महाराणा प्रताप पार्क, लोहारबाग पार्क व वैदही वाटिका के सौंदर्यीकरण की डीपीआर भी भेजी जाएगी। इससे इनकी सूरत में भी चार चांद लग सकेंगे।

कूड़ा उठवाने को खरीदे जाएंगे 200 ठेला व ठेलिया
नगर को साफ सुथरा बनाए रखने व मोहल्लों से कूड़ा उठवाने के लिए 200 ठेला खरीदने का प्रस्ताव पास हुआ। इसके लिए प्रति वार्ड के लिए एक नई ठेलिया खरीदी जाएगी। नगर पालिका में इस समय 150 सफाई कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। इसलिए तब तक 30 ठेके पर सफाई कर्मचारी रखे जाएंगे।

नदारद रहे सफाई इंस्पेक्टर
नगर पालिका द्वारा कई मामलों में कार्रवाई कर दी जाती है। लेकिन इसका बाइलाज नगर पालिका के पास नहीं है। आखिर उस मामले में कितना जुर्माना किया जाए। इस पर बाइलाज बनाने का प्रस्ताव पास हुआ। ईओ ने बताया कि सात बाइलाज हैं। जब सभासदों ने बाइलाज पहले दिखाने को कहा तो ईओ ने बताया कि आपके पास भेज दिए गए हैं।

लेकिन सभासदों ने इनसे इंकार कर दिया। इस पर ईओ ने सफाई इंस्पेक्टर कमल को बुलाया लेकिन वह बैठक से नदारद रहे। सभासद उन पर कार्रवाई की मांग करने लगे। इस पर उन्होंने फोन करके पूछा तो कमल ने बताया कि मेरे पास रखे हुए हैं। सभासदों ने ऐसे लापरवाह कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पालिका नहीं एजेंसी उठाएंगी कूड़ा
नगर क्षेत्र से कूड़ा उठाने के लिए अब एक एजेंसी को काम दिया जाएगा। इसका प्रस्ताव बोर्ड में पास हुआ। जिसमें शुरुआत में एजेंसी प्रति घर से मकान एरिया के अनुसार 100 व 50 रुपये प्रति महीने वसूल करेगी। इस पर सभासदों ने आपत्ति जताई।

कहा कि इसका भार जनता पर न डाला जाए। बैठक में तय हुआ कि शुरुआत के तीन महीने नगर पालिका एजेंसी को पैसा देगी। उसके बाद रिस्पांस मिलने पर जनता पर कुछ बोझ डाला जाएगा।

बेहतर करने पर मिलेगा इनाम
स्वच्छ सर्वेक्षण 4 से 30 जनवरी 2019 के मध्य होगा। इसके लिए स्वच्छ वातावरण प्रोत्साहन समिति को नए सिरे से गठित करने का निर्णय लिया गया। अब इस कमेटी में सभासद शामिल होंगे। जिले से तीन वार्ड चुने जाएंगे।

एक वार्ड सीतापुर नगर पालिका से व दो वार्ड अन्य निकाय के होंगे। जिसमें 10 लाख प्रथम स्थान, 7 लाख द्वितीय व पांच लाख तृतीय स्थान पाने वाले वार्ड को मिलेगा। ईओ ने सभासदों से अपना वार्ड स्वच्छ व साफ सुथरा बनाए रखने की अपील की।

खराब हैंडपंपों का मुद्दा भी उठा
बोर्ड बैठक में अधिकांश सभासदों ने खराब हैंडपंपों का मुद्दा उठाया। कहा कि जलकल अभियंता से कई बार शिकायत की जा चुकी है। पांच माह से हैंडपंप खराब पड़े हैं लेकिन अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है। जेई ने बताया कि एक लाख का सामान खरीद लिया गया है।

जल्द ही हैंडपंप दुरुस्त करा दिए जाएंगे। लेकिन जेई की बातों पर सभासदों को यकीन नहीं हुआ। इस पर ईओ ने कहा कि प्रत्येक वार्ड के खराब हैंडपंप की फाइल अलग से बनवाई जाए।


1300 फाइल हैं लंबित
दाखिल खारिज करने पर चल रहे विवाद के चलते 1300 फाइलें पेंडिंग पड़ी हुई हैं। इस पर तय हुआ कि दाखिल खारिज में पहले सभासद संस्तुति करेंगे। उसके बाद संपत्ति विभाग की मुहर लगने के बाद अध्यक्ष की अनुमति से दाखिल खारिज कर दी जाएगी। जल्द ही सभी फाइलें निपटा दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed