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बेसलाइन सर्वे से वंचित परिवारों के भी बनेंगे शौचालय
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:33 PM IST
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सीतापुर। जिले के गरीब परिवारों के लिए अच्छी खबर है। 2012 के बेसलाइन सर्वे में शामिल होने से छूटे पात्र परिवारों के अब शौचालय बनेंगे। इनके चयन को विशेष सर्वेक्षण अभियान चलेगा। तीन अक्तूबर से शुरू होकर ये अभियान सात नवंबर तक चलेगा।
बता दें कि वर्ष 2012 में गरीब परिवारों का बेसलाइन सर्वे कराया गया था। इसके आधार पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत चयनित पात्रों को शौचालय आवंटित किए गए थे। साथ ही धनराशि आवंटित कर इनके शौचालयों का निर्माण कराया गया था। इसके बावजूद बहुतायत संख्या में ऐसे गरीब परिवार हैं, जो बेसलाइन सर्वे में सम्मिलित होने से रह गए थे। जिस कारण इन्हें शौचालय आवंटित नहीं हो पाए थे।
इसे देखते हुए शासन ने बेसलाइन सर्वे से वंचित परिवारों का एक बार फिर विशेष अभियान चलाकर सर्वे कराने का फैसला लिया है। शासन से जारी आदेश के मुताबिक तीन अक्तूबर को व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए जिला स्तर पर संबंधित सभी अफसरों की ब्रीफिंग होगी। गांव स्तर के वर्करों को चार अक्तूबर को ब्लॉक पर ट्रेनिंग दी जाएगी।
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शौचालय निर्माण प्रोत्साहन राशि के लिए पात्रों के अतिरिक्त पात्रता श्रेणी से इतर शौचालय विहीन परिवारों का भी चिन्हांकन पांच से 12 अक्तूबर तक किया जाएगा। 13 अक्तूबर को चिह्नित लाभार्थियों की सूची ग्रामसभा के नोटिस बोर्ड पर चस्पा होगी। 14 से 20 अक्तूबर तक ग्रामसभा की खुली बैठक में सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। 21 से 23 अक्तूबर तक प्रधान व सचिव के साइन से सूची एडीओ पंचायत को दी जाएगी।
लाभार्थी सूची का तीन स्तर पर होगा सत्यापन
ब्लॉक स्तर पर सूची आने के बाद पांच प्रतिशत लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन बीडीओ के निर्देशन में ब्लॉक स्तरीय अफसर करेंगे। ये कार्य 24 से 28 अक्तूबर तक होगा। इसमें मिली कमियों का निस्तारण कर सूची बीडीओ व एडीओ पंचायत के साइन से डीपीआरओ को दो नवंबर तक देनी है। सूची के एक प्रतिशत लाभार्थियों का सत्यापन डीएम की देखरेख में जिला स्तरीय अफसर करेंगे। इस रैंडम सत्यापन के बाद कमियों का निराकरण करते हुए डीएम व सीडीओ के प्रति हस्ताक्षर से अंतिम सूची का प्रकाशन छह से आठ नवंबर तक होगा। इसके बाद जैसे ही पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार की वेबसाइट खुलेगी। अंतिम सूची अपलोड कर दी जाएगी।
अपात्रों के चयन पर नपेंगे जिम्मेदार
मुख्य सचिव ने डीएम को दिए निर्देश में कहा है कि परिवारों के मुखिया से आधार कार्ड लिया जाए एवं जिन्होंने आधार के लिए आवेदन किया हो तो उसकी संख्या ली जाए। यदि किसी अफसर-कर्मी की संलिप्तता से किसी अपात्र को पात्र बनाकर लाभ देने का प्रयास किया जाता है अथवा पूर्व में लाभ पाए व्यक्ति को दोबारा लाभान्वित करने का प्रयास किया जाता है, तो उन्हें सर्वेक्षण कार्य से हटाकर विधिक कार्रवाई की जाए। अपात्रों को लाभान्वित कराने पर संबंधित पंचायत सचिव व प्रधान उत्तरदायी होंगे। इनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिला स्तरीय कमेटी करेगी मॉनीटरिंग
सर्वेक्षण के काम का अनुश्रवण करने के लिए जिला स्तरीय कमेटी बनेगी। डीएम सर्वेक्षण के कार्य के नोडल अफसर होंगे। जिनके निर्देशन में डीपीआरओ समस्त कार्य निपटाएंगे।
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बता दें कि वर्ष 2012 में गरीब परिवारों का बेसलाइन सर्वे कराया गया था। इसके आधार पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत चयनित पात्रों को शौचालय आवंटित किए गए थे। साथ ही धनराशि आवंटित कर इनके शौचालयों का निर्माण कराया गया था। इसके बावजूद बहुतायत संख्या में ऐसे गरीब परिवार हैं, जो बेसलाइन सर्वे में सम्मिलित होने से रह गए थे। जिस कारण इन्हें शौचालय आवंटित नहीं हो पाए थे।
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इसे देखते हुए शासन ने बेसलाइन सर्वे से वंचित परिवारों का एक बार फिर विशेष अभियान चलाकर सर्वे कराने का फैसला लिया है। शासन से जारी आदेश के मुताबिक तीन अक्तूबर को व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए जिला स्तर पर संबंधित सभी अफसरों की ब्रीफिंग होगी। गांव स्तर के वर्करों को चार अक्तूबर को ब्लॉक पर ट्रेनिंग दी जाएगी।
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शौचालय निर्माण प्रोत्साहन राशि के लिए पात्रों के अतिरिक्त पात्रता श्रेणी से इतर शौचालय विहीन परिवारों का भी चिन्हांकन पांच से 12 अक्तूबर तक किया जाएगा। 13 अक्तूबर को चिह्नित लाभार्थियों की सूची ग्रामसभा के नोटिस बोर्ड पर चस्पा होगी। 14 से 20 अक्तूबर तक ग्रामसभा की खुली बैठक में सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। 21 से 23 अक्तूबर तक प्रधान व सचिव के साइन से सूची एडीओ पंचायत को दी जाएगी।
लाभार्थी सूची का तीन स्तर पर होगा सत्यापन
ब्लॉक स्तर पर सूची आने के बाद पांच प्रतिशत लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन बीडीओ के निर्देशन में ब्लॉक स्तरीय अफसर करेंगे। ये कार्य 24 से 28 अक्तूबर तक होगा। इसमें मिली कमियों का निस्तारण कर सूची बीडीओ व एडीओ पंचायत के साइन से डीपीआरओ को दो नवंबर तक देनी है। सूची के एक प्रतिशत लाभार्थियों का सत्यापन डीएम की देखरेख में जिला स्तरीय अफसर करेंगे। इस रैंडम सत्यापन के बाद कमियों का निराकरण करते हुए डीएम व सीडीओ के प्रति हस्ताक्षर से अंतिम सूची का प्रकाशन छह से आठ नवंबर तक होगा। इसके बाद जैसे ही पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार की वेबसाइट खुलेगी। अंतिम सूची अपलोड कर दी जाएगी।
अपात्रों के चयन पर नपेंगे जिम्मेदार
मुख्य सचिव ने डीएम को दिए निर्देश में कहा है कि परिवारों के मुखिया से आधार कार्ड लिया जाए एवं जिन्होंने आधार के लिए आवेदन किया हो तो उसकी संख्या ली जाए। यदि किसी अफसर-कर्मी की संलिप्तता से किसी अपात्र को पात्र बनाकर लाभ देने का प्रयास किया जाता है अथवा पूर्व में लाभ पाए व्यक्ति को दोबारा लाभान्वित करने का प्रयास किया जाता है, तो उन्हें सर्वेक्षण कार्य से हटाकर विधिक कार्रवाई की जाए। अपात्रों को लाभान्वित कराने पर संबंधित पंचायत सचिव व प्रधान उत्तरदायी होंगे। इनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जिला स्तरीय कमेटी करेगी मॉनीटरिंग
सर्वेक्षण के काम का अनुश्रवण करने के लिए जिला स्तरीय कमेटी बनेगी। डीएम सर्वेक्षण के कार्य के नोडल अफसर होंगे। जिनके निर्देशन में डीपीआरओ समस्त कार्य निपटाएंगे।