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शादी का कार्ड दिखा मिले 2.5 लाख, अब पूरे होंगे अरमान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Nov 2016 11:51 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नोटबंदी के फैसले से शादी-विवाह वाले घरों के लोग बेहद चिंतित थे। बैंकों से सीमित मात्रा में रुपये निकलने से शादी की तैयारियों पर भी असर पड़ रहा था। इसी बीच केंद्र सरकार ने शादी का कार्ड दिखाकर ढाई लाख रुपये निकालने की छूट दे दी। इस आदेश के बाद शनिवार को जिले में 11 परिवारों ने बैंकों से कैश निकाला। कैश हाथ में आते ही चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई।
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दुल्हन खुद कर रही थी खर्च का इंतजाम
पीलीभीत जिले के कुंवरगढ़ निवासी रुचि मिश्रा सीतापुर में सिपाही है। रुचि का विवाह पीलीभीत के प्रवेश मिश्रा से तय है। 4 दिसंबर को विवाह है। इस वजह से रुचि मिश्रा चिंतित थीं। शनिवार को वह स्टेट बैंक में अपने खाते से रुपये निकालने आई थीं। सारे नियम पूरे करने के बाद उसके खाते से रुपये सौंप दिए गए।
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सुकून मिला
शहर के मोहल्ला आनंद नगर निवासी रामचंद्र की पुत्री दर्शना का विवाह 22 नवंबर को है। रामचंद्र रुपयों का जुगाड़ करने के लिए स्टेट बैंक पहुंचे थे। यहां पर विवाह का कार्ड दिखाया, तो बैंक कैश निकालने को राजी हो गई। यहां पर बैंक अधिकारियों ने जरूरी लिखा-पढ़ी के बाद उसे कैश सौंप दिया। रामचंद्र कहते हैं कि रुपये हाथ में आने के बाद बेहद सुकून मिला है। अब पुत्री का विवाह धूमधाम से कर सकूंगा।
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धूमधाम से करूंगा विवाह
रामेश्वर प्रसाद की पुत्री सीता देवी का विवाह 22 नवंबर को है। शनिवार को अपने खाते से रुपये निकालने के लिए स्टेट बैंक पहुंचा था। यहां पर कार्ड के साथ रुपये निकालने का विड्राल भरा। बैक मैनेजर ने कहा कि थोड़ी देर बैठो, कैश मिल रहा है। रामेश्वर प्रसाद कहते हैं कि इस आश्वासन से ही गदगदग हो गए। कैश मिलते ही उनकी आंखें भर आईं।
खर्च की चिंता हुई दूर
शहर के मोहल्ला सिविल लाइन निवासी राधेश्याम के पुत्र शशांक का विवाह 24 नवंबर को है। राधेश्याम भी रुपये का जुगाड़ करने के लिए स्टेट बैंक पहुंचे। यहां पर कार्ड दिखाते हुए राधेश्याम ने विड्राल भरा। तब बैंक के अधिकारी रुपये निकालने के लिए तैयार हो गए। राधेश्याम कहते हैं कि एक घंटे बाद कागजी कार्रवाई कर रुपये दे दिए गए। इससे अब पुत्र के विवाह के खर्च की चिंता दूर हो गई है।