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नोडल अफसर से अभद्रता पर पंचायत सचिव निलंबित
Updated Mon, 05 Nov 2018 11:50 PM IST
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शौचालयों के निर्माण में नहीं किया जा रहा सहयोग
सीतापुर। शौचालय निर्माण में पंचायत सचिव को मनमानी करना महंगा पड़ा। इस कार्य में लापरवाही बरतने व नोडल अफसर से अभद्रता करने के मामले में डीपीआरओ ने पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया। निलंबन की अवधि में वह ब्लॉक मछरेहटा के दफ्तर से संबद्ध रहेंगे।
प्रकरण विकास खंड की न्याय पंचायत परसदा का है। यहां की ग्राम पंचायत कन्दुवापुर के नोडल अफसर ने डीपीआरओ को रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट के मार्फत बताया कि ग्रामसभा में तैनात सचिव श्रीराम गुप्ता शौचालयों के निर्माण में कोई सहयोग नहीं कर रहे हैं। इनके द्वारा किसी भी शौचालय का निर्माण कार्य नहीं कराया जा रहा है।
3 नवंबर को फोन पर ग्राम रसूलपुर में मिलने को कहा लेकिन मुलाकात न कर उन्होंने फोन पर अभद्रता की। इसको डीपीआरओ तुलसीराम ने गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत सचिव श्रीराम गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश में कहा कि पंचायत सचिव श्रीराम गुप्ता की लापरवाही एवं उदासीनता के कारण स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की प्रगति अत्यंत खराब है।
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बेहद लापरवाह कर्मचारी होने के साथ-साथ वह वरिष्ठ अफसरों के आदेशों का पालन नहीं करते। निलंबन के बाद श्रीराम गुप्ता को ब्लॉक मछरेहटा से संबद्ध कर दिया गया। इनके मामले की जांच एडीओ पंचायत खैराबाद करेंगे। वह 15 दिन में आरोप पत्र तैयार कर एक माह में श्रीराम गुप्ता को उपलब्ध कराएंगे।
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सीतापुर। शौचालय निर्माण में पंचायत सचिव को मनमानी करना महंगा पड़ा। इस कार्य में लापरवाही बरतने व नोडल अफसर से अभद्रता करने के मामले में डीपीआरओ ने पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया। निलंबन की अवधि में वह ब्लॉक मछरेहटा के दफ्तर से संबद्ध रहेंगे।
प्रकरण विकास खंड की न्याय पंचायत परसदा का है। यहां की ग्राम पंचायत कन्दुवापुर के नोडल अफसर ने डीपीआरओ को रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट के मार्फत बताया कि ग्रामसभा में तैनात सचिव श्रीराम गुप्ता शौचालयों के निर्माण में कोई सहयोग नहीं कर रहे हैं। इनके द्वारा किसी भी शौचालय का निर्माण कार्य नहीं कराया जा रहा है।
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3 नवंबर को फोन पर ग्राम रसूलपुर में मिलने को कहा लेकिन मुलाकात न कर उन्होंने फोन पर अभद्रता की। इसको डीपीआरओ तुलसीराम ने गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत सचिव श्रीराम गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश में कहा कि पंचायत सचिव श्रीराम गुप्ता की लापरवाही एवं उदासीनता के कारण स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की प्रगति अत्यंत खराब है।
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बेहद लापरवाह कर्मचारी होने के साथ-साथ वह वरिष्ठ अफसरों के आदेशों का पालन नहीं करते। निलंबन के बाद श्रीराम गुप्ता को ब्लॉक मछरेहटा से संबद्ध कर दिया गया। इनके मामले की जांच एडीओ पंचायत खैराबाद करेंगे। वह 15 दिन में आरोप पत्र तैयार कर एक माह में श्रीराम गुप्ता को उपलब्ध कराएंगे।