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फिर नहर पटरी कटने से 200 बीघा धान की बेड डूबी
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:34 AM IST
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लहरपुर (सीतापुर)। लहरपुर माइनर की क्षतिग्रस्त पटरी दुरुस्त कराए जाने के बाद बुधवार को फिर उसी जगह पर कट गई। खेतों में पानी भरने से करीब 200 बीघा फसल डूब गई है। दोबारा उसी जगह पटरी कटने पर किसान सही मरम्मत न कराने व नहर की सफाई के बिना पानी छोड़ने का आरोप लगा रहे हैं।
लहरपुर माइनर बीते रविवार को मोहद्दीनपुर पुलिया के पास कट गई थी, जिससे 100 बीघा धान की बेड़न डूब गई थी। सोमवार को पटरी दुरुस्त नहीं कराई गई। अमर उजाला में खबर प्रकाशन के बाद हरकत में आए नहर विभाग के अफसरों ने मंगलवार को क्षतिग्रस्त पटरी दुरुस्त कराई। लेकिन बुधवार को फिर नहर पटरी उसी जगह से कट गई, जहां पहले कटी थी।
इससे नहर का पानी खेतों में भरने लगा। देखते ही देखते 200 बीघा धान की बेड़ पानी में डूब गई। क्षेत्रीय किसान राम सजीवन, तेजराम, उमेश, अशोक कुमार, रफीक, विनोद, रामप्रसाद, सुरेंद्र, मुन्नू लाल व ओम प्रकाश ने बताया कि जब पानी की आवश्यकता थी, तब नहर सूखी पड़ी रही। पानी बरसते ही नहर भी पूरी क्षमता से चलाई जा रही है।
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नहर की सफाई ना होने के कारण पानी आगे नहीं जा पा रहा है और नहर इसी कारण से पुल के निकट आज फिर फट गई। किसानों के मुताबिक शीघ्र ही पानी खेतों से नहीं निकला तो लगाई हुई धान की बेड़ सड़ जाएगी। वहीं, अवर अभियंता नारायण सिंह ने कहा कि नहर पटरी दोबारा कटने की जानकारी मिली है। शीघ्र ही मरम्मत कराई जाएगी। सफाई के संबंध में उन्होंने कहा उच्च अधिकारियों को सूचना भेजी गई है जैसे ही स्वीकृति आएगी नहर की सफाई करा दी जाएगी।
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लहरपुर माइनर बीते रविवार को मोहद्दीनपुर पुलिया के पास कट गई थी, जिससे 100 बीघा धान की बेड़न डूब गई थी। सोमवार को पटरी दुरुस्त नहीं कराई गई। अमर उजाला में खबर प्रकाशन के बाद हरकत में आए नहर विभाग के अफसरों ने मंगलवार को क्षतिग्रस्त पटरी दुरुस्त कराई। लेकिन बुधवार को फिर नहर पटरी उसी जगह से कट गई, जहां पहले कटी थी।
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इससे नहर का पानी खेतों में भरने लगा। देखते ही देखते 200 बीघा धान की बेड़ पानी में डूब गई। क्षेत्रीय किसान राम सजीवन, तेजराम, उमेश, अशोक कुमार, रफीक, विनोद, रामप्रसाद, सुरेंद्र, मुन्नू लाल व ओम प्रकाश ने बताया कि जब पानी की आवश्यकता थी, तब नहर सूखी पड़ी रही। पानी बरसते ही नहर भी पूरी क्षमता से चलाई जा रही है।
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नहर की सफाई ना होने के कारण पानी आगे नहीं जा पा रहा है और नहर इसी कारण से पुल के निकट आज फिर फट गई। किसानों के मुताबिक शीघ्र ही पानी खेतों से नहीं निकला तो लगाई हुई धान की बेड़ सड़ जाएगी। वहीं, अवर अभियंता नारायण सिंह ने कहा कि नहर पटरी दोबारा कटने की जानकारी मिली है। शीघ्र ही मरम्मत कराई जाएगी। सफाई के संबंध में उन्होंने कहा उच्च अधिकारियों को सूचना भेजी गई है जैसे ही स्वीकृति आएगी नहर की सफाई करा दी जाएगी।