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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   1000 animals killed each year by eating polythene

हर वर्ष पॉलीथिन खाकर 1000 जानवर होते मौत के शिकार

Sat, 19 Dec 2015 11:06 PM IST
सीतापुर/अमरउजाला ब्यूरो
सीतापुर/अमरउजाला ब्यूरो Updated Sat, 19 Dec 2015 11:06 PM IST
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पॉलीथिन का बेतहाशा इस्तेमाल इंसानों के लिए नहीं, बल्कि जानवरों को लिए भी जानलेवा साबित हो रहा है। कूड़े में बड़ी मात्रा में पाई जाने वाली पॉलीथिन जानवर खाते हैं। ये पॉलीथिन उनके लिए जहर बन जाती है। इससे उनकी मौत हो जाती है। सीतापुर में भी हर वर्ष तकरीबन एक हजार जानवर पॉलीथिन खाकर मौत का शिकार होते हैं। सूबे में पॉलीथिन पर वैन से अब जानवरों की मौत का सिलसिला थमेगा।
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वही इंसानों के लिए बीमारियों से राहत मिलेगी। इस फैसलों को आम लोगों व व्यापारियों ने खूब सराहा। पॉलीथिन खाना जानवरों के लिए कितना हानिकारक है यह तो प्रतिवर्ष मरने वाले जानवरों के आंकड़े ही बता रहे हैं। भले ही पशुधन विभाग के पास इस बात के आंकड़े न हों कि पॉलीथिन खाने से अब तक कितने जानवरों की मौत हो चुकी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक करीब एक हजार जानवर प्रतिवर्ष पॉलीथिन खाने से काल के गाल में समा जाते है।
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इस फैसले के बाद अब इन जानवरों के मौत के आंकड़े पर कुछ हद तक लगाम लगेगी। वहीं पॉलीथिन इंसानों के लिए भी बहुत नुकसानदायक है इसके धुंए से कैंसर जैसे रोग उत्पन्न हो जाते हैं। इस पर भी काबू पाया जा सकेगा। वहीं व्यापारियों का मानना है पॉलीथिन वैन से पैकेजिंग की कुछ समस्या जरूर आएगी। थैले महंगे हो जाएंगे। लेकिन यह मनुष्य के जीवन से खिलवाड़ तो नहीं करेंगे।
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कुछ समस्याएं जरूर आएगी
पॉलीथिन बंद होने से ग्राहक व व्यापारियों को कुछ परेशानी जरूर होगी। क्योंकि कपड़े या कागज के थैले पॉलीथिन की अपेक्षा काफी महंगे होते हैं।-इसरार, व्यापारी

झोले का बढ़ेगा चलन
अब तो पॉलीथिन वैन हो गई है। इससे दूसरे विकल्पों को अपनाना होगा। इससे कुछ व्यवसाय जरूर प्रभावित होगा। झोले का चलन बढ़ेगा।-मोहम्मद वसीम, व्यापारी

घर से झोला लेकर पड़ेगा निकलना
यह फैसला बहुत ही सुखदाई है। पुराने जमाने में लोग झोला लेकर बाजार जाते थे। फिर से वही दिन लौटेंगे। घर से झोला लेकर निकलना पड़ेगा। -मोहम्मद सफी

जहरीली गैसों से मिलेगी निजात
पॉलीथिन बंद होने से पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचेगा। पॉलीथिन जलाने से उठने वाली जहरीलों गैसों से निजात मिलेगी। -किशोर कुमार

पॉलिथिन जानवरों के लिए बेहद खतरनाक
पॉलीथिन जानवरों के लिए बेहद खतरनाक है। अगर जानवर पॉलीथिन को खाते हैं, तो उनका पेट भर जाता है। वह चारा खाना बंद कर देते है। जिससे आंतें मूवमेंट नहीं करती है और जानवर की मौत हो जाती है। जानवरों की मौत में अक्सर पॉलीथिन ही फैक्टर होता है। जिले में कितने जानवर इससे मरते हैं इसका आंकड़ा विभाग के पास नहीं है।-डॉ. एसके श्रीवास्तव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी


जलाने से निकलती जहरीली गैस
पॉलीथिन की सबसे खासियत है कि वह सड़ती नहीं है। अगर एक जगह पर गाड़ देने के बाद पांच वर्ष पर खोदी जाए तो वह वैसी ही निकलेगी। जिससे जमीन की उर्वरा शक्ति कम होती है। फसलों को नुकसान पहुंचता है। इसी प्रकार मनुष्य के लिए बहुत ही खतरनाक है। पॉलीथिन जलाने से जहरीली गैस निकलती है इससे कैंसर समेत तमाम बीमारियां हो जाती है।-डॉ. नलिनीकांत त्रिपाठी, सीएमएस जिला चिकित्सालय
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