{"_id":"58a1ee794f1c1b5733d84e82","slug":"yume-poets-participated-at-birth","type":"story","status":"publish","title_hn":"यौमे पैदाइश पर शायरों ने शिरकत की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यौमे पैदाइश पर शायरों ने शिरकत की
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 13 Feb 2017 11:05 PM IST
विज्ञापन
हल्लौर में आयोजित जश्ने सैयदे सज्जाद में मौजूद अकीदतमंद।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डुमरियागंज। हल्लौर स्थित इमामबाड़े में रविवार की रात अंजुमन गुंचा मातम के बैनर तले शिया समुदाय के चौथे इमाम जैनुल आब्दीन की यौमे पैदाइश पर एक ‘जश्ने सय्यदे सज्जाद’ का कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें स्थानीय व मेहमान शायरों ने शिरकत कर सय्यदे सज्जाद की शान में कलाम व कसीदा पेश किया। इस मौके पर अकीदतमंदों का भारी हुजूम मौजूद रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता जामा मस्जिद हल्लौर के पेश नमाज मौलाना वसीम रजा जैदी व संचालन नफीस हल्लौरी ने किया। जश्ने सय्यदे सज्जाद का आगाज माहताब हैदर काका की कलाम पाक तिलावत से हुआ। बाद में नात ए पाक खुर्शीद आरके व मुमताज व फैजी ने पेश किया। इसके बाद मेहमान शायर तनवीर जौनपुरी ने कहा-सब्र को जुल्म की जंजीर पहनाने वालों, अपने अजदाद का अंजाम भुला बैठा है..., मनव्वर जलालपुरी ने ये बात और मुसीबत उठा गए सज्जाद, मगर वो सारे जमाने पर छा गए सज्जाद... पेश किया।
अफसर सेथली ने जिसको कुदरत खुद पहनाती है इमामत का लिबाज, वो हुआ करता है हादी हर जमाने के लिए... पढ़ा। खुर्शीद जफर ने कहा वो जहां जिक्रे हुसैन और सजदए माबूद भी, है यकीयन वो इलाका सय्यदे सज्जाद का है... पेश किया। उनके अलावा हसन जमाल, शायर जफर आजमी, सावन हल्लौरी, डॉ. कायनात, हानी हल्लौरी, मेंहदी हल्लौरी, सज्जाद हल्लौरी, साबिर हल्लौरी, मंजर मास्टर, अम्मार हल्लौरी, शबीह हल्लौरी, मीसम आदि शायरों ने भी कलाम व कसीदे पेश किए। आयोजन में मेंहदी हैदर पप्पू, इमाम हैदर बब्लू, कामयाब हुसैन बब्लू, आमिर रिजवी, काजिम मेंहदी, रिजवान अहमद, अजीम हैदर, मोहम्मद हैदर सब्लू, तसबीब हसन, पप्पू, जानशीन अहमद साबिर आदि का विशेष योगदान रहा।
विज्ञापन
अफसर सेथली ने जिसको कुदरत खुद पहनाती है इमामत का लिबाज, वो हुआ करता है हादी हर जमाने के लिए... पढ़ा। खुर्शीद जफर ने कहा वो जहां जिक्रे हुसैन और सजदए माबूद भी, है यकीयन वो इलाका सय्यदे सज्जाद का है... पेश किया। उनके अलावा हसन जमाल, शायर जफर आजमी, सावन हल्लौरी, डॉ. कायनात, हानी हल्लौरी, मेंहदी हल्लौरी, सज्जाद हल्लौरी, साबिर हल्लौरी, मंजर मास्टर, अम्मार हल्लौरी, शबीह हल्लौरी, मीसम आदि शायरों ने भी कलाम व कसीदे पेश किए। आयोजन में मेंहदी हैदर पप्पू, इमाम हैदर बब्लू, कामयाब हुसैन बब्लू, आमिर रिजवी, काजिम मेंहदी, रिजवान अहमद, अजीम हैदर, मोहम्मद हैदर सब्लू, तसबीब हसन, पप्पू, जानशीन अहमद साबिर आदि का विशेष योगदान रहा।
विज्ञापन