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अपने खेत में पौधे लगाकर पाएंगे मजदूरी, बढ़ेगी हरियाली
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अपने खेत में पौधे लगाकर पाएंगे मजदूरी, बढ़ेगी हरियाली
सिद्धार्थनगर। मनरेगा योजना के अंतर्गत पौधे लगाकर किसान तरक्की की डगर पर हैं। निर्धारित श्रेणी के अंतर्गत आने वाले लघु सीमांत श्रेणी के किसानों को पौधरोपण की सुविधा जा रही है, ताकि हरियाली बढ़ने के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हो। जिले में व्यक्तिगत श्रेणी के अंतर्गत इस बार 3.47 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
जिले में मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना एवं मुख्यमंत्री फलोद्यान योजना के अंतर्गत किसान अपने खेत में इमारती एवं फलदार पौधे लगा सकते हैं। किसान अपने खेत में पौधे लगाएंगे और उन्हें जॉबकार्ड के माध्यम से मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। पौधरोपण में गड्ढे की खुदाई से सिंचाई और अन्य रखरखाव के मद में उनके बैंक खाते में राशि भेजी जाएगी। चयनित किसानों को अनुरक्षण कार्य के लिए तीन साल तक मनरेगा से लाभ प्रदान किया जाएगा।
उसके बाद फलदार पौधों में फल आने लगेंगे, जबकि इमारती लकड़ी वाले पौधे भी सुरक्षित हो जाएंगे। मनरेगा योजना के अंतर्गत 634 आईडी जारी की गई है। एक आईडी में कई जॉबकार्ड धारक हैं, जिन्हें कार्य के अनुसार भुगतान दिया जाएगा। इस बार मनरेगा के व्यक्तिगत लाभार्थी के माध्यम से 3.47 लाख पौधे लगाए जाएंगे। जबकि ामुदायिक योजना के अंतर्गत 1690 आईडी के माध्यम से 13 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इमारती लकड़ी के पौधों में सर्वाधिक सागौन और यूकेलिप्टिस प्रजाति के पौधे हैं। फलदार पौधों में जिले में आम, लीची, अमरूद व नीबू की बागवानी तैयार की जा रही है।
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ये हैं पात्र
अनूसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतू जनजाति, अधिसूचना में निकाली गई जनजातियां, गरीबी रेखा के नीचे के परिवार, जिस परिवार की महिला मुखिया हो, जिस परिवार का मुखिया दिव्यांग हो, भूमि सुधारों के लाभार्थी, इंदिरा/प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी, अन्य पारंपरिक वनवासी, कृषि ऋण माफी के अंतर्गत आने वाले किसान लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मनरेगा योजना के अंतर्गत सामुदायिक के साथ व्यक्तिगत पौधरोपण की भी योजना है। इसके अंतर्गत पौधरोपण में किसान रुचि ले रहे हैं। इसके अंतर्गत इस बार जिले 3.47 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे।
- संजय शर्मा, डीसी मनरेगा
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सिद्धार्थनगर। मनरेगा योजना के अंतर्गत पौधे लगाकर किसान तरक्की की डगर पर हैं। निर्धारित श्रेणी के अंतर्गत आने वाले लघु सीमांत श्रेणी के किसानों को पौधरोपण की सुविधा जा रही है, ताकि हरियाली बढ़ने के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हो। जिले में व्यक्तिगत श्रेणी के अंतर्गत इस बार 3.47 लाख पौधे लगाए जाएंगे।
जिले में मुख्यमंत्री कृषक वृक्ष धन योजना एवं मुख्यमंत्री फलोद्यान योजना के अंतर्गत किसान अपने खेत में इमारती एवं फलदार पौधे लगा सकते हैं। किसान अपने खेत में पौधे लगाएंगे और उन्हें जॉबकार्ड के माध्यम से मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। पौधरोपण में गड्ढे की खुदाई से सिंचाई और अन्य रखरखाव के मद में उनके बैंक खाते में राशि भेजी जाएगी। चयनित किसानों को अनुरक्षण कार्य के लिए तीन साल तक मनरेगा से लाभ प्रदान किया जाएगा।
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उसके बाद फलदार पौधों में फल आने लगेंगे, जबकि इमारती लकड़ी वाले पौधे भी सुरक्षित हो जाएंगे। मनरेगा योजना के अंतर्गत 634 आईडी जारी की गई है। एक आईडी में कई जॉबकार्ड धारक हैं, जिन्हें कार्य के अनुसार भुगतान दिया जाएगा। इस बार मनरेगा के व्यक्तिगत लाभार्थी के माध्यम से 3.47 लाख पौधे लगाए जाएंगे। जबकि ामुदायिक योजना के अंतर्गत 1690 आईडी के माध्यम से 13 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इमारती लकड़ी के पौधों में सर्वाधिक सागौन और यूकेलिप्टिस प्रजाति के पौधे हैं। फलदार पौधों में जिले में आम, लीची, अमरूद व नीबू की बागवानी तैयार की जा रही है।
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ये हैं पात्र
अनूसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, घुमंतू जनजाति, अधिसूचना में निकाली गई जनजातियां, गरीबी रेखा के नीचे के परिवार, जिस परिवार की महिला मुखिया हो, जिस परिवार का मुखिया दिव्यांग हो, भूमि सुधारों के लाभार्थी, इंदिरा/प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी, अन्य पारंपरिक वनवासी, कृषि ऋण माफी के अंतर्गत आने वाले किसान लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मनरेगा योजना के अंतर्गत सामुदायिक के साथ व्यक्तिगत पौधरोपण की भी योजना है। इसके अंतर्गत पौधरोपण में किसान रुचि ले रहे हैं। इसके अंतर्गत इस बार जिले 3.47 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे।
- संजय शर्मा, डीसी मनरेगा