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Siddharthnagar News: गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेस-वे के काम में आई तेजी, सर्वे का काम पूरा
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- सरकारी, गैर सरकारी, आवासीय व कृषि भूमि का डाटा जुटा रहा विभाग
- मेंहदावल तहसील के 29 गांव से गुजरेगा एक्सप्रेस-वे, सुगम होगा आवागमन, व्यापार-रोजगार के खुलेंगे द्वार
संतकबीरनगर/ मेंहदावल। पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए सर्वे का काम पूरा हो गया है। सीमांकन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना मेंहदावल तहसील क्षेत्र के 29 गांवों से होकर गुजरेगी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।
जानकारी के अनुसार एनएचएआई ने पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे के लिए सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है। यह लगभग पूरा होने के कगार पर है। मेंहदावल में यह एक्सप्रेस-वे करीब 22.5 किलोमीटर की लंबाई में 29 गांवों से होकर गुजरेगा, जिससे इन गांवों के विकास को पंख लगेंगे।भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तहसील क्षेत्र में तैनात राजस्व कर्मियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह एक्सप्रेस-वे मेंहदावल से होते हुए सिद्धार्थनगर के बांसी क्षेत्र की ओर जाएगा।
करीब 747 किलोमीटर लंबा पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे प्रदेश के कई जिलों को जोड़ते हुए सिद्धार्थनगर के आगे बलरामपुर, बहराइच और लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ क्षेत्र से होकर आगे बढ़ेगा। संतकबीरनगर में इसकी लंबाई लगभग 22.25 किलोमीटर होगी। ग्रामीणों का मानना है कि एक्सप्रेस-वे बनने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और व्यापार, रोजगार व विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। हालांकि कुछ किसानों में भूमि अधिग्रहण को लेकर संशय और सवाल भी हैं, जिनके समाधान की उम्मीद प्रशासन से की जा रही है।
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इन गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस-वे
मेंहदावल तहसील क्षेत्र के बढ़या, फेउसा, परसा माफी, परसा शुक्ल, महला, पसाई, देवकली, प्रतापपुर, जसवल, रमवापुर, खजुरा खुर्द, नचनी, समोगर, गुदरिहवा, खजुराकला, सिक्टौर माफी, कुंड़वा, जमुवरिया खुर्द, जमुवरिया कला, रक्सा, भरवलिया मिश्र, कुसोना कला आदि गांव शामिल हैं।
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मुआवजे में हो नियमों का पालन
तहसील क्षेत्र के किसान राजन पांडे सुभाष चंद्र पांडे प्रमोद बरनवाल संतोष मिश्रा आदि का कहना है कि किसानों को मुआवजा उचित मिलना चाहिए। आबादी के मूल्य पर रजिस्ट्री होने वाली भूमि का कृषि मूल्य पर मुआवजा दिया जाना उचित नहीं है। इसलिए जमीन अधिग्रहण के समय किसानों को रजिस्ट्री विभाग के मालियत के अनुसार मुआवजा भुगतान किया जाए।
पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण में मेंहदावल तहसील क्षेत्र की जो भूमि आ रही है। उसके सीमांकन-सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है। उसकी वस्तुस्थिति की जांच के लिए राजस्व कर्मियों को लगाया गया है। सरकारी, गैर सरकारी, आवासीय, कृषि भूमि की जानकारी एकत्रित की जा रही है। जल्द ही यह कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। इसके लिए राजस्व कर्मचारी लगे हुए हैं।
-अरुण कुमार, एसडीएम
स्टांप के अनुरूप मुआवजे की मांग
सांथा। क्षेत्र के किसान हबीबुल्लाह, अमीन, अवधनारायण शुक्ला, विजय कुमार, अजहर सुसेन, अब्दुल मजीद की मांग है कि सरकार जिस सर्किल रेट से स्टांप ड्यूटी लेती है उसी सर्किल के अनुसार मुआवजा दिया जाए। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता मजहर आजाद ने इस संदर्भ में सीएम व केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को पत्र भी लिखा है। संवाद
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- मेंहदावल तहसील के 29 गांव से गुजरेगा एक्सप्रेस-वे, सुगम होगा आवागमन, व्यापार-रोजगार के खुलेंगे द्वार
संतकबीरनगर/ मेंहदावल। पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए सर्वे का काम पूरा हो गया है। सीमांकन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना मेंहदावल तहसील क्षेत्र के 29 गांवों से होकर गुजरेगी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।
जानकारी के अनुसार एनएचएआई ने पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे के लिए सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है। यह लगभग पूरा होने के कगार पर है। मेंहदावल में यह एक्सप्रेस-वे करीब 22.5 किलोमीटर की लंबाई में 29 गांवों से होकर गुजरेगा, जिससे इन गांवों के विकास को पंख लगेंगे।भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तहसील क्षेत्र में तैनात राजस्व कर्मियों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। यह एक्सप्रेस-वे मेंहदावल से होते हुए सिद्धार्थनगर के बांसी क्षेत्र की ओर जाएगा।
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करीब 747 किलोमीटर लंबा पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे प्रदेश के कई जिलों को जोड़ते हुए सिद्धार्थनगर के आगे बलरामपुर, बहराइच और लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ क्षेत्र से होकर आगे बढ़ेगा। संतकबीरनगर में इसकी लंबाई लगभग 22.25 किलोमीटर होगी। ग्रामीणों का मानना है कि एक्सप्रेस-वे बनने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और व्यापार, रोजगार व विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। हालांकि कुछ किसानों में भूमि अधिग्रहण को लेकर संशय और सवाल भी हैं, जिनके समाधान की उम्मीद प्रशासन से की जा रही है।
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इन गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस-वे
मेंहदावल तहसील क्षेत्र के बढ़या, फेउसा, परसा माफी, परसा शुक्ल, महला, पसाई, देवकली, प्रतापपुर, जसवल, रमवापुर, खजुरा खुर्द, नचनी, समोगर, गुदरिहवा, खजुराकला, सिक्टौर माफी, कुंड़वा, जमुवरिया खुर्द, जमुवरिया कला, रक्सा, भरवलिया मिश्र, कुसोना कला आदि गांव शामिल हैं।
मुआवजे में हो नियमों का पालन
तहसील क्षेत्र के किसान राजन पांडे सुभाष चंद्र पांडे प्रमोद बरनवाल संतोष मिश्रा आदि का कहना है कि किसानों को मुआवजा उचित मिलना चाहिए। आबादी के मूल्य पर रजिस्ट्री होने वाली भूमि का कृषि मूल्य पर मुआवजा दिया जाना उचित नहीं है। इसलिए जमीन अधिग्रहण के समय किसानों को रजिस्ट्री विभाग के मालियत के अनुसार मुआवजा भुगतान किया जाए।
पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे के निर्माण में मेंहदावल तहसील क्षेत्र की जो भूमि आ रही है। उसके सीमांकन-सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है। उसकी वस्तुस्थिति की जांच के लिए राजस्व कर्मियों को लगाया गया है। सरकारी, गैर सरकारी, आवासीय, कृषि भूमि की जानकारी एकत्रित की जा रही है। जल्द ही यह कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा। इसके लिए राजस्व कर्मचारी लगे हुए हैं।
-अरुण कुमार, एसडीएम
स्टांप के अनुरूप मुआवजे की मांग
सांथा। क्षेत्र के किसान हबीबुल्लाह, अमीन, अवधनारायण शुक्ला, विजय कुमार, अजहर सुसेन, अब्दुल मजीद की मांग है कि सरकार जिस सर्किल रेट से स्टांप ड्यूटी लेती है उसी सर्किल के अनुसार मुआवजा दिया जाए। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता मजहर आजाद ने इस संदर्भ में सीएम व केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को पत्र भी लिखा है। संवाद