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मनरेगा का काम देखने के लिए तैनात होंगी महिला मेट
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मनरेगा का काम देखने के लिए तैनात होंगी महिला मेट
सिद्धार्थनगर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों की देखरेख के लिए महिला मेट की तैनाती की जाएगी। जिले में चार सौ मेट के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
शासन स्तर से मिले पत्र के मुताबिक, मनरेगा के तहत महिलाओं की सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए मेट के रूप में महिला की तैनाती की जाएगी। इसमें राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को वरीयता दी जाएगी। यदि गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं नहीं होंगी तो सुयोग्य और पात्र महिला अभ्यर्थी को मेट के रूप में चयनित किया जाएगा। परियोजना के तहत चयनित महिला मेट उसी गांव का निवासी होना चाहिए, जिसमें कार्य कराया जाना है।
सीडीओ पुलकित गर्ग ने बताया कि जनपद में चार सौ महिलाओं को मेट के रूप में चयन किया गया है। मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराते हुए श्रमिकों के खाते में मजदूरी का भुगतान कराएंगे। इसके लिए सभी 14 विकास खंडों में विधिवत प्रशिक्षण दिया गया। मंगलवार को ग्राम पंचायतों में फील्ड विजिट के रूप में प्रशिक्षण कराया जाएगा। मेट उन कार्य स्थलों पर तैनात किए जाएंगे, जहां 20 से अधिक श्रमिक काम कर रहे हो।
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पंचायतों को चयन और तैनाती का दायित्व
उपायुक्त मनेरगा संजय शर्मा ने बताया कि महिला मेट के चयन और तैनाती का दायित्व ग्राम पंचायतों की होगी। 50 श्रमिकों के लिए कम से कम एक मेट की तैनाती होगी। ग्राम पंचायतों की ओर से योग्यता के अनुसार मेट का चयन किया जाएगा। महिला मेट के कारण के लिए उपयुक्त अभ्यर्थी के चयन का प्रस्ताव ग्राम पंचायत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। चयनित महिला मेट को ब्लॉक स्तर पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। जिसका व्यय मनरेगा के प्रशासनिक मद से होगा।
मेरिट के आधार पर मेटों का चयन
चयनित मेटों की सूची ग्राम पंचायत सचिव की ओर से ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराई जाएगी। मेट चयन के एक सप्ताह के अंदर उन्हें अर्द्धकुशल मजदूर की श्रेणी में पंजीकृत किया जाएगा, जिनकी पंजीकृत आईडी जारी की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित बीडीओ की होगी। मेट का भुगतान लोक निर्माण विभाग के अनुसार निर्धारित दरों पर योजना के सामग्री मद से किया जाएगा। इसके लिए उनका मस्टर रोल भी जारी किया जाएगा।
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सिद्धार्थनगर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों की देखरेख के लिए महिला मेट की तैनाती की जाएगी। जिले में चार सौ मेट के चयन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
शासन स्तर से मिले पत्र के मुताबिक, मनरेगा के तहत महिलाओं की सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए मेट के रूप में महिला की तैनाती की जाएगी। इसमें राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को वरीयता दी जाएगी। यदि गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं नहीं होंगी तो सुयोग्य और पात्र महिला अभ्यर्थी को मेट के रूप में चयनित किया जाएगा। परियोजना के तहत चयनित महिला मेट उसी गांव का निवासी होना चाहिए, जिसमें कार्य कराया जाना है।
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सीडीओ पुलकित गर्ग ने बताया कि जनपद में चार सौ महिलाओं को मेट के रूप में चयन किया गया है। मोबाइल मानीटरिंग सिस्टम के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराते हुए श्रमिकों के खाते में मजदूरी का भुगतान कराएंगे। इसके लिए सभी 14 विकास खंडों में विधिवत प्रशिक्षण दिया गया। मंगलवार को ग्राम पंचायतों में फील्ड विजिट के रूप में प्रशिक्षण कराया जाएगा। मेट उन कार्य स्थलों पर तैनात किए जाएंगे, जहां 20 से अधिक श्रमिक काम कर रहे हो।
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पंचायतों को चयन और तैनाती का दायित्व
उपायुक्त मनेरगा संजय शर्मा ने बताया कि महिला मेट के चयन और तैनाती का दायित्व ग्राम पंचायतों की होगी। 50 श्रमिकों के लिए कम से कम एक मेट की तैनाती होगी। ग्राम पंचायतों की ओर से योग्यता के अनुसार मेट का चयन किया जाएगा। महिला मेट के कारण के लिए उपयुक्त अभ्यर्थी के चयन का प्रस्ताव ग्राम पंचायत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। चयनित महिला मेट को ब्लॉक स्तर पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। जिसका व्यय मनरेगा के प्रशासनिक मद से होगा।
मेरिट के आधार पर मेटों का चयन
चयनित मेटों की सूची ग्राम पंचायत सचिव की ओर से ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराई जाएगी। मेट चयन के एक सप्ताह के अंदर उन्हें अर्द्धकुशल मजदूर की श्रेणी में पंजीकृत किया जाएगा, जिनकी पंजीकृत आईडी जारी की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी संबंधित बीडीओ की होगी। मेट का भुगतान लोक निर्माण विभाग के अनुसार निर्धारित दरों पर योजना के सामग्री मद से किया जाएगा। इसके लिए उनका मस्टर रोल भी जारी किया जाएगा।