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UP: सरयू का जलस्तर स्थिर, राप्ती 3० सेमी घटी; खतरे के निशान से नीचे दोनों नदियां- मुक्तिपथ अभी भी डूबा
Mon, 20 Jul 2026 04:22 PM IST
Rohit Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, चिल्लूपार
संवाद न्यूज एजेंसी, चिल्लूपार
Published by: Rohit Singh
Updated Mon, 20 Jul 2026 04:22 PM IST
सार
रविवार को सरयू नदी के किनारे स्थित मुक्तिपथ पर बनाए गए 34 प्लेटफॉर्म पानी में डूब गए हैं। इसके चलते अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में केवल नौ प्लेटफॉर्म और फर्श का कुछ हिस्सा ही उपयोग के लिए उपलब्ध है।
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सरयू नदी के किनारे स्थित मुक्तिपथ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
चिल्लूपार क्षेत्र में सरयू और राप्ती नदियों के जलस्तर में अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों में बरहज गेज पर सरयू नदी का जलस्तर स्थिर है, जबकि राप्ती नदी का जलस्तर लगभग 3० सेंटीमीटर घट गया है। राहत की बात यह है कि दोनों नदियां अभी भी खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं और फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।
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सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सुधांशु सिंह के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के बाद अभी स्थिर है। जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। वहीं राप्ती नदी के जलस्तर में आई गिरावट से तटीय क्षेत्रों के लोगों ने राहत की सांस ली है। तहसील प्रशासन व बाढ़ खंड के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और तटवर्ती लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
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उधर, बरहज में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग एक मीटर नीचे है । जलस्तर स्थिर है। बावजूद पानी का असर दिखाई देने लगा है। रविवार को सरयू नदी के किनारे स्थित मुक्तिपथ पर बनाए गए 34 प्लेटफॉर्म पानी में डूब गए हैं। इसके चलते अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान में केवल नौ प्लेटफॉर्म और फर्श का कुछ हिस्सा ही उपयोग के लिए उपलब्ध है। मजबूरी में लोग इन्हीं सीमित स्थानों पर दाह-संस्कार कर रहे हैं। क्षेत्र के सतेंद्र सिंह,दीनानाथ चौहान, दिनेश कुमार, योगेन्द्र शुक्ला, मनीष राव,मोनू पांडेय आदि स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जलस्तर की स्थिति को देखते हुए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि अंतिम संस्कार में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
तहसीलदार गोला सतेंद्र कुमार मौर्य का कहना है कि नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ जैसी स्थिति अभी नहीं है।
तहसीलदार गोला सतेंद्र कुमार मौर्य का कहना है कि नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ जैसी स्थिति अभी नहीं है।