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सिद्धार्थनगर: ग्रामीण बोले, नहीं चाहिए खैरात, वापस किया सामान भरा ट्रक
Tue, 01 Nov 2022 02:10 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज सिद्धार्थनगर।
संवाद न्यूज सिद्धार्थनगर।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Nov 2022 02:10 PM IST
सार
बाढ़ से तबाही के बाद ग्रामीणों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वे राहत सामग्री नहीं लेंगे, क्योंकि वर्षों से शाहपुर-भोजपुर बांध अधूरा होने के कारण वे हर साल बाढ़ से तबाह हो रहे हैं। बाढ़ राहत सामग्री लदे ट्रक के पास पहुंचे ग्रामीणों ने राशन किट लेने से इनकार करते हुए ट्रक को वापस कर दिया।
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भनवापुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव में बाढ़ राहत सामग्री लेने से इंकार ग्रामीण। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
विस्तार
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित गांव बढ़या, बिलरिया व पेंड़रिया जीत के लोगों ने सोमवार को बाढ़ राहत सामग्री लेने से मना कर दिया। ट्रक पर बाढ़ राहत सामग्री लेकर राजस्व विभाग की टीम गांवों में पहुंची तो ग्रामीणों ने वापस कर दिया। लोगों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि उन्हें बाढ़ से सुरक्षा चाहिए।
बाढ़ से तबाही के बाद ग्रामीणों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वे राहत सामग्री नहीं लेंगे, क्योंकि वर्षों से शाहपुर-भोजपुर बांध अधूरा होने के कारण वे हर साल बाढ़ से तबाह हो रहे हैं। बाढ़ राहत सामग्री लदे ट्रक के पास पहुंचे ग्रामीणों ने राशन किट लेने से इनकार करते हुए ट्रक को वापस कर दिया। गांव के प्रधान नरेंद्र दूबे, अमित कुमार दूबे, सोनू, कैलाश, रुक्मिणी, महात्मा प्रसाद, मोल्हू, धर्मपाल, राजू आदि ने कहा कि हर साल राप्ती से बाढ़ की तबाही का दंश झेलना पड़ता है, जिसमें, धान की पूरी फसल नष्ट हो जाती है।
शासन व प्रशासन बाढ़ राहत सामग्री व फसलों का निर्धारित मुआवजा देकर अपना कोरम पूरा करता है, जो फसलों की लागत से भी कम है। अब उन्हें बाढ़ राहत या फसलों का मुआवजा नहीं, बल्कि शाहपुर-भोजपुर बांध का शीघ्र निर्माण पूर्ण कर सुरक्षा की गारंटी चाहिए। हल्का लेखपाल आयुष कुमार ने कहा कि बाढ़ राहत सामग्री की करीब तीन सौ किट ट्रक से वितरण के लिए बढ़या ग्राम पंचायत व राजस्व गांव पेंड़रिया जीत, बिलरिया भेजी गई थी। ग्रामीणों ने उसे लेने से इंकार करते हुए ट्रक वापस कर दिया है, जिसकी सूचना तहसीलदार को दे दी गई है।
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बाढ़ से तबाही के बाद ग्रामीणों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वे राहत सामग्री नहीं लेंगे, क्योंकि वर्षों से शाहपुर-भोजपुर बांध अधूरा होने के कारण वे हर साल बाढ़ से तबाह हो रहे हैं। बाढ़ राहत सामग्री लदे ट्रक के पास पहुंचे ग्रामीणों ने राशन किट लेने से इनकार करते हुए ट्रक को वापस कर दिया। गांव के प्रधान नरेंद्र दूबे, अमित कुमार दूबे, सोनू, कैलाश, रुक्मिणी, महात्मा प्रसाद, मोल्हू, धर्मपाल, राजू आदि ने कहा कि हर साल राप्ती से बाढ़ की तबाही का दंश झेलना पड़ता है, जिसमें, धान की पूरी फसल नष्ट हो जाती है।
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शासन व प्रशासन बाढ़ राहत सामग्री व फसलों का निर्धारित मुआवजा देकर अपना कोरम पूरा करता है, जो फसलों की लागत से भी कम है। अब उन्हें बाढ़ राहत या फसलों का मुआवजा नहीं, बल्कि शाहपुर-भोजपुर बांध का शीघ्र निर्माण पूर्ण कर सुरक्षा की गारंटी चाहिए। हल्का लेखपाल आयुष कुमार ने कहा कि बाढ़ राहत सामग्री की करीब तीन सौ किट ट्रक से वितरण के लिए बढ़या ग्राम पंचायत व राजस्व गांव पेंड़रिया जीत, बिलरिया भेजी गई थी। ग्रामीणों ने उसे लेने से इंकार करते हुए ट्रक वापस कर दिया है, जिसकी सूचना तहसीलदार को दे दी गई है।
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