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विकास हत्याकांड : गवाहों का चल रहा बयान, जल्द आएगा फैसला
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-18 जनवरी 2011 को निर्माणाधीन आईटीआई कॉलेज में दोस्तों ने ही कर दी थी गला काटकर हत्या
- मां की तहरीर पर दर्ज हुआ था हत्या का केस, बेटे को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहीं
- इटवा थाना क्षेत्र केे पचमोहनी गांव का निवासी था विकास
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। इटवा थाना क्षेत्र में 18 जनवरी 2011 को सनसनी फैला देने वाले विकास गुप्ता हत्याकांड में केस की सुनवाई चल रही है। गवाहों का बयान हो चुका है। मुकदमे में बहस हो रही है। इस मामले में जल्द ही फैसला आ सकता है। इस चर्चित हत्याकांड में आरोपी विकास के दोस्त ही थे। इसमें दो आरोपियों का न्यायालय में मामला चल रहा है, जबकि नाबालिग होने के कारण एक आरोपी बाल सुधार गृह बस्ती में भेजा गया था।
विकास की मां सोनमती ने केस दर्ज करवाया था। वह खुद तारीख पर आती हैं। उनका कहना है कि जिस दिन बेटे की हत्या करने वाले दोषियों को सजा मिलेगा, उसी दिन आत्मा को सुकून मिलेगा। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के पचमोहनी गांव निवासी विकास (16) पुत्र अयोध्या माता प्रसाद जायसवाल इंटर कॉलेज इटवा में 11वीं का छात्रा था। 18 जनवरी 2011 को संदिग्ध हाल में वह लापता हो गया। दूसरे दिन इटवा कस्बे से सटे विशुनपुर बैराडीह में निर्माणाधीन आईटीआई कॉलेज में उसकी खून से लथपथ लाश मिली थी। पुलिस ने मां सोनमती की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू की, तो इस मामले में मृतक के दोस्त पिंटू पाल, अतुल दुबे और एक अन्य नाबालिग आरोपी बनाए गए।
पुलिस ने पूछताछ करके दो को जेल भेजा, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह बस्ती भेज दिया था। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए कई ठोस सबूत जैसे हत्या में प्रयोग ग्लब्स, गला रेतने वाते ब्लड और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सहित चार्जशीट मामले में प्रस्तुत किया था। मामले की सुनवाई शुरू हो चुकी है। गवाहों के बयान हो चुके हैं। बहस में मामला लगा हुआ है, जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है। तारीख पर मां नियमित आती है।
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चर्चित रहा विकास गुप्ता हत्याकांड
16 वर्षीय छात्र की गला काटकर हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। कालितों ने पहले उसे शराब पिलाई। नशे में धुत होने के बाद ऑपरेशन में प्रयोग होने वाले ब्लेड से उसका गला रेता था। गला इस प्रकार से काटा था कि कोई हड्डी और नस नहीं बची थी, सब कुछ कट गया था। देखने के बाद हर किसी का कलेजा कांप जा रहा था। इस दिल दहला देने वाली घटना की चर्चा कई दिनों तक होती रही है।
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ग्लब्स से कातिलों तक पहुंची थी पुलिस
पुलिस को जांच के दौरान मौके से ग्लब्स मिला था। जिसे जांच के लिए फाॅरेंसिक टीम लेकर गई थी। उधर सीसीटीवी कैमरा हाथ में लगा, जिसमें आरोपी दोस्त उसे लेकर जाते हुए देखे गए थे, लेकिन पुलिस के पास ठोस सबूत नहीं था। वह मुंह नहीं खोल रहे थे। ग्लब्स के जरिये फिंगर प्रिंट लिया गया। मिलान हुआ। इसके बाद जिस मेडिकल स्टोर से वह खरीदे गए थे, वहां से भी जानकारी पुख्ता हुई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेजा था।
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बोली मां, बेटे के कातिलों को सजा दिलाने के लिए लड़ते रहेंगे
विकास की मां ही मुकदमे की तारीख पर आती है। उन्हीं की तहरीर पर केस भी दर्ज हुआ था। कारण पति अयोध्या कमाने के लिए बाहर रहते हैं। सोनमती ने बातचीत में बताया कि बेटे के कत्ल के बाद से हम टूट गए। हमारा बेटा बहुत ही अच्छा था। पहले उसे पढ़ाकर अच्छा आदमी बनाना जीवन का उद्देश्य था। अब बेटे की हत्या करने वालों को सजा दिलाना जिंदगी का मकसद बन गया है।
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बोले जिम्मेदार
न्यायालय में केस का परीक्षण चल रहा है। साक्ष्यों का परीक्षण हो रहा है। गवाहों के बयान हो चुके हैं। ट्रायल में हैै, जल्द ही फैसला आ सकता है।
-राजेश कुमार त्रिपाठी, शासकीय अधिवक्ता
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- मां की तहरीर पर दर्ज हुआ था हत्या का केस, बेटे को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहीं
- इटवा थाना क्षेत्र केे पचमोहनी गांव का निवासी था विकास
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। इटवा थाना क्षेत्र में 18 जनवरी 2011 को सनसनी फैला देने वाले विकास गुप्ता हत्याकांड में केस की सुनवाई चल रही है। गवाहों का बयान हो चुका है। मुकदमे में बहस हो रही है। इस मामले में जल्द ही फैसला आ सकता है। इस चर्चित हत्याकांड में आरोपी विकास के दोस्त ही थे। इसमें दो आरोपियों का न्यायालय में मामला चल रहा है, जबकि नाबालिग होने के कारण एक आरोपी बाल सुधार गृह बस्ती में भेजा गया था।
विकास की मां सोनमती ने केस दर्ज करवाया था। वह खुद तारीख पर आती हैं। उनका कहना है कि जिस दिन बेटे की हत्या करने वाले दोषियों को सजा मिलेगा, उसी दिन आत्मा को सुकून मिलेगा। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के पचमोहनी गांव निवासी विकास (16) पुत्र अयोध्या माता प्रसाद जायसवाल इंटर कॉलेज इटवा में 11वीं का छात्रा था। 18 जनवरी 2011 को संदिग्ध हाल में वह लापता हो गया। दूसरे दिन इटवा कस्बे से सटे विशुनपुर बैराडीह में निर्माणाधीन आईटीआई कॉलेज में उसकी खून से लथपथ लाश मिली थी। पुलिस ने मां सोनमती की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू की, तो इस मामले में मृतक के दोस्त पिंटू पाल, अतुल दुबे और एक अन्य नाबालिग आरोपी बनाए गए।
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पुलिस ने पूछताछ करके दो को जेल भेजा, जबकि नाबालिग को बाल सुधार गृह बस्ती भेज दिया था। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए कई ठोस सबूत जैसे हत्या में प्रयोग ग्लब्स, गला रेतने वाते ब्लड और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सहित चार्जशीट मामले में प्रस्तुत किया था। मामले की सुनवाई शुरू हो चुकी है। गवाहों के बयान हो चुके हैं। बहस में मामला लगा हुआ है, जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है। तारीख पर मां नियमित आती है।
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चर्चित रहा विकास गुप्ता हत्याकांड
16 वर्षीय छात्र की गला काटकर हत्या से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। कालितों ने पहले उसे शराब पिलाई। नशे में धुत होने के बाद ऑपरेशन में प्रयोग होने वाले ब्लेड से उसका गला रेता था। गला इस प्रकार से काटा था कि कोई हड्डी और नस नहीं बची थी, सब कुछ कट गया था। देखने के बाद हर किसी का कलेजा कांप जा रहा था। इस दिल दहला देने वाली घटना की चर्चा कई दिनों तक होती रही है।
ग्लब्स से कातिलों तक पहुंची थी पुलिस
पुलिस को जांच के दौरान मौके से ग्लब्स मिला था। जिसे जांच के लिए फाॅरेंसिक टीम लेकर गई थी। उधर सीसीटीवी कैमरा हाथ में लगा, जिसमें आरोपी दोस्त उसे लेकर जाते हुए देखे गए थे, लेकिन पुलिस के पास ठोस सबूत नहीं था। वह मुंह नहीं खोल रहे थे। ग्लब्स के जरिये फिंगर प्रिंट लिया गया। मिलान हुआ। इसके बाद जिस मेडिकल स्टोर से वह खरीदे गए थे, वहां से भी जानकारी पुख्ता हुई। इसके बाद पुलिस ने उन्हें जेल भेजा था।
बोली मां, बेटे के कातिलों को सजा दिलाने के लिए लड़ते रहेंगे
विकास की मां ही मुकदमे की तारीख पर आती है। उन्हीं की तहरीर पर केस भी दर्ज हुआ था। कारण पति अयोध्या कमाने के लिए बाहर रहते हैं। सोनमती ने बातचीत में बताया कि बेटे के कत्ल के बाद से हम टूट गए। हमारा बेटा बहुत ही अच्छा था। पहले उसे पढ़ाकर अच्छा आदमी बनाना जीवन का उद्देश्य था। अब बेटे की हत्या करने वालों को सजा दिलाना जिंदगी का मकसद बन गया है।
बोले जिम्मेदार
न्यायालय में केस का परीक्षण चल रहा है। साक्ष्यों का परीक्षण हो रहा है। गवाहों के बयान हो चुके हैं। ट्रायल में हैै, जल्द ही फैसला आ सकता है।
-राजेश कुमार त्रिपाठी, शासकीय अधिवक्ता