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नहीं मिले बेहोशी के डॉक्टर, ओटी से गर्भवती को करना पड़ा रेफर

Wed, 08 Jun 2022 12:36 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2022 12:36 AM IST
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Unconscious doctor not found, pregnant had to be referred from OT
नहीं मिले बेहोशी के डॉक्टर, ओटी से गर्भवती को करना पड़ा रेफर
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-मेडिकल कॉलेज से संबद्घ संयुक्त जिला अस्पताल का मामला
-गोरखपुर के कैंपियरगंज स्थित निजी अस्पताल में ऑपरेशन से हुआ प्रसव
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्घ संयुक्त जिला अस्पताल में सोमवार रात 9 बजे बेहोशी के डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने से जच्चा-बच्चा की जान खतरे में पड़ गई। गर्भवती को ऑपरेशन थियेटर में भेजने के बाद तक बेहोशी के डॉक्टर को बुलाने की कोशिश जारी रही। अंत में महिला की हालत गंभीर होते देख परिजन उसे गोरखपुर के कैंपियरगंज के निजी अस्पताल में ले गए, जहां ऑपरेशन से प्रसव हुआ। जच्चा-बच्चा सुरक्षित है, लेकिन जिला अस्पताल की लापरवाही से परिजनों में आक्रोश है।
कैंपियरगंज के बलुआ सोनौली के लक्ष्मी शंकर द्विवेदी की पत्नी रूबी को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार रात जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। जांच के बाद पता चला कि मरीज की स्थिति गंभीर है और ऑपरेशन से ही प्रसव कराने में जच्चा-बच्चा की सुरक्षा हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार बच्चे के गले में नाल फंसी हुई थी, जबकि रूबी की जांच में प्लेटलेट्स और शुगर कम मिले। रिपोर्ट के अनुसार ऑपरेशन करना संभव नहीं था, लेकिन दोबारा जांच हुई तो प्लेटलेट्स की रिपोर्ट 70 हजार के बजाए 1.35 लाख आई और शुगर का स्तर 95 हो गया था। डॉक्टरों ने उसे ओटी में भेजा, लेकिन जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में बेहोशी का कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. एसएन उपाध्याय ने सीएमएस डॉ. नीना वर्मा को जानकारी दी तो उन्होंने भी डॉक्टरों को बुलाने की कोशिश की, लेकिन बाद में मरीज के हित में रेफर करने का सुझाव दिया। उसके बाद गुस्साए मरीज बिना रेफर पर्चा के ही अस्पताल से चले गए। इस मामले में डॉ. एसएन उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने जिला अस्पताल के तीनों डॉक्टरों को फोन लगाया था, जबकि लेबर रूम में मेडिकल कॉलेज के बेहोशी के डॉक्टरों के मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं थे।
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महराजगंज से ज्यादा हुई लापरवाही
रूबी को प्रसव पीड़ा हुई तो वे महराजगंज जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र धानी गए, जहां गंभीर स्थिति देखते हुए डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। उन्होंने एक बार जिला अस्पताल में लापरवाही देखी थी, इस कारण धानी से मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर गए, जहां और अधिक लापरवाही का सामना करना पड़ा।
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बच्चे के सिर में सूजन
लक्ष्मी शंकर ने बताया कि ऑपरेशन से प्रसव हुआ, लेकिन बच्चे के सिर में सूजन है। डॉक्टर के सुझाव पर वे बच्चे को लेकर गोरखपुर इलाज कराने गए थे। मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर में लापरवाही के कारण जच्चा-बच्चा की जान खतरे में पड़ गई थी।

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वर्जन--
जिला अस्पताल में इमरजेंसी केस में बेहोशी के डॉक्टर क्यों नहीं मिले, इसकी जांच की जाएगी। इस मामले में सीएमएस से बात करूंगा। ऐसी लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
- डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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