उमेश पाल हत्याकांड: यूपी एसटीएफ ने नेपाल के कारोबारी को उठाया, अतीक से बताया पुराना संबंध
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के एक आपराधिक मामले में गवाह उमेश पाल की 24 फरवरी को दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया था। इस घटना में पुलिस जवान भी शहीद हो गए थे। पुलिस की जांच में अतीक अहमद का परिवार और उसके सहयोगियों के शामिल होने के साक्ष्य मिले थे।
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प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड के तार नेपाल से भी जुड़ रहे हैं। हत्याकांड में शामिल अपराधियों की धरपकड़ में लगी यूपी एसटीएफ की टीम ने सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले के चंद्ररौटा से एक कारोबारी को हिरासत में लिया है। वह अतीक अहमद का करीबी और कई बदमाशों का शरणदाता बताया जा रहा है।
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि उसे सिद्धार्थनगर जिले के एक सीमावर्ती थाने में पूछताछ के लिए रोका गया था, लेकिन मामला लीक होने के डर से उसे गोरखपुर ले जाया गया। वहां पूछताछ में उसने हत्याकांड में शामिल कुछ लोगों को नेपाल में पहुंचाने की बात भी स्वीकार की है। हालांकि यह अधिकारिक पुष्टि नहीं है। अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
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प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद के एक आपराधिक मामले में गवाह उमेश पाल की 24 फरवरी को दिनदहाड़े गोलियों से भून दिया गया था। इस घटना में पुलिस जवान भी शहीद हो गए थे। पुलिस की जांच में अतीक अहमद का परिवार और उसके सहयोगियों के शामिल होने के साक्ष्य मिले थे। अपराधियों की धरपकड़ में पुलिस देश के कई कोने में हाथ-पांव मार रही है।
सूत्रों के मुताबिक, इसी बीच यूपी एसटीएफ को जानकारी मिली कि हत्याकांड में शामिल शूटर नेपाल में छिपे हो सकते हैं। टीम ने जाल बिछाया और कभी अतीक अहमद का करीबी और नेपाल में आपराधिक कार्य में लिप्त कारोबारी कयूम अंसारी, जो नेपाल के चंद्ररौटा में पेट्रोल पंप संचालक है, उससे तार जुड़ने की बात सामने आई।
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बृहस्पतिवार को यूपी एसटीएफ का एक दस्ता नेपाल से कयूम अंसारी को उठा लिया। पकड़ने वाली टीम में गोरखपुर और प्रयागराज एसटीएफ यूनिट के शामिल होने की बात सामने आई है। हालांकि इस मामले में जिले आला अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
कयूम अंसारी के अतीक अहमद से पुराने संबंध
पुलिस विभाग एक सीनियर अफसर के अनुसार कयूम अंसारी अपराधियों का शरणदाता रहा है। यहां से अपराध करके जाने वालों को वह शरण देता रहा है। उसके अतीक अहमद से पुराने संबंध रहे हैं। लगभग 10 वर्ष पहले मुंबई में हुई किसी घटना में भी उसका नाम आया था। तब मुंबई पुलिस ने यूपी एसटीएफ की मदद से उसे उठाया था। लेकिन कोई ठोस क्लू न होने के कारण उसे छोड़ना पड़ा था।
नेपाल के रास्ते अन्य स्थानों पर भेजने का करता था काम
तीन दिन नेपाल में रही टीम
बताया जा रहा है कि जानकारी मिलने के बाद यूपी एसटीएफ की टीम तीन दिन नेपाल में रही। कयूम की सारी गतिविधियों पर नजर रखी थी। मौका मिलते ही उसे टीम ने उठा लिया। नेपाल के लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई इतनी जल्दी में हुई कि किसी को कोई पता नहीं चल सका। लोगों का कहना है कि कयूम का नेपाल में दबदबा है।
अपराधियों का नेपाल पहुंचना सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चूक
बताया जा रहा है कि उमेश पाल हत्याकांड में कयूम के पकड़े जाने के बाद कई खुलासे हो रहे हैं। उसने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने कुछ शूटरों को सिद्धार्थनगर के रास्ते नेपाल में प्रवेश कराया है। हालांकि इसका कोई ठोस सुबूत नहीं है। अगर ऐसा हुआ है तो यह सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी चूक कही जाएगी। इस हाईप्रोफाइल हत्याकांड के बाद हत्यारों को पकड़ने के लिए एसटीएफ और प्रयागराज पुलिस दिन-रात एक किए है। सभी अलर्ट मोड में हैं। सोशल मीडिया पर अपराधियों की फोटो और वीडियो शेयर हो रहे थे। इसके बावजूद सिद्धार्थनगर जिले से नेपाल में प्रवेश हो गया और पुलिस उनको पहचान तक नहीं सकी।