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उफनाई नदियां, गांवों में घुसा पानी
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 26 Jul 2016 10:27 PM IST
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औदहीं-बसंतपुर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क पर लगा पानी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बढ़नी/परसा/भनवापुर। नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश नेे मंगलवार को जिले में बाढ़ के हालात बना दिए हैं। सुरही और घोरही का जलस्तर बढ़ने से भारतीय सीमा क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में पानी घुस गया है। हजारों बीघा खेत बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। सड़क, स्कूल, मकान में पानी घुस गया है।
गांवों में पानी घुसने की रफ्तार तेज होने से ग्रामीणों का सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन शुरू हो चुका है। इस बीच बढनी के भावपुर गुलरी गांव में भैंस को निकालने नाले में उतरा किशोर बाढ़ के पानी में बह गया। तीन घंटे बाद भी उसका कहीं पता नहीं चल सका। राप्ती, बूढ़ी राप्ती और बानगंगा भी उफान पर है। इन नदियों में तेजी से जलस्तर बढ़ने के बाद कई दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों की ओर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है।
सोमवार की शाम से ही पहाड़ों पर लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते नेपाल का सुरही और घोरही नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी ओवरफ्लो कर भारतीय सीमा के गांवों में घुस गया। बढ़नी के बसंतपुर, खरीकौरा, बेनीनगर, महादेव बुजुर्ग, औदही खुर्द सहित कई गांव इसकी चपेट में आ गए हैं। सबसे पहले इन गांवों के खेत-खलिहान डूबे। फिर सड़कों को जलमग्र करते हुए पानी आबादी क्षेत्रों में घुस गया।
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पानी बढने की रफ्तार इतनी तेज रही कि चंद घंटे में ही कई गांवों में पंजे से घुटने तक पानी पहुंच गया। बेनीनगर से महादेव बुजुर्ग संपर्क मार्ग के तीन फुट ऊपर से पानी चल रहा था। एक छोर से दूसरे छोर तक रस्सी बांधकर लोग सुरक्षित ठिकाने की ओर भागते दिखे। पानी की रफ्तार देख लोग सहमे हुए हैं। अगर यही रफ्तार बनी रही तो दर्जनों गांव बाढ़ में डूब सकते हैं। उधर, भनवापुर क्षेत्र में राप्ती का कहर जारी है।
नदी के जलस्तर में वृद्धि से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि तेज बारिश ने स्थिति विकट कर दी है। जुड़ीकुइयां-बिजौरा मार्ग पानी में डूब गया है। सड़क से तीन फीट ऊपर पानी चल रहा है। बेलवा, बिजौरा, जुड़ीकुइया, रमवापुर, जमतराम, मुबारपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। गागापुर, बिजौरा, बानदेई, रावडीहा, विशुनपुर, औरंगाबाद, परसइया सदानंद सहित एक दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं।
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गांवों में पानी घुसने की रफ्तार तेज होने से ग्रामीणों का सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन शुरू हो चुका है। इस बीच बढनी के भावपुर गुलरी गांव में भैंस को निकालने नाले में उतरा किशोर बाढ़ के पानी में बह गया। तीन घंटे बाद भी उसका कहीं पता नहीं चल सका। राप्ती, बूढ़ी राप्ती और बानगंगा भी उफान पर है। इन नदियों में तेजी से जलस्तर बढ़ने के बाद कई दर्जन गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों की ओर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है।
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सोमवार की शाम से ही पहाड़ों पर लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते नेपाल का सुरही और घोरही नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। पानी ओवरफ्लो कर भारतीय सीमा के गांवों में घुस गया। बढ़नी के बसंतपुर, खरीकौरा, बेनीनगर, महादेव बुजुर्ग, औदही खुर्द सहित कई गांव इसकी चपेट में आ गए हैं। सबसे पहले इन गांवों के खेत-खलिहान डूबे। फिर सड़कों को जलमग्र करते हुए पानी आबादी क्षेत्रों में घुस गया।
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पानी बढने की रफ्तार इतनी तेज रही कि चंद घंटे में ही कई गांवों में पंजे से घुटने तक पानी पहुंच गया। बेनीनगर से महादेव बुजुर्ग संपर्क मार्ग के तीन फुट ऊपर से पानी चल रहा था। एक छोर से दूसरे छोर तक रस्सी बांधकर लोग सुरक्षित ठिकाने की ओर भागते दिखे। पानी की रफ्तार देख लोग सहमे हुए हैं। अगर यही रफ्तार बनी रही तो दर्जनों गांव बाढ़ में डूब सकते हैं। उधर, भनवापुर क्षेत्र में राप्ती का कहर जारी है।
नदी के जलस्तर में वृद्धि से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि तेज बारिश ने स्थिति विकट कर दी है। जुड़ीकुइयां-बिजौरा मार्ग पानी में डूब गया है। सड़क से तीन फीट ऊपर पानी चल रहा है। बेलवा, बिजौरा, जुड़ीकुइया, रमवापुर, जमतराम, मुबारपुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। गागापुर, बिजौरा, बानदेई, रावडीहा, विशुनपुर, औरंगाबाद, परसइया सदानंद सहित एक दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं।