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Siddharthnagar News: मिलावटी बेसन बेचने के दोषी को दो साल की सजा, पांच हजार जुर्माना
Thu, 14 Nov 2024 11:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 14 Nov 2024 11:16 PM IST
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सिद्धार्थनगर। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्रद्धा भारतीया ने मिलावटी बेसन बेचने के दोषी किराना व्यवसायी कनिकराम को खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के तहत दो साल कैद की सजा सुनायी है। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वह थानाक्षेत्र भवानीगंज के भड़रिया बाजार का रहने वाला है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे अतिरिक्त तीन माह की सजा भुगतनी होगी।
परिवाद पत्र के अभियोजन कथानक के अनुसार कनिकराम पुत्र भगवानदास साकिन भडरिया बाजार अपनी भड़रिया बाजार स्थित किराने की दुकान पर दुकानदारी कर रहा था। जहां वह 28 सितंबर 1991 को चने का मिलावटी बेसन बेचते हुए पाया गया। खाद्य निरीक्षक ने अपना परिचय देते हुए दुकानदार से चना बेसन नौ रुपया मूल्य देकर जांच नमूना खरीदा एवं लिखित नोटिस दिया और विक्रेता को बताया नमूना जांच के लिए भेजा जाएगा।
कागजात तैयार करके खाद्य निरीक्षक ने विक्रेता से हस्ताक्षर कराया और नमूने की एक सीलबंद शीशी बेसन चने की जन विश्लेषक उत्तर प्रदेश लखनऊ को जांच के लिए भेजी गई तथा शेष दो सीलबंद शिशियां बेसन चने की स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में जमा की गई।
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जांच रिपोर्ट में बेसन का मिलावटी होना और स्वास्थ्य के लिए हानिकर पाया गया जो पीएफ एक्ट का उल्लंघन है और दंडनीय अपराध है। मुख्य चिकित्साधिकारी कनिकराम पर न्यायालय में मुकदमा चलाने की स्वीकृति प्रदान किया जिसके बाद उसके खिलाफ खाद्य विभाग ने न्यायालय में खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के अपराध का परिवाद दाखिल किया।
न्यायालय ने संज्ञान लेकर विचारण शुरू किया और विचारण की समाप्ति के बाद उपलब्ध साक्ष्यों, गवाही, जिरह, जन विश्लेषक रिपोर्ट, मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों तथा अन्य सुसंगत दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर कनिकराम को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाया।
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परिवाद पत्र के अभियोजन कथानक के अनुसार कनिकराम पुत्र भगवानदास साकिन भडरिया बाजार अपनी भड़रिया बाजार स्थित किराने की दुकान पर दुकानदारी कर रहा था। जहां वह 28 सितंबर 1991 को चने का मिलावटी बेसन बेचते हुए पाया गया। खाद्य निरीक्षक ने अपना परिचय देते हुए दुकानदार से चना बेसन नौ रुपया मूल्य देकर जांच नमूना खरीदा एवं लिखित नोटिस दिया और विक्रेता को बताया नमूना जांच के लिए भेजा जाएगा।
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कागजात तैयार करके खाद्य निरीक्षक ने विक्रेता से हस्ताक्षर कराया और नमूने की एक सीलबंद शीशी बेसन चने की जन विश्लेषक उत्तर प्रदेश लखनऊ को जांच के लिए भेजी गई तथा शेष दो सीलबंद शिशियां बेसन चने की स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में जमा की गई।
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जांच रिपोर्ट में बेसन का मिलावटी होना और स्वास्थ्य के लिए हानिकर पाया गया जो पीएफ एक्ट का उल्लंघन है और दंडनीय अपराध है। मुख्य चिकित्साधिकारी कनिकराम पर न्यायालय में मुकदमा चलाने की स्वीकृति प्रदान किया जिसके बाद उसके खिलाफ खाद्य विभाग ने न्यायालय में खाद्य अपमिश्रण अधिनियम के अपराध का परिवाद दाखिल किया।
न्यायालय ने संज्ञान लेकर विचारण शुरू किया और विचारण की समाप्ति के बाद उपलब्ध साक्ष्यों, गवाही, जिरह, जन विश्लेषक रिपोर्ट, मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों तथा अन्य सुसंगत दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर कनिकराम को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाया।