फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Two houses collapsed within just 15 years; committee formed to investigate.

15 साल में ढही छत: 50 करोड़ की लागत से बने आवास में भ्रष्टाचार की दीमक, दो फ्लैट की छत गिरी- अब जांच शुरू

Tue, 21 Jul 2026 02:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो परमात्मा शुक्ल, सिद्धार्थनगर
परमात्मा शुक्ल, सिद्धार्थनगर Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Tue, 21 Jul 2026 02:23 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की ओर से शहरी गरीब आवास योजना के तहत एक हजार आवास बनाए गए थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने नौ अक्टूबर 2008 को इसका शिलान्यास किया था और दिसंबर 2011 में निर्माण पूरा हुआ। ऑफिसर्स कॉलोनी में तीन मंजिला कांशीराम आवास में 84 ब्लॉक हैं और हर ब्लॉक में 12-12 फ्लैट हैं।

विज्ञापन
Two houses collapsed within just 15 years; committee formed to investigate.
कांशीराम आवास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

शहर की ऑफिसर्स कॉलोनी में बने कांशीराम आवास की दरकती छतों से भ्रष्टाचार की दीमक नजर आने लगी है। महज 15 साल पहले 50 करोड़ की लागत से बने इस आवास के दो फ्लैट की छत शनिवार को ढह गई। 99 साल तक सुरक्षित मानी जाने वाली कंक्रीट की छत 15 वर्षों में ही ध्वस्त हो जाने से गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विज्ञापन


नगर पालिका ने इन आवासों की मजबूती जांचने के लिए पीडब्ल्यूडी से सिफारिश की है। दो इंजीनियरों की टीम जांच करेगी, अगर भवन असुरक्षित पाया जाता है तो इसे ध्वस्त कराया जाएगा। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की ओर से शहरी गरीब आवास योजना के तहत एक हजार आवास बनाए गए थे।
विज्ञापन
Trending Videos

तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने नौ अक्टूबर 2008 को इसका शिलान्यास किया था और दिसंबर 2011 में निर्माण पूरा हुआ। ऑफिसर्स कॉलोनी में तीन मंजिला कांशीराम आवास में 84 ब्लॉक हैं और हर ब्लॉक में 12-12 फ्लैट हैं। प्रत्येक फ्लैट में दो कमरे के साथ किचन और शौचालय की सुविधा है। अधिकतर फ्लैट में सीलन से लोग परेशान हैं, बरसात में तीसरी मंजिल की छतें भी टपक रही हैं।

बताया जा रहा है कि जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से निचली भूमि में स्थित आवास परिसर और सड़क पर बारिश में पानी भरा हुआ है। यहां अधिकतर फ्लैट की दीवार और छत के प्लास्टर टूटकर गिर रहे हैं और छत में डाली गई सरिया दिखने लगी है। कई फ्लैट में खिड़कियां और दरवाजे तक उखड़ चुके हैं।
विज्ञापन

Two houses collapsed within just 15 years; committee formed to investigate.
कांशीराम आवास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
18 जुलाई को बारिश के दौरान ब्लॉक संख्या 40 और 41 के दो फ्लैट की छत ढह गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन अन्य फ्लैट में रहने वाले लोग इससे सहमे हुए हैं। इसके साथ ही आवासों की मजबूती को लेकर भी सवाल होने लगे।

भवन की क्षमता और मजबूती की होगी जांच :
पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों के अनुसार, कांशीराम आवास भवन की क्षमता और मजबूती की जांच होगी। भवन की नींव, बीम और छत का तकनीकी और भौतिक मूल्यांकन किया जाएगा। बाहरी और आंतरिक हिस्सों का निरीक्षण करके दरारें, झुकाव, दीवारों की मोटाई और सीलन या जंग लगने के संकेतों की जांच की जाएगी।
विज्ञापन

60 से 99 वर्ष है उम्र, पहले ही दरकने लगा
डीआरडीए से सेवानिवृत्त इंजीनियर वेद प्रकाश चौधरी का कहना है कि ईंट से बने छत की उम्र 60 वर्ष होती है, जबकि कंक्रीट से बनाई गई छत 99 वर्ष के लिए मजबूत मानी जाती है। अगर इससे पहले भवन की छत या दीवार गिरने या दरकने लगे तो निश्चित तौर पर निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी उजागर होती है। सुरक्षा व मजबूती के लिए प्रयुक्त किए जाने वाली सरिया, सीमेंट सरिया के कम उपयोग से ही ऐसा संभव हो सकता है।

जबसे हमारे ब्लॉक संख्या 41 के एक फ्लैट की छत ढह गई तभी से रात में नींद नहीं आ रही है कि पता नहीं कब कोई हादसा हो जाए। भवन के सुरक्षित करने के लिए जांच की जानी जरूरी है: अख्तर, कांशीराम आवास

Two houses collapsed within just 15 years; committee formed to investigate.
कांशीराम आवास - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हमारे ब्लॉक संख्या 40 के एक फ्लैट की छत ढहने के बाद खुद के साथ परिवार की सुरक्षा की चिंता रहती है। इसलिए लोगों के सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन कार्रवाई करें: शाहजहां, कांशीराम आवास

सुरक्षा के दृष्टिकोण से कांशीराम आवास के भवन की जांच के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद भवन के असुरक्षित पाए जाने पर उसे खाली कराते हुए अग्रिम कार्रवाई की जाएगी: अजय कुमार सिंह, ईओ, नगर पालिका
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed