{"_id":"62a4cfc4882b742a82194003","slug":"trains-start-from-siddharthnagar-siddharthnagar-news-gkp4399963200","type":"story","status":"publish","title_hn":"शुरू हुईं ट्रेनें, आसान हुआ सफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शुरू हुईं ट्रेनें, आसान हुआ सफर
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरते यात्री। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुरू हुईं ट्रेनें, आसान हुआ सफर
- गोंडा में यार्ड रिमॉडलिंग कार्य की वजह से रद्द थी सात जोड़ी ट्रेनें
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/परसा। पूर्वोत्तर रेलवे के गोंडा यार्ड की रिमॉडलिंग का काम पूरा होने के बाद 17 मई से रद्द चल रही सात जोड़ी ट्रेनें बहाल कर दी गई हैं। ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू होने से हजारों यात्रियों को राहत मिली है।
पूर्वोत्तर रेलवे के गोंडा यार्ड की रिमॉडलिंग का काम पूरा होने के बाद 17 मई से रद्द चल रही गोंडा-गोरखपुर वाया बढ़नी-बलरामपुर रुट की सात जोड़ी ट्रेनें बहाल कर दी गई हैं। इस कारण जिन रेलवे स्टेशनों पर सन्नाटा छाया रहता था, उन स्टेशन पर अब रौनक बढ़ गई है।
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ-गोंडा-गोरखपुर रेलखंड पर 23 दिन बाद ट्रेनों का संचालन शुरू होने से हजारों यात्रियों ने राहत की सांस ली है। इसके साथ ही रेलखंड पर ट्रेनों की लेटलतीफी में भी सुधार की उम्मीद है।
विज्ञापन
खास बात यह रही कि रिमॉडलिंग का काम तय समय से पांच घंटे पहले पूरा कर लिया गया। गोंडा स्टेशन व यार्ड की रिमॉडलिंग का काम 17 मई को शुरू हुआ था। इससे दो दर्जन प्रमुख ट्रेनों के साथ ही दर्जनभर पैसेंजर ट्रेनें रद करनी पड़ीं थीं। यार्ड रिमॉडलिंग के बाद ज्यादातर ट्रेनें नौ जून और बाकी 10 जून को बहाल कर दी गईं।
--
अब गोंडा में नहीं होगी देर
गोंडा रेलखंड पर अब तक महज तीन प्लेटफॉर्म होने से कई ट्रेनें अक्सर आउटर पर रोकनी पड़ती थीं। हालांकि अब पांच प्लेटफॉर्म होने से दिक्कत नहीं होगी। आउटर पर लाइन क्लीयर होने के इंतजार में यात्रियों का समय अब बर्बाद नहीं होगा। इस संबंध में बढ़नी के स्टेशन अधीक्षक एनएस राणा ने बताया कि नॉन इंटरलॉकिंग का काम पूरा हो चुका है। ऐसे में तय समय सीमा के तहत ट्रेन संचालन नौ जून से ही शुरू हो गया।
----
कम किराया में ज्यादा सुविधा
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर गोरखपुर के श्रवण कुमार ने बताया कि ट्रेनों का संचालन शुरू होने से बड़ी राहत मिली है। ट्रेन में बस की अपेक्षा कम किराया लगता है और सुविधाएं भी ज्यादा मिलती है। ट्रेन की यात्रा में थकान कम लगती है। मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ट्रेन की यात्रा में बस की अपेक्षा कम समय लगता है। ट्रेन सेवा बेहतर है।
विज्ञापन
- गोंडा में यार्ड रिमॉडलिंग कार्य की वजह से रद्द थी सात जोड़ी ट्रेनें
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/परसा। पूर्वोत्तर रेलवे के गोंडा यार्ड की रिमॉडलिंग का काम पूरा होने के बाद 17 मई से रद्द चल रही सात जोड़ी ट्रेनें बहाल कर दी गई हैं। ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू होने से हजारों यात्रियों को राहत मिली है।
पूर्वोत्तर रेलवे के गोंडा यार्ड की रिमॉडलिंग का काम पूरा होने के बाद 17 मई से रद्द चल रही गोंडा-गोरखपुर वाया बढ़नी-बलरामपुर रुट की सात जोड़ी ट्रेनें बहाल कर दी गई हैं। इस कारण जिन रेलवे स्टेशनों पर सन्नाटा छाया रहता था, उन स्टेशन पर अब रौनक बढ़ गई है।
विज्ञापन
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ-गोंडा-गोरखपुर रेलखंड पर 23 दिन बाद ट्रेनों का संचालन शुरू होने से हजारों यात्रियों ने राहत की सांस ली है। इसके साथ ही रेलखंड पर ट्रेनों की लेटलतीफी में भी सुधार की उम्मीद है।
विज्ञापन
खास बात यह रही कि रिमॉडलिंग का काम तय समय से पांच घंटे पहले पूरा कर लिया गया। गोंडा स्टेशन व यार्ड की रिमॉडलिंग का काम 17 मई को शुरू हुआ था। इससे दो दर्जन प्रमुख ट्रेनों के साथ ही दर्जनभर पैसेंजर ट्रेनें रद करनी पड़ीं थीं। यार्ड रिमॉडलिंग के बाद ज्यादातर ट्रेनें नौ जून और बाकी 10 जून को बहाल कर दी गईं।
--
अब गोंडा में नहीं होगी देर
गोंडा रेलखंड पर अब तक महज तीन प्लेटफॉर्म होने से कई ट्रेनें अक्सर आउटर पर रोकनी पड़ती थीं। हालांकि अब पांच प्लेटफॉर्म होने से दिक्कत नहीं होगी। आउटर पर लाइन क्लीयर होने के इंतजार में यात्रियों का समय अब बर्बाद नहीं होगा। इस संबंध में बढ़नी के स्टेशन अधीक्षक एनएस राणा ने बताया कि नॉन इंटरलॉकिंग का काम पूरा हो चुका है। ऐसे में तय समय सीमा के तहत ट्रेन संचालन नौ जून से ही शुरू हो गया।
----
कम किराया में ज्यादा सुविधा
सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर गोरखपुर के श्रवण कुमार ने बताया कि ट्रेनों का संचालन शुरू होने से बड़ी राहत मिली है। ट्रेन में बस की अपेक्षा कम किराया लगता है और सुविधाएं भी ज्यादा मिलती है। ट्रेन की यात्रा में थकान कम लगती है। मनोज कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ट्रेन की यात्रा में बस की अपेक्षा कम समय लगता है। ट्रेन सेवा बेहतर है।