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तीन दिन अवकाश : खुला अस्पताल तो पहुंचे डेढ़ हजार मरीज
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- होली के बाद माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में दिखी मरीजों की भीड़
- चिकित्सक को दिखाने और जांच कराने में छूटा मरीजों का पसीना
- बच्चों और मेडिसिन के चिकित्सक के केबिन के बाहर लगी रही लंबी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बुधवार को मरीजों की भारी भीड़ रही। चिकित्सकों को दिखाने, जांच कराने और दवा लेने में मरीजों का पसीना छूट गया। कारण मरीजों की संख्या डेढ़ गुना हो गई थी। जहां सामान्य दिनों में 900 से 1100 ओपीडी होती थी। वह 1500 पहुंच गई। यह होली में तीन दिन ओपीडी बंद होने की वजह से होना बताया जा रहा है।
जिला अस्पताल के माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। प्रतिदिन 500 की ओपीडी 900 से 1100 के बीच में पहुंच गई। होली पर तीन दिन के अवकाश के कारण बंद था। बुधवार को ओपीडी खुली तो मेडिकल कॉलेज में मरीजों की बड़ी भीड़ उमड़ पड़ी। अस्पताल में देखा गया कि सर्जन डॉ. आशीष त्रिपाठी के केबिन और बाहर मरीजों की भारी भीड़ थी। इसमें पेट दर्द, गैस और अन्य समस्या से जुड़े 190 मरीज दोपहर तक पहुंच चुके थे। रामनरेश ने बताया कि पेट दर्द और उल्टी की शिकायत थी। समस्या रविवार से थी, लेकिन अस्पताल बंद होने के कारण नहीं आए पाए थे।
डॉ. आशीष त्रिपाठी ने बताया कि मरीजों को देखने के बाद जांच कराने की सलाह देने के साथ ही लक्षण के हिसाब से दवा दी गई। जांच रिपोर्ट के बाद फिर दवा आगे चलाई जाती है। वहीं, बालरोग विशेषज्ञ डॉ. नर्मता चौधरी के कक्ष में मरीजों की भीड़ है। इनके पास मौसमी बीमारी जैसे बुखार, जुकाम, उल्टी और दस्त की शिकायत अधिक थी। दोपहर 12 बजे तक 100 से अधिक मरीजों को देख चुकी थीं। इनके अलावा एक अन्य बालरोग विशेषज्ञ के पास इतनी ही संख्या में मरीज पहुंचे थे।
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डॉ. नर्मता ने बताया कि दवा देने के साथ ही बच्चों को बाहर का खाना नहीं खिलाने, स्वच्छ पानी पिलाने और समय से दवा देने की सलाह दे रहे हैं। इसी प्रकार फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी के पास सिर दर्द, सांस लेने में तकलीफ सहित अन्य प्रकार के मरीज पहुंचे थे। चिकित्सक को दिखाने से लेकर जांच और दवा लेने में पसीना बहाना पड़ा। ओपीडी के आकड़ों पर गौर करें तो दोपहर तक 1490 मरीज दिखा चुके थे। वहीं, लैब में जांच कराने के लिए 386 मरीज सैंपल दे चुके थे। अन्य दिनों की तुलना में बुधवार को डेढ़ गुना मरीज थे। इसके पीछे चिकित्सकों ने तीन दिन अस्पताल बंद होना बता रहे हैं। साथ ही मौसम की बीमारी भी कारण है।
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अस्पताल में मौजूद सुविधाओं में मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। इमरजेंसी में भी सुविधाएं उपलब्ध है।
-डॉ. एके झा, प्राचार्य
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- चिकित्सक को दिखाने और जांच कराने में छूटा मरीजों का पसीना
- बच्चों और मेडिसिन के चिकित्सक के केबिन के बाहर लगी रही लंबी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बुधवार को मरीजों की भारी भीड़ रही। चिकित्सकों को दिखाने, जांच कराने और दवा लेने में मरीजों का पसीना छूट गया। कारण मरीजों की संख्या डेढ़ गुना हो गई थी। जहां सामान्य दिनों में 900 से 1100 ओपीडी होती थी। वह 1500 पहुंच गई। यह होली में तीन दिन ओपीडी बंद होने की वजह से होना बताया जा रहा है।
जिला अस्पताल के माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध होने के बाद मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। प्रतिदिन 500 की ओपीडी 900 से 1100 के बीच में पहुंच गई। होली पर तीन दिन के अवकाश के कारण बंद था। बुधवार को ओपीडी खुली तो मेडिकल कॉलेज में मरीजों की बड़ी भीड़ उमड़ पड़ी। अस्पताल में देखा गया कि सर्जन डॉ. आशीष त्रिपाठी के केबिन और बाहर मरीजों की भारी भीड़ थी। इसमें पेट दर्द, गैस और अन्य समस्या से जुड़े 190 मरीज दोपहर तक पहुंच चुके थे। रामनरेश ने बताया कि पेट दर्द और उल्टी की शिकायत थी। समस्या रविवार से थी, लेकिन अस्पताल बंद होने के कारण नहीं आए पाए थे।
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डॉ. आशीष त्रिपाठी ने बताया कि मरीजों को देखने के बाद जांच कराने की सलाह देने के साथ ही लक्षण के हिसाब से दवा दी गई। जांच रिपोर्ट के बाद फिर दवा आगे चलाई जाती है। वहीं, बालरोग विशेषज्ञ डॉ. नर्मता चौधरी के कक्ष में मरीजों की भीड़ है। इनके पास मौसमी बीमारी जैसे बुखार, जुकाम, उल्टी और दस्त की शिकायत अधिक थी। दोपहर 12 बजे तक 100 से अधिक मरीजों को देख चुकी थीं। इनके अलावा एक अन्य बालरोग विशेषज्ञ के पास इतनी ही संख्या में मरीज पहुंचे थे।
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डॉ. नर्मता ने बताया कि दवा देने के साथ ही बच्चों को बाहर का खाना नहीं खिलाने, स्वच्छ पानी पिलाने और समय से दवा देने की सलाह दे रहे हैं। इसी प्रकार फिजिशियन डॉ. सीबी चौधरी के पास सिर दर्द, सांस लेने में तकलीफ सहित अन्य प्रकार के मरीज पहुंचे थे। चिकित्सक को दिखाने से लेकर जांच और दवा लेने में पसीना बहाना पड़ा। ओपीडी के आकड़ों पर गौर करें तो दोपहर तक 1490 मरीज दिखा चुके थे। वहीं, लैब में जांच कराने के लिए 386 मरीज सैंपल दे चुके थे। अन्य दिनों की तुलना में बुधवार को डेढ़ गुना मरीज थे। इसके पीछे चिकित्सकों ने तीन दिन अस्पताल बंद होना बता रहे हैं। साथ ही मौसम की बीमारी भी कारण है।
अस्पताल में मौजूद सुविधाओं में मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। इमरजेंसी में भी सुविधाएं उपलब्ध है।
-डॉ. एके झा, प्राचार्य