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Siddharthnagar News: ट्राॅमा सेंटर नाम का, चीरा टांका की भी व्यवस्था नहीं

Wed, 16 Apr 2025 10:45 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Apr 2025 10:45 PM IST
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This is just a trauma center, there is no arrangement for stitching the incision
मेंडिकल कॉलेज के परिसर में ​​स्थित ट्रामा सेंटर। संवाद
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बना ट्राॅमा सेंटर मरीजों के लिए शो पीस बना है। यहां चीरा टांका की भी व्यवस्था नहीं है। प्लास्टर करने की व्यवस्था है भी, तो मरीज को एक्स-रे करवाने के लिए पुराने भवन जाना पड़ता है। इससे मरीजों का दर्द और भी बढ़ता है। ट्राॅमा सेंटर में दो-दो एक्स-रे मशीन हैं, लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार दोनों खराब हैं।
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ट्राॅमा सेंटर में मरीज आने के बाद अपने आपको सबसे सेफ जाेन में महसूस करता है, लेकिन मेडिकल कॉलेज में बने ट्राॅमा सेंटर में आने वाले मरीज को अपनी जान भी गंवानी पड़ सकती है। यहां की व्यवस्था को देखकर लोग आश्चर्य में पड़े हैं। लोगों का कहना है कि ट्राॅमा सेंटर में अति गंभीर मरीज को तत्काल उपचार मिल जाता है। लेकिन मेडिकल कॉलेज के ट्राॅमा सेंटर में एक्स-रे की ही मशीन बंद पड़ी है, जबकि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को तो माइनर सर्जरी के लिए कोई भी व्यवस्था नहीं है।
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स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के अनुसार ट्राॅमा सेंटर में मुख्य रूप से गंभीर चोटों के इलाज के लिए होता है। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सा और नर्सिंग देखभाल के साथ-साथ अत्यधिक विशिष्ट और परिष्कृत सर्जिकल और डायग्नोस्टिक उपकरण होते हैं। ट्रॉमा सेंटर में आपातकालीन चिकित्सा, ट्रॉमा सर्जरी, क्रिटिकल केयर, न्यूरो सर्जरी, ऑर्थोपेडिक सर्जरी, एनेस्थिसियोलॉजी और रेडियोलॉजी जैसे विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक होते हैं। संवाद
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