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Siddharthnagar News: बाहर था खौफ का माहौल... जहां थे वहां नहीं था कोई खतरा
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बढ़नी कस्बे में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते जम्मू-कश्मीर व पंजाब से अपने-अपने घर लौट रह
संवाद न्यूज एजेंसी
ढेबरुआ। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए पंजाब से अपने-अपने घरों को लौट रहे लोगों के चेहरे पर सीज फायर के बाद भी भय साफ दिखाई दे रहा है। मंगलवार की सुबह छह बजे बढ़नी में प्राइवेट बस अड्डे पर जालंधर से आई बस से उतरे यात्रियों से वहां के माहौल के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।
नेपाल जाने वाले यात्रियों ने बताया कि समाचार व अखबारों में भारत-पाक के बीच तनाव व युद्ध की शुरुआत के बारे में सुन रहे थे, लेकिन जालंधर में कोई डर नहीं था। हम सभी बिना किसी भय के अपना-अपना काम कर रहे थे। बीच- बीच में अच्छी खबर यह आ रही थी की भारतीय सेना उनकी हर कोशिश को नाकाम कर दे रही है। डर और भय के कारण हम लोग नहीं लौटे हैं। घर में मांगलिक और अन्य काम था, इसलिए आना पड़ा। कहीं किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।
नेपाली के दिलराज गिरी ने कहा कि पाकिस्तान की सीमा पर स्थित शहरों में दिक्कत रही होगी। जालंधर में तो कोई दिक्कत नहीं थी। हम कुक का काम करते हैं। नेपाल के घोराही के रहने वाले हैं।
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ढेबरुआ। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए पंजाब से अपने-अपने घरों को लौट रहे लोगों के चेहरे पर सीज फायर के बाद भी भय साफ दिखाई दे रहा है। मंगलवार की सुबह छह बजे बढ़नी में प्राइवेट बस अड्डे पर जालंधर से आई बस से उतरे यात्रियों से वहां के माहौल के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।
नेपाल जाने वाले यात्रियों ने बताया कि समाचार व अखबारों में भारत-पाक के बीच तनाव व युद्ध की शुरुआत के बारे में सुन रहे थे, लेकिन जालंधर में कोई डर नहीं था। हम सभी बिना किसी भय के अपना-अपना काम कर रहे थे। बीच- बीच में अच्छी खबर यह आ रही थी की भारतीय सेना उनकी हर कोशिश को नाकाम कर दे रही है। डर और भय के कारण हम लोग नहीं लौटे हैं। घर में मांगलिक और अन्य काम था, इसलिए आना पड़ा। कहीं किसी प्रकार की दिक्कत नहीं है।
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नेपाली के दिलराज गिरी ने कहा कि पाकिस्तान की सीमा पर स्थित शहरों में दिक्कत रही होगी। जालंधर में तो कोई दिक्कत नहीं थी। हम कुक का काम करते हैं। नेपाल के घोराही के रहने वाले हैं।
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