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Siddharthnagar News: बारिश के नहीं दिख रहे आसार...खेतों में मुरझा रहे अरमान

Tue, 22 Jul 2025 11:25 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jul 2025 11:25 PM IST
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There is no sign of rain...desires are withering in the fields
भनवापुर क्षेत्र के सेमरा बनकसिया में सूख रही धान की फसलें व अपने खेत में बैठा किसान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थनगर। आधा सावन बीतने को है, उसके बाद इस वर्ष इंद्रदेव किसानों से रूठे नजर आ रहे हैं। बीते वर्षों में सावन के दौरान खेत, खलिहानों से लेकर नदी, नालों तक जहां भरपूर पानी भरा नजर आता था। वहीं, इस वर्ष तेज धूप की वजह से खेतों में अब दरार नजर आ रही है।
बारिश न होने से जिले में किसान न तो खेतों में खाद का छिड़काव कर पा रहे हैं, और न ही रोपाई हो पा रही है। बारिश की कमी से फसल पर संकट मंडरा रहा है तथा किसानों को अकाल की काली छाया पास पहुंचती नजर आ रही है। मंगलवार को भी पूरे दिन उमस भरी गर्मी बरकरार रही। इससे मंगलवार को अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री व न्यूनतम तापमान 30 डिग्री रहा, इससे उमस और भी बढ़ गई।
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जिले के किसान खरीफ के धान की फसल पर पूरी तरह से निर्भर हैं, लेकिन बीते एक सप्ताह से पर्याप्त बारिश नहीं होने से अब किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। वर्तमान में धान के पौधे लगभग एक फीट के हो चुके हैं। सामान्य दिनों में इस समय तक किसानों का खाद, निराई सहित कई कार्य पूरी हो चुका होता है, लेकिन बारिश न होने से जिले में जहां रोपाई की हुई फसल सूख रही है, वहीं पानी की सुविधा नहीं होने वाले खेतों में अभी तक रोपाई नहीं हो पाई है।
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आसमान साफ होने, बारिश न होने तथा तेज धूप तथा गर्मी की वजह से अब धान के खेत से पानी के साथ नमी भी तेजी से कम हो रही है। मौसम का हाल देखते हुए किसानों के साथ ही साथ कृषि विभाग के अधिकारी भी चिंतित हैं तथा अब लोगों को नुकसान की चिंता सता रही है।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार धान की फसल को अब तेज बारिश की बेहद आवश्यकता है अन्यथा इस वर्ष तगड़ा नुकसान तय है। जिले के किसान राजकुमार शुक्ल, नंदलाल, हरीशचंद्र शुक्ल, राम कपिल, संजय शुक्ल, राम ललित यादव, लालता प्रसाद आदि ने बताया कि जैसे तैसे कर धान की रोपाई किए अब बारिश न होने से सूख रही धान के फसलों में दो से तीन दिन में बारिश नहीं हुई तो पानी चलाना पड़ेगा।

कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि धान की रोपाई के बाद मिट्टी में पर्याप्त नमी व आद्रर्ता की आवश्यकता होती है। एक सप्ताह से बारिश नहीं होने से खेत में धान की फसलें सूख रही है। उन किसानों को अपने खेत में पानी चलाने की आवश्यकता है।
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