{"_id":"683209c5a427f2e04b0674fc","slug":"there-is-no-bus-facility-from-khunuwan-border-passengers-are-upset-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-138067-2025-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: खुनुवां बाॅर्डर से बस की सुविधा नहीं, यात्री परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: खुनुवां बाॅर्डर से बस की सुविधा नहीं, यात्री परेशान
विज्ञापन
भारत-नेपाल सीमा पर स्थित खुनुवां कस्बा में रोडवेज बस सेवा ना होने से इधर उधर भटक रहे यात्री। सं
संवाद न्यूज एजेंसी
खुनुवां। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित खुनुवां में रोडवेज बस की सुविधा नहीं है। इससे लोगों को जिला मुख्यालय आने - जाने में दिक्कतें होती हैं। वहीं, गोरखपुर जाने में लोगों का पूरा दिन गुजर जाता है। बस संचालन से इलाज कराने और अन्य कार्य से आने वालों को सहूलियत मिलती।
भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता रहा है। सैकड़ों नेपाली नागरिकों के साथ ही स्थानीय लोग बड़े शहरों के लिए रोज सफर करते हैं। सरकारी संसाधनों की सुविधा न होने से ग्रामीणों ने विधायक से भी सरकारी बस संचालन की मांग की। लोगों को नौ किलोमीटर की दूरी तय करके शोहरतगढ़ पहुंचने के लिए निजी गाड़ी व टेंपो से आना पड़ता है।
इसके लिए लोगों को अधिक किराया देना पड़ता है। साथ ही नेपाली नागरिकों समेत खुनुवां कस्बे के लोगों को जिला मुख्यालय जाने की लिए आधे दिन का समय नष्ट होता है, और गोरखपुर पहुंचने में पूरा दिन बीत जाता है।
विज्ञापन
ऐसे में दोनों देशों के लोगों को बड़े शहरों में पढ़ाई, इलाज, रिश्तेदारी में जाने के लिए आज भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जबकि, वर्ष 2012 में खुनुवां से गोरखपुर के लिए सरकारी बस सेवा चालू थी। इसके बाद से खुनुवां कस्बे में सरकारी रोडवेज बस सेवा बंद चल रही है।
खुनुवां गांव के प्रधान संजय कुमार, रामानंद गिरी, श्यामलाल यादव, बालगोविंद पटेल, करार अहमद, दिनेश कुमार गुप्ता, रवींद्र कुमार गुप्ता आदि ने प्रशासन से शीघ्र रोडवेज बस सेवा शुरू कराने की मांग की है।
विज्ञापन
खुनुवां। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित खुनुवां में रोडवेज बस की सुविधा नहीं है। इससे लोगों को जिला मुख्यालय आने - जाने में दिक्कतें होती हैं। वहीं, गोरखपुर जाने में लोगों का पूरा दिन गुजर जाता है। बस संचालन से इलाज कराने और अन्य कार्य से आने वालों को सहूलियत मिलती।
भारत-नेपाल के बीच रोटी-बेटी का रिश्ता रहा है। सैकड़ों नेपाली नागरिकों के साथ ही स्थानीय लोग बड़े शहरों के लिए रोज सफर करते हैं। सरकारी संसाधनों की सुविधा न होने से ग्रामीणों ने विधायक से भी सरकारी बस संचालन की मांग की। लोगों को नौ किलोमीटर की दूरी तय करके शोहरतगढ़ पहुंचने के लिए निजी गाड़ी व टेंपो से आना पड़ता है।
विज्ञापन
इसके लिए लोगों को अधिक किराया देना पड़ता है। साथ ही नेपाली नागरिकों समेत खुनुवां कस्बे के लोगों को जिला मुख्यालय जाने की लिए आधे दिन का समय नष्ट होता है, और गोरखपुर पहुंचने में पूरा दिन बीत जाता है।
विज्ञापन
ऐसे में दोनों देशों के लोगों को बड़े शहरों में पढ़ाई, इलाज, रिश्तेदारी में जाने के लिए आज भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जबकि, वर्ष 2012 में खुनुवां से गोरखपुर के लिए सरकारी बस सेवा चालू थी। इसके बाद से खुनुवां कस्बे में सरकारी रोडवेज बस सेवा बंद चल रही है।
खुनुवां गांव के प्रधान संजय कुमार, रामानंद गिरी, श्यामलाल यादव, बालगोविंद पटेल, करार अहमद, दिनेश कुमार गुप्ता, रवींद्र कुमार गुप्ता आदि ने प्रशासन से शीघ्र रोडवेज बस सेवा शुरू कराने की मांग की है।