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Siddharthnagar News: भरपेट भोजन का संकट फिर भी हौसले आसमान पर
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देवरिया। 26वीं यूथ राष्ट्रीय वालीबाल चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की वालीबाल टीम की कप्तान चुनी गईं पूजा कन्नौजिया बेहद साधारण परिवार से हैं। पूजा के पिता देवरिया शहर में कपड़ा प्रेस कर अपनी आजीविका चलाते हैं। वहीं नाजिया के पिता की ढाई महीने पहले मौत हो चुकी है। इनकी मां ही नाजिया समेत सभी का भरण पोषण कर रही हैं।
मन में हौसलों की उड़ान हो तो कोई समस्या सफलता के कदम रोक नहीं पाती है। जिले की दो महिला खिलाड़ी इसे अपने जुनून और मेहनत से यह साबित करने सफल रही हैं। जिले के सदर ब्लॉक के हाटा गांव निवासी वालीबाल खिलाड़ी पूजा कन्नौजिया के पिता रामगुलाम प्रसाद करीब दस वर्ष पहले देवरिया शहर में चले आए। उनके मन में अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का जुनून सवार था। उन्होंने शहर के नाथ नगर में किराए का कमरा लिया और कपड़ा प्रेस कर घर खर्च चलाने लगे। मझली बेटी पूजा पड़ोस की एक लड़की के साथ स्टेडियम में खेलने जाने लगी। वहां की खो खो कोच शालिनी शर्मा की नजर पड़ी तो उन्होंने पूजा को खो-खो का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया। कुछ समय बीता तो तत्कालीन जिला क्रीड़ाधिकारी व वालीबाल कोच केके पांडेय ने पूजा की लंबाई देखकर उसे वालीबाल खेल का प्रशिक्षण देना शुरू किया। वर्ष 2018 में स्पोर्स्ट्स हास्टल लखनऊ में पूजा का चयन हो गया। वहां खेल के साथ साथ 12वीं की पढ़ाई पूरी किया। इस बीच पूजा लगातार खेल में बेहतर प्रदर्शन करती रहीं।पूजा अभी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बीए की पढ़ाई कर रही है। इससे पहले पूजा ने मिनी नेशनल 2018 यूपी से खेला और कांस्य पदक प्राप्त किया। वह खेलो इंडिया में 2020 और 2023 में दो बार यूपी से खेल चुकी हैं। इसके अलावा जूनियर नेशनल चैंपियनशिप 2022 व 2023 में यूपी टीम से खेलीं हैं। पूजा के पिता रामगुलाम प्रसाद ने बताया कि बच्चों को किसी तरह पढ़ा पा रहे हैं।
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तीन बहनों व एक भाई में दूसरे नंबर की हैं पूजा
- पूजा कन्नौजिया के पिता रामगुलाम प्रसाद ने बताया कि वह बच्चों को पढ़ाने के लिए देवरिया चले आए। 2013 में शहर के भटवलिया में किराए का कमरा लेकर रहने लगे। कुछ दिन बाद रामनाथ देवरिया पश्चिमी में शिफ्ट हो गए। तब से यहीं रहकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के प्रयास में कुछ भी जमा पूंजी नहीं बची है। किसी तरह गृहस्थी चल रही है। पूजा को खेल की जरुरत के अनुसार रुपये और आहार का सपोर्ट नहीं दे पाते हैं। रामगुलाम प्रसाद ने बताया कि तीन बहन और एक भाई में से पूजा कन्नौजिया दूसरे नंबर की हैं। बड़ी बेटी दिव्या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। तीसरे नंबर की बेटी अन्नू कन्नौजिया सीबीएसई से 12वीं की परीक्षा दे रही हैं। सबसे छोटा बेटा कृष्णा है। वह यूपी बोर्ड से 10वीं की परीक्षा दिया है।
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मां के साये में नाजिया कर रही खेल में उन्नति
- 26वीं यूथ राष्ट्रीय वालीबाल चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की वालीबाल टीम की सदस्य चुनी गईं नाजिया खातून ने खेल का शुरुआती अभ्यास दिल्ली में किया। इनके पिता इम्तियाज दिल्ली में कपड़ों के कारीगर थे। कशीदाकारी में माहिर इम्तियाज ने बेटी का हुनर देखा तो उसे खेल के लिए बढ़ावा देने लगे। कुछ समय पहले वह जिले के भलुअनी ब्लॉक स्थित अपने गांव बांकी सिंगही चले आए। बीते करीब ढाई महीने पहले उनका इंतकाल हो गया। तबसे नाजिया की मां राबिया ही अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही हैं। नाजिया की बड़ी बहन आशिया खातून की शादी हो गई है। इनके दो छोटे भाई चौथी व नौंवी कक्षा के छात्र हैं।
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मन में हौसलों की उड़ान हो तो कोई समस्या सफलता के कदम रोक नहीं पाती है। जिले की दो महिला खिलाड़ी इसे अपने जुनून और मेहनत से यह साबित करने सफल रही हैं। जिले के सदर ब्लॉक के हाटा गांव निवासी वालीबाल खिलाड़ी पूजा कन्नौजिया के पिता रामगुलाम प्रसाद करीब दस वर्ष पहले देवरिया शहर में चले आए। उनके मन में अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का जुनून सवार था। उन्होंने शहर के नाथ नगर में किराए का कमरा लिया और कपड़ा प्रेस कर घर खर्च चलाने लगे। मझली बेटी पूजा पड़ोस की एक लड़की के साथ स्टेडियम में खेलने जाने लगी। वहां की खो खो कोच शालिनी शर्मा की नजर पड़ी तो उन्होंने पूजा को खो-खो का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया। कुछ समय बीता तो तत्कालीन जिला क्रीड़ाधिकारी व वालीबाल कोच केके पांडेय ने पूजा की लंबाई देखकर उसे वालीबाल खेल का प्रशिक्षण देना शुरू किया। वर्ष 2018 में स्पोर्स्ट्स हास्टल लखनऊ में पूजा का चयन हो गया। वहां खेल के साथ साथ 12वीं की पढ़ाई पूरी किया। इस बीच पूजा लगातार खेल में बेहतर प्रदर्शन करती रहीं।पूजा अभी कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बीए की पढ़ाई कर रही है। इससे पहले पूजा ने मिनी नेशनल 2018 यूपी से खेला और कांस्य पदक प्राप्त किया। वह खेलो इंडिया में 2020 और 2023 में दो बार यूपी से खेल चुकी हैं। इसके अलावा जूनियर नेशनल चैंपियनशिप 2022 व 2023 में यूपी टीम से खेलीं हैं। पूजा के पिता रामगुलाम प्रसाद ने बताया कि बच्चों को किसी तरह पढ़ा पा रहे हैं।
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तीन बहनों व एक भाई में दूसरे नंबर की हैं पूजा
- पूजा कन्नौजिया के पिता रामगुलाम प्रसाद ने बताया कि वह बच्चों को पढ़ाने के लिए देवरिया चले आए। 2013 में शहर के भटवलिया में किराए का कमरा लेकर रहने लगे। कुछ दिन बाद रामनाथ देवरिया पश्चिमी में शिफ्ट हो गए। तब से यहीं रहकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के प्रयास में कुछ भी जमा पूंजी नहीं बची है। किसी तरह गृहस्थी चल रही है। पूजा को खेल की जरुरत के अनुसार रुपये और आहार का सपोर्ट नहीं दे पाते हैं। रामगुलाम प्रसाद ने बताया कि तीन बहन और एक भाई में से पूजा कन्नौजिया दूसरे नंबर की हैं। बड़ी बेटी दिव्या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। तीसरे नंबर की बेटी अन्नू कन्नौजिया सीबीएसई से 12वीं की परीक्षा दे रही हैं। सबसे छोटा बेटा कृष्णा है। वह यूपी बोर्ड से 10वीं की परीक्षा दिया है।
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मां के साये में नाजिया कर रही खेल में उन्नति
- 26वीं यूथ राष्ट्रीय वालीबाल चैंपियनशिप में उत्तर प्रदेश की वालीबाल टीम की सदस्य चुनी गईं नाजिया खातून ने खेल का शुरुआती अभ्यास दिल्ली में किया। इनके पिता इम्तियाज दिल्ली में कपड़ों के कारीगर थे। कशीदाकारी में माहिर इम्तियाज ने बेटी का हुनर देखा तो उसे खेल के लिए बढ़ावा देने लगे। कुछ समय पहले वह जिले के भलुअनी ब्लॉक स्थित अपने गांव बांकी सिंगही चले आए। बीते करीब ढाई महीने पहले उनका इंतकाल हो गया। तबसे नाजिया की मां राबिया ही अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही हैं। नाजिया की बड़ी बहन आशिया खातून की शादी हो गई है। इनके दो छोटे भाई चौथी व नौंवी कक्षा के छात्र हैं।