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Siddharthnagar News: बांध में हैं अनगिनत होल, टूटा बांध तो बाढ़ मचाएगी तबाही

Mon, 14 Jul 2025 01:04 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Jul 2025 01:04 AM IST
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There are countless holes in the dam, if the dam is broken then flood will cause devastation.
डुमरियागंज बांसी और बांसी पनघटिया बांध में रैनकट और रैट होल। संवाद
प्रशासन के कार्य करने के दावे के बीच एक ही बारिश में बांध की दिखी हकीकत
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-डुमरियागंज-बांसी बांध के कटने से सैकड़ों गांव आएंगे बाढ़ की जद में

- बांसी और डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में राप्ती नदी का बांध जर्जर
-बाढ़ बचाव के दावे की हवा निकाल रहा जर्जर बांध और उसके किनारे बने होल
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। राप्ती नदी के तट पर बने सभी बांध जर्जर हैं। इनके रखरखाव का कोई काम न के बराबर हुआ है। तटवर्ती गांव के लोगों का मानना है कि यदि नदियों में उफान आया तो यह बांध पानी का दबाव नहीं झेल पाएंगे। बारिश में कई स्थानों में बांध में ऐसे होल हो गए हैं कि अगर नदी का जलस्तर बढ़ा तो तबाही मचने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। नदी तट पर बसे ग्रामीण काफी चिंतित हैं।
बांसी तहसील क्षेत्र में राप्ती हर साल तबाही मचाती है। बाढ़ से बचाव के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन वह कागजाें तक ही सीमित हैं। बारिश शुरू होने के बाद राप्ती के किनारे बसे लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। कारण बांध जर्जर है जो एक दबाव भी नहीं झेल पाएगा है। तीन वर्ष पूर्व बूढ़ी राप्ती के दक्षिणी छोर पर स्थित असोगवा नगवा बांध के कटने से हुई भीषण तबाही को लोग अभी भूल नहीं पाए हैं।
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अब राप्ती के तट पर बने सोनखर हाटा, बांसी पनघटिया, बांसी डुमरियागंज, डुमरियागंज बांसी व नरकटहा सोनखर बांध का है, सभी जर्जर हैं, जिसकी सच्चाई से सिंचाई विभाग के अधिकारी वाकिफ हैं। बीते वर्षों में सभी बांधों में दर्जनों स्थान पर रिसाव हो रहा था, जिसे रोकने में विभागीय अभियंताओं, ठेकेदारों व ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी।
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सभी बांध में काफी संख्या में रैन कट व रैट होल हैं, जो खतरे को दावत दे रहे हैं। गौरतलब बात यह है कि राप्ती के दक्षिणी व पश्चिमी तट पर स्थित डुमरियागंज बांसी बांध काफी जर्जर है। इसी पर सिंचाई विभाग का कार्यालय है और कार्यालय से पांच सौ मीटर दूर कई रैन कट हैं। इसके बाद भी सिंचाई विभाग के जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नदी के तट पर बसे इंद्रजीत, रामदास, इसहाक, रमजान, दिलीप तिवारी, अर्जुन का कहना है कि जगह-जगह चूहा व शाही आदि जानवर ने बांध को जर्जर कर दिया है और बांध में काफी संख्या में रैन कट हैं। इसके बावजूद बांध के रखरखाव का कोई काम नहीं किया गया। जो चिंता का विषय है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ बांध पर कहीं-कहीं मामूली मिट्टी डाली गई है। जो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।
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बाढ़ आई तो ठप हो जाएगा आवागमन
बांसी। डुमरियागंज बांसी बांध एक दर्जन से अधिक गांव के आवागमन का साधन है। इस बांध पर बड़े-बड़े होल राहगीरों के लिए काफी खतरनाक हैं। यह होल दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। इस बांध से गरगजवा, पिपरहिया, कटहा, बनकटिया, हरैया, रुदलापुर, खरिका राजा, सकतपुर, खरिका दूबे, खरिका पांडेय, हरिद्वार आदि गांव के लोग आगमन करते हैं। इसी बांध पर बांसी में सिंचाई विभाग का कार्यालय स्थित है। इसके पीछे एक किलोमीटर के अंदर कई बड़े-बड़े होल हैं । जो बांध को क्षति पहुंचा रहे हैं, और इससे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना बनी हुई है। संवाद
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बैदौला से भड़रिया बांध जर्जर, यहां-वहां मिट्टी गिरा कर मरम्मत का कोरम पूर्ण

शाहपुर। बैदौला से भड़रिया बांध पर कई जगह खनन माफिया ने बांध काट कर रास्ता बना लिया है। जिनकी खबर अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर को संज्ञान में लेकर विभाग ने कुछ कटान स्थलों पर यहां-वहां मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी, लेकिन राप्ती सेतु से रोडवेज तक बांध में बीते वर्ष कई स्थानों पर रिसाव हो रहा था। रिसाव स्थलों पर जिम्मेदारों ने अब तक कोई ठोस कार्य नहीं करवाया, जिससे राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखकर नगरवासियों में डर का माहौल है। बैदौला से भड़रिया करीब 10 किलोमीटर लंबे बांध पर अब भी कुछ स्थानों पर गैपिंग बरकरार है। वहीं जिन स्थानों पर बांध बन गया है वह अब जर्जर है। बीते वर्ष जुलाई में आई बाढ़ में राप्ती सेतु से डुमरियागंज रोडवेज बस स्टेशन तक कई स्थानों पर रिसाव हो रहा था। खैर नगर वासियों के अथक प्रयास से किसी तरह रिसाव को रोका गया, लेकिन रिसाव स्थलों पर अब तक कोई ठोस कार्य हुआ ही नहीं है। इससे नगर वासियों में डर का माहौल है।
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बोले लोग
तेलियाना मोहल्ला से निकलने वाली सड़क जो बांध पर जाती है। राप्ती नदी का जलस्तर जब बढ़ता है तो धारा उसी पर टकराती है। उस स्थान पर किसी ने एक ट्रॉली बलूई मिट्टी गिरा दी है। जो एक सप्ताह में धूल बनकर उड़ जाएगी। जिम्मेदार आंख मूंदे बैठे हैं। ऐसा करवाने से अच्छा है कुछ न हो। अगर बाढ़ में बांध कटा तो सबसे अधिक नुकसान हमारे वार्ड को होगा।

-मालहन हबीबुल्लाह नगर
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जिम्मेदार लापरवाही से काम करवाते हैं। सभी को पता है कि तेलियाना मोहल्ला से रोडवेज तक बांध जर्जर है। बीते साल आई बाढ़ में कई जगह बांध से रिसाव हो रहा था। उसके बाद भी जिम्मेदारों ने रिसाव स्थलों पर कोई ठोस कार्य नहीं करवाया है। बाढ़ में दोबारा रिसाव होने से बांध कटने का खतरा है।


-जगरनाथ साहू, हबीबुल्लाह नगर
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बोले जिम्मेदार
बांध पर काम चल रहा है। पीछे से रैनकट और रैट होल की भराई की जा रही है। जल्द ही भराई हो जाएगी।
-अमित कुमार मल्ल, सहायक अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड, सिद्धार्थनगर
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहकर बांध में जो भी कमी है उसे ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे बाढ़ की स्थिति न बनने पाए।
-शशांक शेखर राय, एसडीएम, बांसी
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