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Siddharthnagar News: भागवत कथा में गूंजा शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग, भाव विभोर हुए श्रद्धालु
Tue, 02 Jun 2026 02:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 02 Jun 2026 02:02 AM IST
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भारतभारी। भनवापुर क्षेत्र के कमसार गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रविवार की रात शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास मदन शास्त्री ने भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह की कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथा सुनते ही पूरा पंडाल हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।
कथावाचक ने बताया कि पर्वतराज हिमालय की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर माता जगदंबा ने उनके यहां पुत्री रूप में जन्म लेने का वरदान दिया था। इसके बाद माता पार्वती ने हिमालय के घर जन्म लिया। जैसे-जैसे पार्वती बड़ी हुईं, पर्वतराज को उनके विवाह की चिंता सताने लगी। उन्होंने कहा कि माता पार्वती बचपन से ही भगवान भोलेनाथ की अनन्य भक्त थीं। एक दिन महर्षि नारद पर्वतराज के घर पहुंचे और उन्होंने भगवान शिव के साथ पार्वती के विवाह का संयोग बताया। कथा में उस प्रसंग का भी मार्मिक वर्णन किया गया। जब भगवान भोलेनाथ नंदी पर सवार होकर भूत-प्रेतों और गणों के साथ बारात लेकर पहुंचे। विचित्र बारात को देखकर पर्वतराज और उनके परिजन अचंभित रह गए, लेकिन माता पार्वती ने प्रसन्नता पूर्वक भगवान शिव को अपने पति के रूप में स्वीकार किया। कथा के दौरान अमरनाथ त्रिपाठी, मंजू त्रिपाठी, अमित कुमार, अरविंद कुमार, अजीत त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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कथावाचक ने बताया कि पर्वतराज हिमालय की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर माता जगदंबा ने उनके यहां पुत्री रूप में जन्म लेने का वरदान दिया था। इसके बाद माता पार्वती ने हिमालय के घर जन्म लिया। जैसे-जैसे पार्वती बड़ी हुईं, पर्वतराज को उनके विवाह की चिंता सताने लगी। उन्होंने कहा कि माता पार्वती बचपन से ही भगवान भोलेनाथ की अनन्य भक्त थीं। एक दिन महर्षि नारद पर्वतराज के घर पहुंचे और उन्होंने भगवान शिव के साथ पार्वती के विवाह का संयोग बताया। कथा में उस प्रसंग का भी मार्मिक वर्णन किया गया। जब भगवान भोलेनाथ नंदी पर सवार होकर भूत-प्रेतों और गणों के साथ बारात लेकर पहुंचे। विचित्र बारात को देखकर पर्वतराज और उनके परिजन अचंभित रह गए, लेकिन माता पार्वती ने प्रसन्नता पूर्वक भगवान शिव को अपने पति के रूप में स्वीकार किया। कथा के दौरान अमरनाथ त्रिपाठी, मंजू त्रिपाठी, अमित कुमार, अरविंद कुमार, अजीत त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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