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थाने के मुंशी की बाइक सीज हुई
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 08 Nov 2016 10:39 PM IST
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घटना स्थल पर पहुंचे एसपी प्रमोद कुमार ने मौके का जायजा लिया।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले अब किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे। फिर वह चाहे पुलिस विभाग का नुमाइंदा ही क्यों न हो। जिला पुलिस ने मंगलवार को पुलिस ऑफिस में ही वाहनों की चेकिंग कर इसके संकेत दे दिए हैं। एएसपी और सीओ सदर ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ऑफिस में खड़े बिना रजिस्ट्रेशन वाले 6 वाहनों को पकड़ा। दो बाइक सीज किया, जबकि चार वाहनों से समन शुल्क वसूल किया गया।
थाने के मुंशी की बाइक भी सीज कर दी गई। वहीं, चेकिंग देख एक दरोगा अपनी बाइक छोड़ गायब हो गया।
पुलिस ऑफिस खुलते ही एएसपी अशोक कुमार ने पार्किंग का निरीक्षण किया। वहां खड़े एक चार पहिया समेत तीन वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं था। पता किया तो कर्मियों ने बताया कि सभी गाड़ियां ऑफिस में तैनात लिपिक व फालोवर की है। इसके बाद एएसपी ने लिपिक खुर्शीद अहमद, उर्दू अनुवादक इनामुल्लाह व फालोवर शिवपूजन दुबे को तलब किया। कानून का हवाला देते हुए नियम के तहत सम्मन शुल्क जमा करने की हिदायत दी।
इसके एक घंटे बाद सीओ ट्रैफिक व टीएसआई शिवाकांत मिश्रा ने पार्किंग का निरीक्षण किया। दो ऐसी बाइक मिली, जिनके नंबर प्लेट पर रजिस्ट्रेशन के स्थान पर केवल पुलिस लिखा हुआ था। बाइक मालिकों को खोजा तो सदर थाने के एक मुंशी व दूसरी बाइक एक दरोगा जी की थी। मुंशी संजय पांडेय को बुलाकर गाड़ी सीज करने का आदेश थमाया। वहीं दरोगा को जैसे ही सूचना मिली तो वह बाइक छोड़ गायब हो गए। सीओ ट्रैफिक ने गाड़ी को कब्जे में लेने का निर्देश दिया।
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इसी दौरान ऑफिस में नई बाइक पर तीन सवारी पहुंच गई। पुलिस ने देखा तो गाड़ी शो-रूम से निकली थी। थाना उसका बाजार के ग्राम अमरिया निवासी राधेकृष्ण ने रजिस्ट्रेशन के संबंध में बताया कि जिला महाराजगंज के फरेंदा स्थित एक एजेंसी से बाइक खरीदी है। एक माह के बाद रजिस्ट्रेशन के कागज देने को कहा है। इसको संज्ञान में लेते हुए एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
इस संबंध में एएसपी अशोक कुमार ने कहा कि यातायात माह के तहत अब पुलिस, पत्रकार व जनप्रतिनिधियों के गाडिय़ों की चेकिंग की जाएगी। मंगलवार को पूरे जिले में चले अभियान के दौरान 402 गाड़ियों का चालान कर 1.09 लाख रुपये जुर्माना वसूल किया गया।
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थाने के मुंशी की बाइक भी सीज कर दी गई। वहीं, चेकिंग देख एक दरोगा अपनी बाइक छोड़ गायब हो गया।
पुलिस ऑफिस खुलते ही एएसपी अशोक कुमार ने पार्किंग का निरीक्षण किया। वहां खड़े एक चार पहिया समेत तीन वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं था। पता किया तो कर्मियों ने बताया कि सभी गाड़ियां ऑफिस में तैनात लिपिक व फालोवर की है। इसके बाद एएसपी ने लिपिक खुर्शीद अहमद, उर्दू अनुवादक इनामुल्लाह व फालोवर शिवपूजन दुबे को तलब किया। कानून का हवाला देते हुए नियम के तहत सम्मन शुल्क जमा करने की हिदायत दी।
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इसके एक घंटे बाद सीओ ट्रैफिक व टीएसआई शिवाकांत मिश्रा ने पार्किंग का निरीक्षण किया। दो ऐसी बाइक मिली, जिनके नंबर प्लेट पर रजिस्ट्रेशन के स्थान पर केवल पुलिस लिखा हुआ था। बाइक मालिकों को खोजा तो सदर थाने के एक मुंशी व दूसरी बाइक एक दरोगा जी की थी। मुंशी संजय पांडेय को बुलाकर गाड़ी सीज करने का आदेश थमाया। वहीं दरोगा को जैसे ही सूचना मिली तो वह बाइक छोड़ गायब हो गए। सीओ ट्रैफिक ने गाड़ी को कब्जे में लेने का निर्देश दिया।
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इसी दौरान ऑफिस में नई बाइक पर तीन सवारी पहुंच गई। पुलिस ने देखा तो गाड़ी शो-रूम से निकली थी। थाना उसका बाजार के ग्राम अमरिया निवासी राधेकृष्ण ने रजिस्ट्रेशन के संबंध में बताया कि जिला महाराजगंज के फरेंदा स्थित एक एजेंसी से बाइक खरीदी है। एक माह के बाद रजिस्ट्रेशन के कागज देने को कहा है। इसको संज्ञान में लेते हुए एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
इस संबंध में एएसपी अशोक कुमार ने कहा कि यातायात माह के तहत अब पुलिस, पत्रकार व जनप्रतिनिधियों के गाडिय़ों की चेकिंग की जाएगी। मंगलवार को पूरे जिले में चले अभियान के दौरान 402 गाड़ियों का चालान कर 1.09 लाख रुपये जुर्माना वसूल किया गया।