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Siddharthnagar News: ‘परफेक्ट बॉडी’ का दबाव बना रहा बीमार, डाइटिंग सेहत पर भारी
Wed, 06 May 2026 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 06 May 2026 01:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिम में बढ़ती भीड़ और सोशल मीडिया पर ‘परफेक्ट बॉडी’ का दबाव अब सेहत पर भारी पड़ने लगा है। जल्द पतले होने की चाह में लोग बिना विशेषज्ञ सलाह के क्रैश डाइटिंग अपना रहे हैं।
इसके कारण जिले के अस्पतालों में कमजोरी, एनीमिया और हार्मोनल गड़बड़ी जैसे मामलों के मरीज बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञ भी चेतावनी दे रहे हैं कि जल्दबाजी में अपनाई जा रही डाइटिंग शरीर को फायदा कम, नुकसान ज्यादा पहुंचा रही है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के साथ ही तमाम सरकारी गैर सरकारी अस्पतालों में इसकी शिकायतें लेकर अक्सर मरीज पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जरूरत से ज्यादा परहेज और असंतुलित खानपान से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। इससे एनीमिया, कमजोरी, हार्मोनल असंतुलन, थकान और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। अचानक वजन घटाने की कोशिश मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित करती है, जिससे आगे चलकर वजन तेजी से बढ़ने का खतरा रहता है।
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शहर के जिम संचालकों के अनुसार, फिटनेस को लेकर लोगों में जागरूकता तो बढ़ी है, लेकिन सही जानकारी के अभाव में कई लोग इंटरनेट या सोशल मीडिया से देखी गई डाइट फॉलो करने लगते हैं। इससे उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिलता, बल्कि कई बार स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ जाती हैं। डॉ. आशुतोष शुक्ल के अनुसार फिट रहने का मतलब केवल पतला दिखना नहीं बल्कि मानसिक और शारीरिक रूप से संतुलित रहना है।
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सिद्धार्थनगर। जिम में बढ़ती भीड़ और सोशल मीडिया पर ‘परफेक्ट बॉडी’ का दबाव अब सेहत पर भारी पड़ने लगा है। जल्द पतले होने की चाह में लोग बिना विशेषज्ञ सलाह के क्रैश डाइटिंग अपना रहे हैं।
इसके कारण जिले के अस्पतालों में कमजोरी, एनीमिया और हार्मोनल गड़बड़ी जैसे मामलों के मरीज बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञ भी चेतावनी दे रहे हैं कि जल्दबाजी में अपनाई जा रही डाइटिंग शरीर को फायदा कम, नुकसान ज्यादा पहुंचा रही है।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के साथ ही तमाम सरकारी गैर सरकारी अस्पतालों में इसकी शिकायतें लेकर अक्सर मरीज पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जरूरत से ज्यादा परहेज और असंतुलित खानपान से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। इससे एनीमिया, कमजोरी, हार्मोनल असंतुलन, थकान और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। अचानक वजन घटाने की कोशिश मेटाबॉलिज्म को भी प्रभावित करती है, जिससे आगे चलकर वजन तेजी से बढ़ने का खतरा रहता है।
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शहर के जिम संचालकों के अनुसार, फिटनेस को लेकर लोगों में जागरूकता तो बढ़ी है, लेकिन सही जानकारी के अभाव में कई लोग इंटरनेट या सोशल मीडिया से देखी गई डाइट फॉलो करने लगते हैं। इससे उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिलता, बल्कि कई बार स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ जाती हैं। डॉ. आशुतोष शुक्ल के अनुसार फिट रहने का मतलब केवल पतला दिखना नहीं बल्कि मानसिक और शारीरिक रूप से संतुलित रहना है।