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Siddharthnagar News: अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को इलाज की दरकार
Fri, 05 Sep 2025 12:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 05 Sep 2025 12:41 AM IST
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जोगिया। ब्लाॅक क्षेत्र के नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टड़िया बाजार के भवन में बारिश के समय छत से पानी टपकता है। साथ ही अस्पताल परिसर में न तो पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था है और न ही यहां बने शौचालय व बाथरूम में ही पानी उपलब्ध है।
अस्पताल में इलाज कराने आने-वाले मरीज अपने साथ बोतल का पानी लेकर आते हैं। अगर आप भी इलाज कराने पहुंच रहे हैं तो पीने का पानी साथ लेकर आएं, वरना आपको प्यासा रहना पड़ सकता है। सड़क से नीचे होने के कारण बारिश के मौसम में अस्पताल परिसर में पानी भर जाता है, जिससे मरीजों को पानी से होकर आना पड़ता है। वहीं, अस्पताल परिसर में कर्मचारियों के लिए बने आवास जर्जर हो चुके है। इनमें खिड़की और दरवाजे गायब हो चुके है।
दीवारों में ईंटें भी नजर आने लगे हैं। कई जगह बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। स्थानीय कर्मियों ने विभाग से इसकी मरम्मत की मांग भी की गई, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इस अस्पताल से जुड़े आसपास के 30 से अधिक गांव के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया होती है फिर भी इसके मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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बंद पड़ा वार रूम : कोरोना काल के बाद से अस्पताल में वार रूम का निर्माण हुआ था, लेकिन अभी तक इसे अस्पताल को हैंडओवर नहीं किया गया है। इससे नए भवन का भी उपयोग नहीं हो रहा है।
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अस्पताल में इलाज कराने आने-वाले मरीज अपने साथ बोतल का पानी लेकर आते हैं। अगर आप भी इलाज कराने पहुंच रहे हैं तो पीने का पानी साथ लेकर आएं, वरना आपको प्यासा रहना पड़ सकता है। सड़क से नीचे होने के कारण बारिश के मौसम में अस्पताल परिसर में पानी भर जाता है, जिससे मरीजों को पानी से होकर आना पड़ता है। वहीं, अस्पताल परिसर में कर्मचारियों के लिए बने आवास जर्जर हो चुके है। इनमें खिड़की और दरवाजे गायब हो चुके है।
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दीवारों में ईंटें भी नजर आने लगे हैं। कई जगह बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं। स्थानीय कर्मियों ने विभाग से इसकी मरम्मत की मांग भी की गई, लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इस अस्पताल से जुड़े आसपास के 30 से अधिक गांव के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया होती है फिर भी इसके मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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बंद पड़ा वार रूम : कोरोना काल के बाद से अस्पताल में वार रूम का निर्माण हुआ था, लेकिन अभी तक इसे अस्पताल को हैंडओवर नहीं किया गया है। इससे नए भवन का भी उपयोग नहीं हो रहा है।